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₹5 लाख कहां लगाएं, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम या मंथली इनकम स्कीम, समझिए कौन देगा ज्यादा फायदामनी
4 घंटे पहले· 4

₹5 लाख कहां लगाएं, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम या मंथली इनकम स्कीम, समझिए कौन देगा ज्यादा फायदा

SCSS पर इस तिमाही 8.2% और पोस्ट ऑफिस MIS पर 7.4% ब्याज मिल रहा है। जानिए ₹5 लाख जमा करने पर किसमें कितनी कमाई, कैसे मिलेगा पैसा और टैक्स के नियम क्या हैं।

रिटायरमेंट के बाद हाथ में आई ₹5 लाख की रकम को कहां लगाया जाए, यह सवाल बहुत लोगों को उलझन में डाल देता है। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) ऊपर से भले एक जैसी लगें, लेकिन इन दोनों में ब्याज दर, पैसा मिलने का तरीका, जमा करने की सीमा और टैक्स के नियम पूरी तरह अलग हैं। इसलिए पैसा लगाने से पहले अपनी उम्र और जरूरत के हिसाब से पूरा हिसाब-किताब लगाना बेहद जरूरी है।

जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही की बात करें तो SCSS पर सालाना 8.2% ब्याज मिल रहा है, जबकि पोस्ट ऑफिस MIS की दर 7.4% है। सरकार हर तीन महीने में इन दरों की समीक्षा करती है। साफ है कि सिर्फ ब्याज के लिहाज से देखें तो SCSS, MIS पर भारी पड़ती है।

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₹5 लाख पर कितनी कमाई

अगर आप पूरी ₹5 लाख की रकम SCSS में डालते हैं, तो सालभर में करीब ₹41,000 का ब्याज बनेगा। यह रकम डाकघर हर तीन महीने पर आपके खाते में डालेगा। वहीं यही ₹5 लाख अगर पोस्ट ऑफिस MIS में जमा करते हैं, तो लगभग ₹37,000 ब्याज मिलेगा। MIS की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह ब्याज हर महीने आपके सेविंग्स अकाउंट में जमा होता रहेगा।

जमा की सीमा और टैक्स के नियम

SCSS में कम से कम ₹1,000 और ज्यादा से ज्यादा ₹30 लाख तक एक साथ जमा किए जा सकते हैं। इसमें इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट का फायदा भी मिलता है। हालांकि ध्यान रहे, इस पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।

दूसरी तरफ, पोस्ट ऑफिस MIS उन लोगों के लिए फिट बैठती है जिन्हें घर का राशन, बिजली बिल या कोई और तय खर्च चलाने के लिए हर महीने नकदी की जरूरत रहती है। इसमें सिंगल अकाउंट खोलकर ₹9 लाख तक और जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। लेकिन इसमें कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।

किसके लिए कौन सी स्कीम बेहतर

जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है और जिनका मकसद अपनी ₹5 लाख की रकम पर अधिकतम ब्याज कमाना है, उनके लिए SCSS फायदे का सौदा है। 8.2% का आकर्षक ब्याज और 80C की टैक्स छूट का यह मेल रिटायरमेंट के बाद के फंड को बढ़ाने में मदद करता है।

फिर भी, इन दोनों में से कोई एक चुनने से पहले अपनी उम्र, हर महीने की वित्तीय जरूरत, इनकम टैक्स स्लैब और आगे के प्लान को ठंडे दिमाग से तौल लेना चाहिए। अगर सालाना ₹4,000 का अतिरिक्त मुनाफा और टैक्स छूट आपकी प्राथमिकता है, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम आपके लिए सही रहेगी।

सवाल-जवाब

SCSS और MIS में इस तिमाही कितना ब्याज मिल रहा है?
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में SCSS पर 8.2% और पोस्ट ऑफिस MIS पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है।
₹5 लाख जमा करने पर दोनों में कितनी कमाई होगी?
SCSS में करीब ₹41,000 सालाना और MIS में लगभग ₹37,000 सालाना ब्याज मिलेगा।
ब्याज का भुगतान कब और कैसे होता है?
SCSS का ब्याज हर तीन महीने पर खाते में आता है, जबकि MIS का ब्याज हर महीने सेविंग्स अकाउंट में जमा होता है।
दोनों स्कीम में जमा की सीमा क्या है?
SCSS में ₹1,000 से ₹30 लाख तक जमा कर सकते हैं। MIS में सिंगल अकाउंट में ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक।
क्या इन स्कीम में टैक्स छूट मिलती है?
SCSS में धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है, हालांकि ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। MIS में कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।
60 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए कौन सी स्कीम बेहतर है?
जो ज्यादा से ज्यादा ब्याज कमाना चाहते हैं उनके लिए SCSS फायदे का सौदा है, क्योंकि इसमें 8.2% ब्याज के साथ 80C की टैक्स छूट भी मिलती है।
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