अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य और परिवार की मासिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा संचालित पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं एक भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं। भारतीय डाक विभाग की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक ऐसी ही लोकप्रिय और पूरी तरह से सुरक्षित निवेश योजना है, जिसमें केवल एक बार पैसा जमा करके हर महीने तय ब्याज राशि प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में इस योजना पर 7.4 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दिया जा रहा है। यह योजना उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो शेयर बाजार के जोखिमों से दूर रहकर हर महीने अपने बैंक या डाकघर खाते में एक निश्चित आय चाहते हैं।
निवेश की सीमाएं और खाते के प्रकार
पोस्ट ऑफिस की इस मंथली इनकम स्कीम में निवेश की शुरुआत बहुत ही कम राशि से की जा सकती है। निवेशक न्यूनतम 1,000 रुपये जमा करके अपना खाता खुलवा सकते हैं। अधिकतम निवेश की बात करें तो योजना में एकल (सिंगल) खाते और संयुक्त (जॉइंट) खाते के लिए अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं।
यदि कोई व्यक्ति सिंगल अकाउंट खोलता है, तो वह इसमें अधिकतम 9 लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। वहीं, अगर तीन वयस्क मिलकर एक जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तो उसमें कुल मिलाकर अधिकतम 15 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। कोई भी निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार एक से अधिक खाते भी खोल सकता है, बशर्ते उसकी सभी खातों को मिलाकर कुल जमा राशि निर्धारित सीमा यानी सिंगल के लिए 9 लाख रुपये और जॉइंट के लिए 15 लाख रुपये से अधिक न हो।
ब्याज दर का गणित: 5 लाख और 10 लाख के निवेश पर कितनी होगी मासिक आय?
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जमा की गई राशि पर मिलने वाला ब्याज हर महीने निवेशक के खाते में जमा कर दिया जाता है। 7.4 प्रतिशत सालाना की मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से निवेशकों को मिलने वाला रिटर्न काफी आकर्षक हो जाता है।
यदि कोई निवेशक इस योजना में 5 लाख रुपये की राशि एकमुश्त जमा करता है, तो 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के अनुसार उसे पूरे साल में लगभग 37,000 रुपये का ब्याज प्राप्त होगा। इस सालाना ब्याज को 12 बराबर महीनों में बांटने पर हर महीने करीब 3,083 रुपये निवेशक के खाते में आएंगे।
इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति अपनी बेटी या परिवार की जरूरतों के लिए 10 लाख रुपये का बड़ा निवेश करता है, तो 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से एक साल का कुल ब्याज लगभग 74,000 रुपये बनता है। इस स्थिति में निवेशक को हर महीने लगभग 6,167 रुपये की नियमित आय प्राप्त होगी। 5 साल की समय सीमा यानी लॉक-इन अवधि पूरी होने पर निवेशक का 10 लाख रुपये का मूलधन पूरी तरह सुरक्षित वापस मिल जाता है, जबकि हर महीने मिली ब्याज राशि का उपयोग दैनिक और मासिक खर्चों में किया जा सकता है।
खाता खोलने के लिए कौन है पात्र? जानिए पात्रता की शर्तें
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में खाता खोलने के लिए भारतीय डाक विभाग ने कुछ स्पष्ट और आसान नियम बनाए हैं
- केवल भारत के निवासी नागरिक ही इस योजना के तहत अपना खाता खुलवाने के लिए पात्र हैं।
- कोई भी बालिग यानी वयस्क व्यक्ति अपने नाम से एक सिंगल अकाउंट खोल सकता है।
- अधिकतम तीन वयस्क व्यक्ति मिलकर आपस में एक जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने नाबालिग बच्चे के नाम से भी खाता खोल सकते हैं।
- यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो उसकी तरफ से अधिकृत कानूनी अभिभावक खाता खुलवा सकता है।
- 10 वर्ष या उससे अधिक आयु का नाबालिग बच्चा अपने स्वयं के नाम से खाता खोल सकता है और उसका संचालन भी कर सकता है।
लॉक-इन पीरियड और समय से पहले खाता बंद करने के नियम
पोस्ट ऑफिस की यह मंथली इनकम स्कीम 5 साल की कुल अवधि के लिए होती है, जिसे लॉक-इन पीरियड कहा जाता है। हालांकि, आपातकालीन परिस्थितियों में यदि निवेशक को पैसे की जरूरत पड़ती है, तो वह समय से पहले भी खाता बंद कर सकता है। इसके लिए कुछ शर्तें और पेनल्टी नियम लागू होते हैं
- खाता खुलने की तारीख से एक वर्ष पूरा होने तक जमा राशि में से कोई भी पैसा नहीं निकाला जा सकता है।
- यदि खाता 1 वर्ष पूरा होने के बाद लेकिन 3 वर्ष से पहले बंद किया जाता है, तो कुल जमा राशि का 2 प्रतिशत हिस्सा कटौती के रूप में काट लिया जाएगा और शेष राशि वापस की जाएगी।
- यदि खाता 3 वर्ष पूरा होने के बाद लेकिन 5 वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले बंद किया जाता है, तो जमा राशि में से 1 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
ब्याज के भुगतान का तरीका और बेटियों के लिए योजना का महत्व
इस योजना के अंतर्गत हर महीने बनने वाला ब्याज निवेशक के पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स क्लियरिंग सर्विस (ECS) के माध्यम से ब्याज की राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में भी भेजी जा सकती है। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि यदि निवेशक किसी महीने अपने ब्याज का पैसा नहीं निकालता है, तो उस छोड़ी गई राशि पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं दिया जाता।
बेटियों की शिक्षा, कोचिंग, किताबों, स्कूल फीस और अन्य नियमित जरूरतों को पूरा करने के लिए यह योजना बेहद मददगार साबित होती है। हर महीने मिलने वाली निश्चित ब्याज राशि से बेटी के पढ़ाई-लिखाई के मासिक खर्च आसानी से निपटाए जा सकते हैं। 5 साल पूरे होने पर मूलधन पूरी तरह सुरक्षित मिल जाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में उच्च शिक्षा या अन्य बड़े वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में किया जा सकता है। जोखिम से बचने वाले और सुरक्षित मासिक आय चाहने वाले निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।



















