देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक ने उच्च मूल्य वाली फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर मिलने वाले रिटर्न में संशोधन किया है। बैंक प्रबंधन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 3 करोड़ रुपये और उससे अधिक राशि वाली बल्क टर्म डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज दरों में कटौती का निर्णय लिया गया है। यह नई ब्याज व्यवस्था 15 अगस्त 2026 से प्रभावी कर दी गई है। हालांकि, यह राहत की बात है कि ब्याज दरों में यह कटौती केवल छोटी अवधि की जमा योजनाओं तक ही सीमित रखी गई है, जबकि मध्यम और लंबी अवधि के जमा खातों पर पहले से तय रिटर्न जारी रहेगा।
अल्पकालिक बल्क जमा पर 25 बेसिस पॉइंट तक घटी ब्याज दरें
स्टेट बैंक की ओर से किए गए इस बदलाव के तहत 7 दिनों से लेकर 179 दिनों की अवधि वाली बल्क एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में सर्वाधिक 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की कमी की गई है। इस संशोधन के पश्चात अल्पकालिक अवधि के लिए बड़ी पूंजी निवेश करने वाले संस्थागत तथा व्यक्तिगत निवेशकों को मिलने वाले कुल रिटर्न पर सीधा असर पड़ेगा। जो खाताधारक 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को बहुत कम समय के लिए बैंक में लॉक-इन करना चाहते हैं, उन्हें अब संशोधित दरों के हिसाब से ही ब्याज का भुगतान प्राप्त होगा।
180 से 210 दिनों की अवधि पर भी मामूली कटौती
इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टेट बैंक ने 180 दिन से 210 दिन की परिपक्वता अवधि वाली बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर भी ब्याज दरों में संशोधन किया है। इस विशेष समयावधि के लिए ब्याज दर में 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10 प्रतिशत की कटौती लागू की गई है। हालांकि 211 दिन या उससे अधिक समय वाली योजनाओं के ग्राहकों को इस बदलाव से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 211 दिनों से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि के लिए जमा की गई बल्क राशियों पर पुरानी दरें ही बरकरार रखी गई हैं।
विभिन्न परिपक्वता अवधि के लिए संशोधित ब्याज दरों की विस्तृत तालिका
बैंक द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों दोनों वर्गों के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की बल्क एफडी दरें निम्नलिखित हैं
- 7 दिन से 14 दिन: सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर 4.50 प्रतिशत से घटाकर 4.25 प्रतिशत कर दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 5.00 प्रतिशत से घटकर 4.75 प्रतिशत हो गई है।
- 15 दिन से 45 दिन: सामान्य जमाकर्ताओं को अब 5.00 प्रतिशत की जगह 4.75 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए दर 5.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
- 46 दिन से 179 दिन: इस अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को मिलने वाला रिटर्न 5.10 प्रतिशत से घटकर 4.85 प्रतिशत रह गया है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 5.60 प्रतिशत से घटाकर 5.35 प्रतिशत की गई है।
- 180 दिन से 210 दिन: सामान्य निवेशकों के लिए ब्याज दर 5.60 प्रतिशत से कम करके 5.50 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे 6.10 प्रतिशत से घटाकर 6.00 प्रतिशत किया गया है।
दीर्घकालिक जमा योजनाओं पर पहले जैसी रहेंगी दरें
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। परिपक्वता की विभिन्न अवधियों पर मिलने वाली स्थिर दरें इस प्रकार हैं
- 211 दिन से 1 वर्ष से कम: सामान्य नागरिकों के लिए 5.60 प्रतिशत तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.10 प्रतिशत की दर बनी रहेगी।
- 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम: इस अवधि में सामान्य जमाकर्ताओं को 6.25 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.75 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।
- 2 वर्ष से 3 वर्ष से कम: सामान्य श्रेणी के लिए 6.15 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.65 प्रतिशत की दर लागू रहेगी।
- 3 वर्ष से 5 वर्ष से कम: सामान्य निवेशकों को 6.00 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.50 प्रतिशत का रिटर्न दिया जाएगा।
- 5 वर्ष से 10 वर्ष तक: इस दीर्घकालिक अवधि में सामान्य नागरिकों के लिए 6.00 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.50 प्रतिशत की दर यथावत रहेगी।
वरिष्ठ नागरिकों की जमा राशि और रिन्यूअल नियमों पर प्रभाव
वरिष्ठ नागरिकों की बल्क जमा राशि पर भी ब्याज दरों में कटौती का समान प्रभाव पड़ा है। 7 दिन से 179 दिन तक की जमा पर बुजुर्ग निवेशकों को मिलने वाले रिटर्न में 0.25 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि 180 दिन से 210 दिन की परिपक्वता पर 0.10 प्रतिशत की कटौती हुई है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि संशोधित दरें केवल नए खातों पर ही लागू नहीं होंगी, बल्कि जिन निवेशकों की पुरानी बल्क एफडी 15 अगस्त 2026 या उसके बाद मैच्योर हो रही है और वे उसे रिन्यू कराते हैं, तो उस पर भी नई घटी हुई दरें ही प्रभावी होंगी।
समय पूर्व निकासी पर 1 प्रतिशत का दंड
स्टेट बैंक ने बल्क डिपॉजिट खातों को समय से पहले बंद कराने या निकासी करने से संबंधित नियमों की भी दोबारा पुष्टि की है। बैंक के नियमानुसार, यदि कोई खाताधारक किसी भी परिपक्वता अवधि वाली बल्क एफडी को तय समय सीमा से पहले भुनाता है या समय पूर्व राशि निकालता है, तो उस पर 1 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी। यह दंड शुल्क नई जमा की गई एफडी तथा रिन्यू कराई गई पुरानी एफडी दोनों पर समान रूप से लागू रहेगा। इसलिए उच्च मूल्य वाले निवेशकों को अपनी तरलता संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद ही पूंजी निवेश की सलाह दी जाती है।



















