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आरएएफ फेयरफोर्ड घटना में ईरान की संलिप्तता के मिले मजबूत संकेत, प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने दी जानकारीमध्य पूर्व
30 सित॰ 2026, 10:17 pm (1 घंटे पहले)· 0

आरएएफ फेयरफोर्ड घटना में ईरान की संलिप्तता के मिले मजबूत संकेत, प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने दी जानकारी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा है कि आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस पर हुई संदिग्ध घटना में ईरान का हाथ होने के मजबूत संकेत मिले हैं, हालांकि तेहरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने आरएएफ फेयरफोर्ड के पास सामने आई संदिग्ध गतिविधि के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि सरकार को इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि सप्ताहांत में घटित इस मामले के पीछे ईरान का हाथ रहा है। इस संवेदनशील घटनाक्रम के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा विस्तृत कर दिया है, जबकि दूसरी ओर ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार करते हुए ब्रिटिश दावों को खारिज कर दिया है।

सख्त शर्तों पर जमानत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस मामले में पकड़े गए पांच संदिग्धों को जमानत दिए जाने के अदालती फैसले ने कूटनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रिहाई पर सीधे सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की थी। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इन संदिग्धों को जमानत दिए जाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे और इस रिहाई पर उन्हें हैरानी हुई है। इस रुख के सामने आने के बाद ब्रिटिश नेतृत्व ने अपनी न्यायिक व सुरक्षा प्रक्रिया का बचाव किया।

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प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि लोगों को यह समझने की आवश्यकता है कि संदिग्धों की रिहाई सामान्य नहीं है, बल्कि उन्हें बेहद कड़ी और सख्त जमानत शर्तों के दायरे में रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की इस पूरे नेटवर्क और मामले पर बेहद मजबूत पकड़ और सख्त नियंत्रण है। इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि ब्रिटिश सरकार पूरे हफ्ते अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में रही है ताकि यह पारदर्शी रूप से समझाया जा सके कि जमीनी स्तर पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। बर्नहैम ने ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए रेखांकित किया कि यह एक निरंतर चलने वाली, अत्यंत जटिल और गंभीर पुलिस जांच है जिसमें अमेरिका के साथ करीबी समन्वय रखा जा रहा है।

संदिग्ध वैन, तलाशी और जांच का ब्योरा

पुलिस कार्रवाई की शुरुआत रविवार तड़के उस समय हुई जब फेयरफोर्ड एयरबेस के ठीक पूर्व में स्थित वेल्फोर्ड गांव में स्थानीय पुलिस को तीन संदिग्ध गाड़ियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद हरकत में आई सुरक्षा टीमों ने 23 से 25 वर्ष की आयु के पांच ब्रिटिश नागरिकों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए इन युवकों में से चार वेस्टमिंस्टर और एक कैमडेन का निवासी है। सुरक्षा बलों ने इनके सभी रिहायशी ठिकानों की गहन तलाशी पूरी कर ली है।

तलाशी अभियान के दौरान जब्त की गई वैन से पुलिस को पेट्रोल बरामद हुआ, हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहनों के भीतर से कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला। संदिग्धों को जमानत पर छोड़ने के कदम को पुलिस अधिकारियों ने अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित एक जांच संबंधी निर्णय बताया है, जिससे नेटवर्क के अन्य पहलुओं पर लगातार नजर रखी जा सके।

वैश्विक सुरक्षा जोखिम और कूटनीतिक तनाव

अमेरिकी प्रशासन भी इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है। रूबियो ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा कि यह घटना उस जमीनी हकीकत को दर्शाती है जिसका सामना दुनिया कर रही है, जहां ईरान जैसे तत्व वैश्विक स्तर पर अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की खुली धमकियां दे रहे हैं। यह बयान साफ करता है कि पश्चिमी देशों के सुरक्षा तंत्र इसे केवल एक स्थानीय कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक टकराव का हिस्सा मान रहे हैं।

आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस का रणनीतिक महत्व कई दशकों से बना हुआ है, क्योंकि अमेरिकी वायु सेना इसका उपयोग अग्रिम संचालन ठिकाने के तौर पर करती आई है। हाल के महीनों में इसी बेस से अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने पश्चिम एशिया के अभियानों के लिए उड़ानें भरी थीं, जब ब्रिटेन ने ईरान पर रक्षात्मक हमलों के अमेरिकी अनुरोध को अपनी मंजूरी दी थी। इसके जवाब में जुलाई के महीने में ईरान ने सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि ईरानी धरती के खिलाफ आक्रामकता के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य ठिकाना उसके बलों के लिए वैध निशाना बन जाता है।

लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए औपचारिक बयान जारी किया है। दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ईरान को इस नवीनतम घटना से जोड़ने वाले सभी बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण कयासों को पूरी तरह खारिज करता है और इनकी कड़ी निंदा करता है। इसके बावजूद दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र हाई अलर्ट पर बने हुए हैं और मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

सवाल-जवाब

आरएएफ फेयरफोर्ड पर वास्तव में क्या घटना घटी थी?
एयरबेस के पास स्थित वेल्फोर्ड गांव में रविवार तड़के तीन संदिग्ध गाड़ियां देखी गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने पांच ब्रिटिश नागरिकों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए संदिग्धों के पास से तलाशी में क्या मिला?
पुलिस को संदिग्ध वैन की तलाशी के दौरान पेट्रोल मिला, हालांकि गाड़ियों के भीतर कोई विस्फोटक उपकरण नहीं पाया गया।
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने ईरान के संबंध में क्या कहा?
प्रधानमंत्री बर्नहैम ने कहा कि इस बात के मजबूत संकेत हैं कि फेयरफोर्ड में हुई घटना में ईरान की संलिप्तता रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदिग्धों को जमानत पर रिहा किए जाने पर हैरानी जताई और कहा कि वह उन्हें जमानत बिल्कुल नहीं देते।
ईरान का इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक रुख है?
लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए घटना में अपनी किसी भी भूमिका की कड़ी निंदा और खंडन किया है।
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