छपरा जिले के युवा अब शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की राह पर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जलालपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले विशनपुर गांव के करीब 10 विद्यार्थियों ने मिलकर एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिससे वे अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रहे हैं। इन युवाओं ने मिलकर शादी-ब्याह के आयोजनों में डेकोरेशन का काम यानी सजावट का बिजनेस शुरू किया है, जो आज सफलता की नई इबारत लिख रहा है।
विवाह समारोहों की सजावट से खड़ा किया वेंचर
इस छात्र समूह का मुख्य काम किसी भी शादी समारोह में दूल्हे की गाड़ी सजाना, जयमाला स्टेज को आकर्षक रूप देना, विवाह भवन को सजाना, मंडप तैयार करना और हल्दी समारोह के लिए डेकोरेशन करना है। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और बेहतरीन सजावट कला के दम पर इन युवाओं ने धीरे-धीरे अपने काम का दायरा काफी बढ़ा लिया है। वर्तमान स्थिति यह है कि इनके पास लगभग 3 लाख रुपये से अधिक कीमत का डेकोरेशन का सामान उपलब्ध है। इसी साजो-सामान के बल पर ये छात्र पूरे जिले में अलग-अलग जगहों पर सजावट के ठेके ले रहे हैं और शानदार काम कर रहे हैं।
एक शादी समारोह से आया था कारोबार का आइडिया
इस पूरे बिजनेस की नींव सुनील कुमार शाह के मन में उपजी एक साधारण सी सोच से पड़ी थी। एक दिन जब वह अपने एक दोस्त के साथ किसी शादी समारोह में गए थे, तो उन्होंने वहां डेकोरेशन का काम बारीकी से देखा। उस समारोह में बाहर से आए कारीगरों को महज दो से तीन घंटे के काम के एवज में काफी अच्छी रकम दी जा रही थी। इस बात ने सुनील का ध्यान खींचा और उनके मन में विचार आया कि क्यों न छात्र जीवन में ही इस प्रकार का काम खुद शुरू किया जाए ताकि पढ़ाई का खर्च निकल सके।
चूंकि सुनील को सजावट के काम की पहले से अच्छी खासी समझ थी, इसलिए उन्होंने बिना देर किए अपने कुछ भरोसेमंद दोस्तों को अपने साथ जोड़ा और इस काम की विधिवत शुरुआत कर दी। शुरुआत में छोटे स्तर पर काम करने के बाद, जैसे-जैसे आमदनी हुई, उन्होंने जरूरी सामान खरीदना शुरू कर दिया और अपने बिजनेस को विस्तार दिया। आज कम लागत में बेहतरीन सजावट सेवा देने के कारण आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से भी इन्हें लगातार काम मिल रहा है।
शादी के सीजन में बढ़ जाती है व्यस्तता और कमाई
इस पूरे उद्यम के बारे में विस्तार से बताते हुए सुनील कुमार शाह ने साझा किया कि वह पिछले दो वर्षों से अपने साथियों के साथ इस डेकोरेशन के काम को सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं। उनके इस ग्रुप में कुल 10 छात्र शामिल हैं, जो अपनी कॉलेज और स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ इस पार्ट-टाइम काम को समय देते हैं। सुनील के मुताबिक, जयमाला स्टेज डिजाइनिंग से लेकर हल्दी उत्सव, मंडप और दूल्हे की कार डेकोरेशन तक के सभी काम उनके ग्रुप द्वारा बहुत ही किफायती दरों पर किए जाते हैं।
किफायती दाम और उच्च गुणवत्ता वाली सजावट के कारण उनका यह युवा समूह धीरे-धीरे पूरे इलाके में लोकप्रिय हो चुका है। साल के जिन महीनों में शादियों का सीजन अपने चरम पर होता है, उस दौरान इनका काम इतना अधिक बढ़ जाता है कि कई बार उनके पास भोजन करने तक का समय नहीं बच पाता है। यह मिसाल साबित करती है कि यदि युवाओं के पास कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो सीमित संसाधनों और पढ़ाई के साथ भी आर्थिक रूप से मजबूत बना जा सकता है।


















