सऊदी अरब की राजधानी में स्थित रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। इस विनाशकारी हमले में कुल 12 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जबकि घायल होने वालों का आंकड़ा 300 के पार पहुंच चुका है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की है कि इस घटना में 11 भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और स्थानीय प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन से सीधा संपर्क स्थापित कर जख्मी भारतीयों के समुचित उपचार की लगातार निगरानी कर रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने नागरिक क्षेत्रों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाए जाने पर बेहद कड़ा ऐतराज दर्ज कराया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिकों और हवाई अड्डों जैसे नागरिक ढांचों पर इस तरह के हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें बिना किसी देरी के तुरंत रोका जाना चाहिए। 10 अक्टूबर को अंजाम दिए गए इस हमले में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। भारत सरकार ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
सऊदी अरब की संप्रभुता के साथ खड़ा हुआ भारत, क्षेत्रीय शांति की मांग
भारत ने इस मुश्किल घड़ी में सऊदी अरब की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के प्रति वहां की सरकार तथा नागरिकों के साथ पूर्ण एकजुटता प्रदर्शित की है। विदेश मंत्रालय ने आशा व्यक्त की है कि खाड़ी क्षेत्र में जल्द से जल्द स्थिरता और शांति की बहाली होगी। भारत की ओर से यह कड़ा रुख ऐसे नाजुक दौर में सामने आया है, जब सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों पर लक्षित हमलों का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। इन आक्रामक घटनाओं ने न केवल आम यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया की रणनीतिक स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत ने साफ किया है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिक ठिकानों पर हमले को जायज नहीं ठहराया जा सकता।
नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श और पिछले हमलों की पृष्ठभूमि
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने 8 अक्टूबर को भी सऊदी अरब के दो अलग-अलग हवाई अड्डों पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की थी। हूती विद्रोहियों द्वारा पिछले दिनों इन हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने के बाद ही भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाली कोई भी सैन्य कार्रवाई बर्दाश्त के बाहर है। उस समय भारत ने सऊदी अरब में निवास करने वाले अपने विशाल प्रवासी समुदाय के लिए आवश्यक सुरक्षा परामर्श जारी किया था। सभी भारतीय प्रवासियों से अपील की गई थी कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करें और सुरक्षा से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखें।
किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुआ हमला और गहराता भू-राजनीतिक संकट
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दर्ज किए गए पिछले दो हमलों में चार लोगों की मौत हुई थी, साथ ही हवाई पट्टी पर खड़े सऊदी अरब के एक वाणिज्यिक विमान को भी भीषण नुकसान पहुंचा था। ताजा घटनाक्रम को बीते एक दशक से अधिक समय में सऊदी अरब की धरती पर हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाज के दौरान घायलों की कुल संख्या अब बढ़कर 309 तक पहुंच चुकी है, जबकि शुरुआती आकलन में 300 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई थी। इस भीषण हमले ने सऊदी अरब के मौजूदा हवाई रक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर भी नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी अरब काफी समय से यमन की सरकार के समर्थन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान संचालित कर रहा है, जबकि हूती विद्रोहियों को ईरान का प्रत्यक्ष समर्थन हासिल है। इस जटिल भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच नागरिक बुनियादी ढांचे पर लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए भारत ने सभी पक्षों से हिंसा समाप्त करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में तत्काल शांति बहाल करने का पुरजोर आह्वान किया है।



















