सऊदी अरब की राजधानी स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को नए सिरे से हमला हुआ, जिसके तुरंत बाद पूरे परिसर को खाली करा लिया गया और हवाई यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। इस ताजा घटनाक्रम की जानकारी दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने साझा की है। खाड़ी क्षेत्र में गहराते तनाव के बीच रियाद का मुख्य हवाई अड्डा लगातार संकट का सामना कर रहा है। इससे ठीक 2 दिन पहले हुए एक अन्य हमले में एक पायलट सहित 3 सऊदी नागरिकों की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन सैन्य कार्रवाइयों से यह साफ दिखाई दे रहा है कि सऊदी अरब इस नए क्षेत्रीय मोर्चे पर गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
परिसर खाली कराने के साथ उड़ानों की आवाजाही थमी
शनिवार को हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने के तुरंत बाद वहां मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरे रनवे और टर्मिनल क्षेत्र में विमानों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया। दोनों अधिकारियों ने यह संवेदनशील जानकारी साझा करते हुए अपनी पहचान उजागर नहीं की, क्योंकि उन्हें इस बारे में सार्वजनिक तौर पर बयान जारी करने का अधिकार नहीं था। हमले के बाद मची अफरा-तफरी को देखते हुए हवाई अड्डा प्रबंधन की ओर से यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की गई। प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ानों के संचालन और समय की ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
सप्ताह भर से हवाई ठिकानों पर लगातार दबाव
सऊदी अरब की राजधानी का यह व्यस्त किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पिछले एक हफ्ते के दौरान कई बार हमलों की जद में आ चुका है। इन हमलों में अचानक तेजी तब देखी गई, जब सऊदी अरब की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन ने पड़ोसी देश यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा फौजी अभियान शुरू किया। इससे पहले बुधवार को हुए एक अन्य हमले में सूडान के 1 नागरिक की जान चली गई थी। उस वक्त हुए हमलों की जिम्मेदारी हूती लड़ाकों ने ली थी। हालांकि शनिवार को हुए इस ताजा हमले के बाद हूती विद्रोहियों की ओर से तुरंत कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया।
राजधानी में गूंजे दो बड़े धमाके
रियाद के आवासीय इलाके में रहने वाले स्थानीय नागरिक अहमद सैयद ने बताया कि उन्होंने शहर में कम से कम 2 बहुत जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। इन तेज आवाजों से पूरी राजधानी का इलाका दहल उठा और लोगों में डर फैल गया। शुरुआती दौर में यह साफ नहीं हो पाया कि यह हमला किस हथियार से अंजाम दिया गया था और इससे एयरपोर्ट को जमीनी स्तर पर कितना नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सऊदी प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हमले के असर या नुकसान को लेकर तुरंत कोई विस्तृत विवरण जारी नहीं किया। यमन के भीतर ईरान समर्थित हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी फौजों के बीच जंग बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। सऊदी गठबंधन यमनी सेना को हवाई सुरक्षा और मदद दे रहा है, ताकि लाल सागर के रणनीतिक इलाकों में हूती लड़ाकों के बढ़ते कदमों को रोका जा सके।
समुद्री रास्तों पर नजर और नाकेबंदी का टकराव
लाल सागर के तटीय इलाकों में हूती विद्रोहियों की नई रणनीतिक बढ़त ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय जहाजों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने की ताकत दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसे संकट के समय होर्मुज जलडमरूमध्य के एक अहम विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हूती लड़ाकों का कहना है कि वे अपने ऊपर थोपी गई नाकेबंदी का बदला लेने के लिए ही केवल सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उनका दावा है कि यह पूरी सैन्य कार्रवाई उनके खिलाफ जारी आर्थिक और सैन्य पाबंदियों के जवाब में की जा रही है। इसके बावजूद सुरक्षा जानकारों को आशंका है कि यह संघर्ष अब केवल जहाजों तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में अन्य ठिकानों पर भी हमले बढ़ सकते हैं।


















