ईंधन की खुदरा दरों में 2 नवंबर 2026 को बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों और संपीडित प्राकृतिक गैस यानी सीएनजी की दरों में अलग-अलग शहरों के भीतर तेजी दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों में आई तेजी के बाद 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में 10 रुपये से लेकर 17 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसी के साथ देश के कई प्रमुख महानगरों और कस्बों में सीएनजी की खुदरा दरों में भी वितरक कंपनियों ने 4.45 रुपये प्रति किलोग्राम तक का इजाफा किया है। हालांकि आम गृहणियों और परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम पूरी तरह स्थिर रखे गए हैं, जिससे घरेलू रसोई का मासिक खर्च फिलहाल अप्रभावित रहेगा।
व्यावसायिक रसोई गैस की नई दरें और महानगरों का हाल
होटल, रेस्तरां, ढाबों और खानपान इकाइयों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम और उससे अधिक वजन वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम इस महीने 10 रुपये से 17 रुपये तक बढ़ गए हैं। नई दरों के लागू होने के बाद 2 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर 2,820 रुपये में उपलब्ध हो रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी दर 2,775 रुपये दर्ज की गई है, जबकि कोलकाता में यह सिलेंडर 2,971 रुपये का हो गया है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्रों में चेन्नई में इसकी कीमत 2,994.50 रुपये और बेंगलुरु में 2,908 रुपये प्रति सिलेंडर निर्धारित की गई है। व्यावसायिक सिलेंडर की दरों में यह वृद्धि पिछले महीने हुए इजाफे के बाद आई है, जब विभिन्न शहरों में एलपीजी के दाम 62.50 रुपये से 71.50 रुपये तक बढ़ाए गए थे।
सऊदी अरामको की बेंचमार्क दरों से तय हुई बढ़ोतरी
भारत में एलपीजी की कीमतों का निर्धारण कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों के आधार पर किया जाता है। इनमें सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दर है, जिसे सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (सऊदी सीपी) के नाम से जाना जाता है और जिसे सऊदी अरामको हर महीने आधिकारिक रूप से घोषित करती है। सऊदी सीपी भारत सहित समूचे एशियाई बाजारों में एलपीजी आयात के लिए मूल्य निर्धारण का प्राथमिक आधार बनती है। वैश्विक बाजार में सऊदी अरामको द्वारा प्रोपेन और ब्यूटेन की दरों में क्रमश: 5.9 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। इसके तहत अरामको ने प्रोपेन की दर में 40 डॉलर प्रति टन का इजाफा कर इसे 720 डॉलर प्रति टन पर पहुंचा दिया, जबकि ब्यूटेन की दर 50 डॉलर प्रति मीट्रिक टन बढ़कर 780 मीट्रिक टन हो गई। इसी अंतरराष्ट्रीय लागत दबाव के चलते भारतीय तेल कंपनियों ने व्यावसायिक सिलेंडर की दरों को संशोधित किया है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अपरिवर्तित
व्यावसायिक श्रेणी में मूल्य वृद्धि के विपरीत, 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की दरों में 2 नवंबर 2026 को कोई बदलाव नहीं किया गया है। महानगरों में घरेलू गैस के दाम अपने पूर्ववर्ती स्तरों पर बरकरार हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये की दर पर स्थिर है। मुंबई में उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर 941.50 रुपये में मिल रहा है, जबकि कोलकाता में घरेलू गैस की कीमत 968 रुपये दर्ज की गई है। चेन्नई में घरेलू सिलेंडर का भाव 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर स्थिर बना हुआ है। घरेलू दरों में स्थिरता रहने से आम उपभोक्ताओं के नियमित मासिक रसोई बजट पर कोई नया अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।
मुंबई और उत्तर प्रदेश में सीएनजी की कीमतों में इजाफा
देश के कई नगर गैस वितरकों ने प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमतों में तत्काल प्रभाव से संशोधन किया है। मुंबई और उसके उपनगरीय क्षेत्रों में गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे यहां दर 89 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से पिछले सात महीनों के दौरान मुंबई में सीएनजी दरों में यह छठी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उधर उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में ग्रीन गैस लिमिटेड ने भी सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि लागू की है। लखनऊ और आगरा में सीएनजी 1 रुपये महंगी होकर 107 रुपये से 108 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। उन्नाव में सबसे तेज 2.25 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे वहां सीएनजी का दाम 103.75 रुपये से बढ़कर 106 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसके अलावा अयोध्या और सुल्तानपुर में भी सीएनजी की दरों में 1 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद दोनों शहरों में दर 105 रुपये से बढ़कर 106 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
अडाणी टोटल गैस की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि और अन्य शहरों की स्थिति
सीएनजी दरों में संशोधन करने वाली कंपनियों में अडाणी टोटल गैस भी शामिल हो गई है, जिसने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अधिकतम 4.45 रुपये प्रति किलोग्राम तक की सबसे भारी वृद्धि लागू की है। अडाणी टोटल गैस के संशोधन के बाद अहमदाबाद में सीएनजी की नई कीमत 98.47 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। हरियाणा और फरीदाबाद क्षेत्र में उपभोक्ताओं को अब सीएनजी के लिए 102.60 रुपये प्रति किलोग्राम का भुगतान करना पड़ रहा है, जबकि पंजाब के जालंधर में इसकी दर बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। अन्य शहरों में भी सीएनजी की कीमतों में तेजी का रुख रहा। बेंगलुरु, भरतपुर और देवास में सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 99 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। मेरठ में 1 रुपये की बढ़ोतरी के बाद भाव 96.50 रुपये और सोनीपत में 99.90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। फिरोजाबाद में सीएनजी की दर में 0.40 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली वृद्धि की गई, जिससे भाव 99.90 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज हुआ। इन वृद्धियों के बीच दिल्ली में सीएनजी की दर 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही। चेन्नई में 99.50 रुपये और रेवाड़ी में 91.59 रुपये प्रति किलोग्राम के पुराने स्तर पर सीएनजी की बिक्री जारी है।
देशभर में पीएनजी की दरें मोटे तौर पर स्थिर
पाइप्ड प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर रही क्योंकि नवंबर 2026 के लिए देश के अधिकांश शहरों में रसोई तक पाइप से पहुंचने वाली गैस की दरें मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में घरेलू पीएनजी 49.60 रुपये प्रति एससीएम (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) की दर पर उपलब्ध है, जबकि कोलकाता में यह 50 रुपये प्रति एससीएम पर स्थिर है। मुंबई और चेन्नई दोनों महानगरों में पीएनजी की खुदरा दर 52 रुपये प्रति एससीएम पर टिकी हुई है। इसके अलावा गुरुग्राम में पीएनजी 51.50 रुपये, नोएडा में 49.46 रुपये, बेंगलुरु में 53 रुपये, भुवनेश्वर में 49 रुपये और जयपुर में 51.50 रुपये प्रति एससीएम दर्ज की गई। देश में पीएनजी की सर्वाधिक दरें चंडीगढ़, लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों में बनी हुई हैं, जहां कीमतें क्रमश: 57.48 रुपये, 56.50 रुपये और 56 रुपये प्रति एससीएम हैं। पटना में पीएनजी 52.50 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 51 रुपये प्रति एससीएम पर स्थिर बनी हुई है।



















