भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, जो शाखाओं के विस्तार, ग्राहकों की कुल संख्या और बाजार पूंजीकरण के मामले में पहले स्थान पर आता है। अपनी व्यापक बैंकिंग सेवाओं के साथ यह बैंक आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी की कई बचत योजनाएं संचालित करता है। यदि आप 180 दिनों की अवधि के लिए अपनी जमा राशि सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो बैंक अलग-अलग आयु वर्ग के आधार पर आकर्षक ब्याज दरें प्रदान कर रहा है।
180 दिनों की एफडी पर ब्याज दरों की स्थिति
भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को न्यूनतम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल की अवधि तक के लिए एफडी खाता खोलने की सुविधा देता है। बैंक द्वारा सभी अवधियों के लिए दी जाने वाली कुल ब्याज दरें 3.05 प्रतिशत से लेकर 7.15 प्रतिशत तक हैं। इनमें 180 दिनों की मध्यम अवधि वाली एफडी योजना पर ब्याज दरें 5.65 प्रतिशत से लेकर 6.25 प्रतिशत के बीच तय की गई हैं।
59 वर्ष तक की आयु वाले सामान्य श्रेणी के ग्राहकों को 180 दिनों की एफडी पर 5.65 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है। यह ब्याज दर उन खुदरा जमाकर्ताओं के लिए लागू होती है जो खाते में 2,99,99,999 रुपये तक की राशि जमा करते हैं।
वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त रिटर्न
भारतीय स्टेट बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज ऑफर करता है। जिन जमाकर्ताओं की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें 180 दिनों की एफडी योजना पर 6.15 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।
इसके अलावा, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्रदान करता है। अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य वरिष्ठ नागरिकों की तुलना में 0.10 प्रतिशत ज्यादा ब्याज दिया जाता है। इस प्रकार, 180 दिनों की एफडी पर 80 साल या उससे अधिक उम्र के जमाकर्ताओं को 6.25 प्रतिशत का अधिकतम रिटर्न प्राप्त होता है, जो सामान्य श्रेणी से 0.60 प्रतिशत अधिक है।
अमृत वृष्टि योजना और एसबीआई का दायरा
सामान्य ग्राहकों के लिए एसबीआई की विशेष एफडी योजनाओं में 444 दिनों वाली 'अमृत वृष्टि' योजना काफी लोकप्रिय है। अमृत वृष्टि एफडी स्कीम पर सामान्य जमाकर्ताओं को सबसे ज्यादा 6.45 प्रतिशत का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। देश भर में सबसे बड़े शाखा नेटवर्क और विशाल ग्राहक आधार के साथ, भारतीय स्टेट बैंक की ये ब्याज दरें अल्पकालिक और दीर्घकालिक बचत करने वाले निवेशकों के लिए सुरक्षित आय का जरिया बनती हैं।



















