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अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें स्थिर, सरकार ने नहीं किया कोई बदलावमनी
30 सित॰ 2026, 10:40 pm (18 मिनट पहले)· 0

अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें स्थिर, सरकार ने नहीं किया कोई बदलाव

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और केवीपी जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है।

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए डाकघर और बैंक की विभिन्न छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के चलते लोक भविष्य निधि यानी पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र जैसी लोकप्रिय सरकारी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले आम नागरिकों को आगामी तीन महीनों तक मौजूदा दरों पर ही रिटर्न मिलता रहेगा।

तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों की स्थिति

वित्त मंत्रालय द्वारा प्रत्येक तिमाही के शुरू होने से पहले लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। समीक्षा के बाद यह साफ हो गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली नई दरों में कोई फेरबदल नहीं होगा और 31 दिसंबर 2026 तक पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी। इससे निवेशकों को बिना किसी कटौती के अपनी बचत पर पहले जैसा निश्चित और सुरक्षित प्रतिफल हासिल करने में मदद मिलेगी।

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प्रमुख योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न

छोटी बचत योजनाओं में पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत पत्र यानी एनएससी शामिल हैं। ये योजनाएं रूढ़िवादी निवेशकों और मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच अपनी सरकारी गारंटी और आकर्षक ब्याज दरों के कारण काफी लोकप्रिय हैं। पिछली तिमाहियों की तरह इस बार भी ब्याज दरों को स्थिर रखकर सरकार ने अनिश्चित बाजार परिस्थितियों के बीच निवेशकों की बचत को स्थिरता प्रदान की है।

सवाल-जवाब

अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर क्या फैसला हुआ है?
सरकार ने इस तिमाही के लिए पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और केवीपी जैसी सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
यह फैसला किस समयावधि के लिए लागू रहेगा?
यह फैसला वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
किन प्रमुख योजनाओं की दरों में बदलाव नहीं हुआ है?
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत पत्र जैसी योजनाओं की दरें जस की तस रखी गई हैं।
क्या मौजूदा जमाकर्ताओं की ब्याज आय पर कोई असर पड़ेगा?
नहीं, ब्याज दरों में कोई कटौती न होने के कारण निवेशकों को उनकी जमा पर पहले जैसा ही तय रिटर्न मिलता रहेगा।
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