पाकिस्तान अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवाद को बढ़ावा देने और पड़ोसी देशों में अशांति फैलाने की अपनी पुरानी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। भारत के खिलाफ लंबे समय तक सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करने वाला पाकिस्तान अब अपने एक अन्य पड़ोसी अफगानिस्तान को भी अपने नापाक मंसूबों का शिकार बना रहा है। हाल ही में सामने आए एक गंभीर घटनाक्रम में पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकाम किया गया है।
नूरिस्तान के रास्ते घुसपैठ की कोशिश
अफगान तालिबान के वरिष्ठ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की सीमा से लगे इलाकों से लगभग 70 हथियारबंद तालिबान विरोधी लड़ाकों ने अफगानिस्तान में दाखिल होने का प्रयास किया। यह घुसपैठ नूरिस्तान प्रांत के रास्ते से की जा रही थी। हालांकि, अफगान तालिबान की खुफिया इकाइयों ने इस पूरी साजिश को पहले ही भांप लिया और समय रहते कदम उठाते हुए घुसपैठियों को कामदेश इलाके में ही घेर लिया।
कामदेश में भीषण गोलीबारी और संघर्ष
खुफिया इनपुट के आधार पर तालिबान के सुरक्षा बलों ने कामदेश क्षेत्र में घुसपैठियों की इस टोली को रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें हथियारों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। तालिबान ने अपनी कार्रवाई के दौरान इन हथियारबंद लड़ाकों को पीछे धकेल दिया और देश की सीमा में घुसने के उनके प्रयासों को पूरी तरह विफल कर दिया।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बिगड़ते रिश्ते
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन और सीमावर्ती इलाकों को लेकर तनाव लगातार गहराता जा रहा है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकवादियों और विरोधी गुटों को अफगान सीमा के भीतर भेजकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। हालिया झड़पें दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और अविश्वास को और ज्यादा स्पष्ट करती हैं।



















