कॉरपोरेट जगत में भारी-भरकम पैकेज मिलते ही अधिकांश युवा आलीशान मकान, लग्जरी गाड़ियां और महंगे गैजेट्स खरीदने की होड़ में लग जाते हैं। इसके बिल्कुल उलट, तकनीकी दिग्गज मेटा में काम करने वाले 24 वर्षीय इंजीनियर रेमंड जेंग ने एक अलग रास्ता चुना है। सालाना करीब 3 करोड़ रुपये की मोटी कमाई करने के बावजूद रेमंड बेहद सामान्य जीवनशैली बिता रहे हैं। उनके पास न तो अपनी कोई निजी कार है, न घर में टेलीविजन और न ही उन्होंने कोई अचल संपत्ति या मकान खरीदा है। इस सादगी के पीछे उनकी कोई मजबूरी नहीं, बल्कि 30 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले नौकरी से रिटायर होने का एक बेहद अनुशासित वित्तीय लक्ष्य है।
सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में रहते हुए भारी बचत
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में रहने वाले रेमंड जेंग के अनुसार, उच्च जीवन लागत और अनिवार्य टैक्स व रिटायरमेंट फंड की कटौतियों के बावजूद उनकी इन-हैंड आय काफी मजबूत रहती है। वे हर महीने मिलने वाले वेतन में से लाखों रुपये की सीधी बचत कर बाजार में लगाते हैं। कंपनी से मिलने वाले नियमित बोनस और शेयरों की बदौलत उनकी कुल कमाई में अतिरिक्त इजाफा होता रहता है। कुछ खास महीनों में तो उनकी कुल मासिक बचत का आंकड़ा 15 लाख से 19 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, जिसे वे तत्काल अपने पोर्टफोलियो में जोड़ देते हैं।
दिखावे से दूरी और दीर्घकालिक प्राथमिकताओं पर ध्यान
रेमंड का साफ मानना है कि भौतिक चीजों का गैर-जरूरी अंबार इंसान के जीवन स्तर या मानसिक शांति को बेहतर नहीं बनाता। उन्होंने बताया कि महंगे फर्नीचर, टीवी और कार जैसी संपत्तियां केवल दिखावे का जरिया बनती हैं और लगातार मेंटेनेंस मांगती हैं। इसकी जगह वे अपनी गाढ़ी कमाई को ऐसी मदों में लगाना पसंद करते हैं जो उन्हें भविष्य में वित्तीय सुरक्षा और व्यक्तिगत संतुष्टि दें। इसमें प्रमुख तौर पर शेयर बाजार में निवेश, नए अनुभवों के लिए यात्रा और व्यक्तिगत शौक शामिल हैं।
फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस और रिटायर अर्ली का लक्ष्य
रेमंड अपने वित्तीय सफर में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर जल्दी रिटायर होने के लोकप्रिय मॉडल पर काम कर रहे हैं। इस रणनीति का मुख्य सिद्धांत कम उम्र में ही पर्याप्त पूंजी और संपत्तियां जुटाना है, जिससे भविष्य में आजीविका के लिए नौकरी करने की बाध्यता पूरी तरह समाप्त हो जाए। अपनी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वे अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा स्टॉक मार्केट और रिटायरमेंट फंड्स में आवंटित कर रहे हैं। उनका अनुमान है कि यदि बाजार और बचत योजना पूर्ववत चलती रही, तो 30 साल की उम्र तक उनके पास लगभग 19 करोड़ रुपये का संचित निवेश होगा। वहीं 40 वर्ष की आयु तक यह कुल राशि 60 करोड़ रुपये के पार निकल सकती है।
बजट ट्रैकिंग के लिए खुद तैयार की स्प्रेडशीट
अपने पूरे वित्तीय ढांचे को पारदर्शी और अनुशासित रखने के लिए रेमंड हर छोटे-बड़े खर्च का सटीक हिसाब रखते हैं। इसके लिए वे किसी थर्ड-पार्टी रेडीमेड ऐप या पहले से बने ऑनलाइन टेम्पलेट पर निर्भर नहीं रहते। उन्होंने अपनी जरूरतों के अनुकूल खुद एक स्प्रेडशीट डिजाइन की है, जिसमें वे हर महीने अपनी आमदनी, कटौतियों, निवेश और दैनिक खर्चों की सटीक प्रविष्टियां दर्ज करते हैं।


















