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नंदा देवी मेले से बदला नैनीताल का माहौल, ऑफ सीजन में पर्यटकों की भीड़ से लौटी रौनकउत्तराखंड
22 सित॰ 2026, 1:32 pm (51 मिनट पहले)· 1

नंदा देवी मेले से बदला नैनीताल का माहौल, ऑफ सीजन में पर्यटकों की भीड़ से लौटी रौनक

उत्तराखंड के नैनीताल में 124वें नंदा देवी महोत्सव के आयोजन से पर्यटन कारोबार चमक उठा है। भारी बारिश और भूस्खलन के दौर के बाद पहाड़ों का रुख करने वाले सैलानियों से बाजार, नैनी झील और माल रोड पूरी तरह गुलजार हैं।

उत्तराखंड के प्रमुख पर्वतीय गंतव्य नैनीताल में इन दिनों चारों तरफ उल्लास का वातावरण बना हुआ है। शहर में चल रहे 124वें नंदा देवी महोत्सव ने यहां के पर्यटन परिदृश्य को पूरी तरह जीवंत कर दिया है। सामान्य तौर पर इस समय को पहाड़ों में ऑफ सीजन माना जाता है, मगर इस बार स्थिति एकदम उलट नजर आ रही है। पर्यटकों की भारी आमद ने सड़कों, बाजारों, माल रोड और प्रसिद्ध नैनी झील के इर्द-गिर्द रौनक बढ़ा दी है। इस धार्मिक उत्सव के साथ-साथ शहर में सजा मेला सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

नैना देवी मंदिर और नैनी झील में उमड़ी सैलानियों की भीड़

पहाड़ों की वादियों में पहुंच रहे यात्री न केवल प्राकृतिक छटा का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इस पारंपरिक सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा भी बन रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सैलानी मां नयना देवी मंदिर पहुंचकर शीश नवा रहे हैं। इसके साथ ही नैनी झील में नौकायन का आनंद उठाने वालों की भी कतारें लगी हुई हैं। महोत्सव स्थल पर लगे रंग-बिरंगे झूले, सजी हुई दुकानें और विविध प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं।

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मैदानी इलाकों की तपिश के बीच नैनीताल का सुहावना मौसम

नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों को यहां की ठंडी हवाएं और हरी-भरी वादियां खूब लुभा रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से यहां पहुंचे पर्यटक मोहित ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह यहां सामान्य भ्रमण के मकसद से आए थे, लेकिन यहां आकर उन्हें 124वें नंदा देवी महोत्सव की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले मेले का रुख किया। उन्होंने बताया कि मैदानी हिस्सों में अभी गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि नैनीताल में मौसम घूमने के लिहाज से काफी सुखद और सुहावना है। पहाड़ों की ठंडी बयार और हरियाली मन मोह रही है, हालांकि मेले की वजह से शहर में खासी भीड़भाड़ भी देखने को मिल रही है।

स्थानीय व्यापारियों और फड़ कारोबारियों को मिला नया सहारा

आगंतुकों की संख्या में हुई इस अचानक बढ़ोतरी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भर दी है। नैनीताल के स्थानीय फड़ व्यापारी परवेज ने बताया कि मेले के आयोजन से बीते कुछ दिनों में व्यापार ने जोरदार रफ्तार पकड़ी है। आमतौर पर ऑफ सीजन के दौरान बाजार में गतिविधियां काफी धीमी पड़ जाती हैं, लेकिन इस बार सैलानियों की आवाजाही ने स्थिति पूरी तरह बदल दी है। परवेज के अनुसार क्षेत्र में हल्की ठंड की शुरुआत भी महसूस होने लगी है। मौसम के इस सुखद बदलाव के साथ सैलानी पहाड़ों पर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों को बड़ा संबल मिला है।

आपदा के असर से उबरकर पटरी पर लौटा नौकायन कारोबार

मानसून के दौरान हुई मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन ने पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित किया था। नैनी झील में बोटिंग का संचालन करने वाले नाविक वीरेंद्र पवार ने बताया कि नंदा देवी महोत्सव के चलते इस समय नैनीताल में काफी चहल-पहल है। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में खराब मौसम और मार्गों पर भूस्खलन के खतरे के चलते पर्यटकों ने पहाड़ों की यात्रा से दूरी बना ली थी, जिससे नाव चालकों की आमदनी ठप पड़ गई थी। अब हालात सामान्य हो चुके हैं और मौसम साफ होने के बाद पर्यटक फिर से नैनीताल का रुख कर रहे हैं। वीरेंद्र पवार के अनुसार यह वार्षिक मेला पर्यटन कारोबार की बहाली में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

सवाल-जवाब

नैनीताल में इन दिनों कौन सा बड़ा उत्सव आयोजित हो रहा है?
नैनीताल में इन दिनों 124वां नंदा देवी महोत्सव और उससे जुड़ा पारंपरिक मेला आयोजित हो रहा है।
मानसून के दौरान नैनीताल में पर्यटन क्यों प्रभावित हुआ था?
लगातार भारी बारिश और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन के जोखिम के चलते सैलानी नैनीताल आने से बच रहे थे।
इस महोत्सव का स्थानीय कारोबार पर क्या असर पड़ा है?
ऑफ सीजन होने के बावजूद पर्यटकों की भारी आमद से फड़ व्यापारियों, दुकानदारों और नाव चालकों का काम काफी बढ़ गया है।
नैनीताल में पर्यटक किन मुख्य गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं?
पर्यटक मां नयना देवी मंदिर में दर्शन करने, नैनी झील में नौकायन करने और मेले में लगे झूलों तथा दुकानों का आनंद ले रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 मिनट पहले

पिछली बार जब मैं नैनीताल गया था, तब लगातार बारिश से सब सुनसान था। नंदा देवी मेले की वजह से इतनी भीड़ देखकर बहुत अच्छा लगा, खासकर स्थानीय दुकानदारों के लिए।

Ravikash Gupta@ravikash·15 मिनट पहले

अरे अर्जुन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! आपदा के बाद दुकानदारों की रौनक देखकर वाकई सुकून मिला। क्या आपको लगता है कि यह भीड़ सिर्फ मेले तक ही सीमित रहेगी या आगे वीकेंड पर भी ऐसा ही हाल रहेगा?

Rohan Verma@rohan-verma·37 मिनट पहले

भीड़ बढ़ने से रौनक तो आई है, पर क्या सच में ऑफ सीजन की मंदी पूरी तरह खत्म हो गई है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·36 मिनट पहले

रोहन भाई, भीड़ से कारोबार तो चमक गया है, पर क्या यह रौनक सिर्फ मेले के दो-चार दिन की मेहमान है?

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