सोमवार, 2 नवंबर 2026 को देश के एक विशिष्ट पर्वतीय क्षेत्र में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी, जबकि भारत के अन्य सभी हिस्सों में सामान्य कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के तहत यह अवकाश नोंगक्रेम नृत्य उत्सव के उपलक्ष्य में निर्धारित किया गया है। यह नवंबर महीने का पहला विशेष क्षेत्रीय अवकाश है, जिसके चलते शिलांग में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के वित्तीय संस्थानों के दरवाजे ग्राहकों के लिए बंद रहेंगे।
किन बैंकों की शाखाओं पर पड़ेगा असर
इस क्षेत्रीय अवकाश के कारण शिलांग क्षेत्र में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख निजी और सार्वजनिक संस्थानों के शाखा कार्यालय बंद रहेंगे। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के स्थानीय परिसरों में भी कोई सार्वजनिक लेन-देन नहीं होगा। ग्राहकों को किसी भी शाखा आधारित कार्य के लिए अगले कार्यदिवस की प्रतीक्षा करनी होगी।
देश के अन्य शहरों में कामकाज रहेगा सामान्य
चूंकि भारतीय रिज़र्व बैंक राज्यों की स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों के आधार पर ही ऐसे विशेष अवकाश घोषित करता है, इसलिए यह बंदी समूचे देश पर लागू नहीं होती। बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक हमेशा की तरह अपनी नियमित सेवाएं प्रदान करेंगे।
राजधानी नई दिल्ली समेत मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, भोपाल, लखनऊ, जयपुर, पटना, रांची, रायपुर, कानपुर, चंडीगढ़, देहरादून, शिमला, श्रीनगर, जम्मू, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और बेलापुर में बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे। इसके अलावा पूर्वोत्तर तथा पूर्वी क्षेत्र के अन्य नगरों जैसे अगरतला, आइजोल, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, कोहिमा और गंगटोक में भी शाखाओं के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सभी वित्तीय सेवाएं पूर्ववत संचालित की जाएंगी।
नोंगक्रेम नृत्य उत्सव का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
मेघालय सरकार के अनुसार, खासी हिल्स के सांस्कृतिक केंद्र स्मित में शरद ऋतु के दौरान नोंगक्रेम नृत्य उत्सव का आयोजन किया जाता है। खासी समुदाय का यह धार्मिक समारोह पांच दिनों तक चलता है, जिसे पारंपरिक भाषा में का पोमब्लांग नोंगक्रेम नृत्य भी कहा जाता है। राज्य के अन्य त्योहारों की तरह यह आयोजन भी सर्वशक्तिमान देवी का ब्ली सिंशार को प्रसन्न करने के उद्देश्य से किया जाता है, ताकि क्षेत्र में प्रचुर पैदावार हो और लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।
इस अनुष्ठान के दौरान ख्यीरिम के स्यीम मुख्य पुजारी के साथ मिलकर पोमब्लांग रस्म का निर्वहन करते हैं। परंपरा के अनुसार, वे शिलांग चोटी के देवता लेई शिलोंग को प्रसन्न करने के लिए एक मुर्गे की बलि देकर अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस उत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा पोमब्लांग यानी बकरों की बलि देना है। इसके उपरांत सत्तारूढ़ वंश के पूर्वजों, शिलांग चोटी के आराध्य देव और पहले मामा को श्रद्धापूर्वक अर्पण प्रस्तुत किए जाते हैं।




















