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भागलपुर में सावन के लिए सजीं 50 से अधिक हरी साड़ियां, 500 रुपये से लेकर 12 हजार तक की वैरायटी उपलब्धमनी
21 अक्तू॰ 2026, 9:43 am (1 घंटे पहले)· 3

भागलपुर में सावन के लिए सजीं 50 से अधिक हरी साड़ियां, 500 रुपये से लेकर 12 हजार तक की वैरायटी उपलब्ध

सावन के पावन महीने को देखते हुए सिल्क सिटी भागलपुर के कपड़ा बाजार में 50 से अधिक किस्मों की हरी साड़ियां उतारी गई हैं, जहां 500 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक के परिधान मिल रहे हैं।

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही पारंपरिक परिधानों की खरीदारी में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। इस मौसम में हरे रंग के कपड़ों, विशेष रूप से साड़ियों की मांग महिलाओं के बीच सबसे अधिक रहती है। इस मांग को पूरा करने के लिए बिहार के भागलपुर में बुनकरों और कपड़ा व्यापारियों ने सावन के मद्देनजर 50 से अधिक तरह की हरे रंग की साड़ियां तैयार की हैं। सिल्क नगरी के नाम से मशहूर इस शहर के बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

सिल्क के साथ कॉटन और लीलन पर भी बेहतरीन बुनावट

भागलपुर लंबे समय से अपने खास सिल्क उद्योग के लिए पहचाना जाता रहा है, लेकिन अब यहां का कपड़ा कारोबार केवल पारंपरिक रेशम तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर अब हर तरह के कपड़ों का निर्माण और व्यापार तेजी से बढ़ा है। सूती यानी कॉटन और लीलन जैसे कपड़ों पर भी कारीगर अनोखी बुनावट कर रहे हैं। जब भी उम्दा सिल्क और धागों के काम की चर्चा होती है, तो भागलपुर का नाम सबसे पहले लिया जाता है, और अब यहां आधुनिक जरूरत के अनुसार हर फैब्रिक उपलब्ध कराया जा रहा है।

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कांजीवरम से लेकर मधुबनी और मंजूषा प्रिंट का संगम

कपड़ा कारोबारी संजीव कुमार के अनुसार बाजार में हर वर्ग और पसंद के खरीदारों के लिए डिजाइन उपलब्ध कराए गए हैं। सिल्क पर कांजीवरम का काम करने के अलावा शादी-ब्याह के लिए दुल्हन की साड़ियां, डोली की विशेष साड़ियां और स्टोन वर्क वाली साड़ियां तैयार की गई हैं। इसके अलावा बिहार की समृद्ध लोक कला का प्रतिनिधित्व करने वाली मंजूषा प्रिंट और मधुबनी प्रिंट की साड़ियों की भी भारी मांग है। आधुनिक लुक चाहने वाली महिलाओं के लिए डिजिटल प्रिंटिंग वाली साड़ियां भी प्रचुर मात्रा में बनाई गई हैं।

किफायती बजट और करोड़ों का कारोबार

संजीव कुमार ने बताया कि भागलपुर के बाजार में आम आदमी के बजट का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां साड़ियों की शुरुआती कीमत मात्र 500 रुपये रखी गई है, जबकि विशेष कारीगरी वाली प्रीमियम साड़ियां 12 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रही हैं। त्योहारों के इस दौर में बिहार और वेस्ट बंगाल के व्यापारी भारी तादाद में खरीदारी कर रहे हैं। इन दोनों राज्यों से इस सीजन में करीब 3 करोड़ रुपये के साड़ियों के ऑर्डर स्थानीय कारोबारियों को प्राप्त हुए हैं, जिससे क्षेत्र के हथकरघा उद्योग को नई ऊर्जा मिली है।

सवाल-जवाब

भागलपुर में सावन के लिए कितनी तरह की हरी साड़ियां तैयार की गई हैं?
भागलपुर के कपड़ा बाजार में सावन को देखते हुए 50 से अधिक किस्मों की हरे रंग की साड़ियां तैयार की गई हैं।
भागलपुर बाजार में साड़ियों की कीमत क्या रखी गई है?
यहां साड़ियों की शुरुआती कीमत 500 रुपये है, जबकि सबसे महंगी वैरायटी 12,000 रुपये तक उपलब्ध है।
भागलपुर में किन-किन प्रिंट्स और डिजाइनों की साड़ियां मिल रही हैं?
यहां सिल्क पर कांजीवरम काम, दुल्हन और डोली की साड़ियां, स्टोन वर्क, मंजूषा प्रिंट, मधुबनी प्रिंट और डिजिटल प्रिंट वाली साड़ियां उपलब्ध हैं।
इस सावन सीजन में भागलपुर के कपड़ा कारोबार को कितने रुपये के ऑर्डर मिले हैं?
कारोबारी संजीव कुमार के अनुसार बिहार और वेस्ट बंगाल से लगभग 3 करोड़ रुपये के साड़ियों के ऑर्डर मिले हैं।
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