मिजोरम का चंफई जिला इन दिनों खूबसूरत रंगों और लोक उत्सव के उत्साह से सराबोर है। इलाके में 11 दिनों तक चलने वाला मशहूर कॉस्मोस फूल महोत्सव शुरू हो चुका है, जिसे स्थानीय स्तर पर ह्नाहसिन कुट के नाम से जाना जाता है। इस वार्षिक उत्सव का मुख्य मकसद प्राकृतिक खूबसूरती, लोक विरासत और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि बाहरी दुनिया इस पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक संपन्नता से रूबरू हो सके।
ज़ोतलांग मुआल में हुआ भव्य उद्घाटन
इस रंगारंग उत्सव की औपचारिक शुरुआत बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने ज़ोतलांग मुआल में आयोजित समारोह के दौरान की। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों का स्वागत करते हुए चंफई के सुरम्य दृश्यों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखने का आह्वान किया। यह महोत्सव 6 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक जारी रहेगा। आयोजकों की योजना ऐसे पर्यटकों को आकर्षित करने की है जो प्रकृति के शांत वातावरण के साथ-साथ मिजो समुदाय की जीवनशैली को गहराई से समझना चाहते हैं।
पर्यटन के साथ कृषि और बागवानी की ताकत
समारोह को संबोधित करते हुए बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने स्पष्ट किया कि ह्नाहसिन कुट का प्राथमिक लक्ष्य मिजोरम की समृद्ध प्राकृतिक व सांस्कृतिक संपदा को प्रदर्शित करना है। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि उत्सव को लेकर सिर्फ मिजोरम ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेशी मुल्कों से भी बड़ी तादाद में लोग चंफई पहुंच रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि चंफई केवल पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि बागवानी के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
जिले में अंगूर उत्पादन की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि चंफई ग्रेप ग्रोअर्स सोसाइटी वर्तमान में लांगसाम में एक वाइनरी का संचालन कर रही है, जबकि दूसरी वाइनरी ह्नाहलन में स्थापित है। इसके अलावा पैशन फ्रूट की खेती भी तेजी से पैर पसार रही है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार चंफई में लगभग 375 एकड़ रकबे पर पैशन फ्रूट उगाया जा रहा है, और इसी तर्ज पर पड़ोसी खावज़ॉल जिले में भी इसके विस्तार के प्रयास तेज किए गए हैं।
अदरक मिशन और बड़े प्रोसेसिंग यूनिट को मंजूरी
राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता सूची में शामिल की गई फसलों में अदरक, हल्दी, मिर्च और काली मिर्च शामिल हैं। इनमें से अदरक की खेती चंफई जिले की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनकर उभरी है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) ने जिले में एक बड़े पैमाने की अदरक प्रसंस्करण इकाई की स्थापना को हरी झंडी दे दी है।
इस वर्ष के ह्नाहसिन कुट के सफल आयोजन के लिए बागवानी विभाग ने मिजो जिंजर मिशन फंड से लगभग 20 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। महोत्सव के दौरान मिजो जिंजर डे का आयोजन भी निर्धारित है, जिससे सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के बीच राज्य की कृषि परंपराओं और किसानों के योगदान को विशेष सम्मान मिल सके। बागवानी मंत्री ने यह भी कहा कि यहां आने वाले पर्यटक न केवल मिजोरम के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की गर्मजोशी और पारंपरिक आवभगत की भी भरपूर सराहना करते हैं।



















