ईंधन विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव लागू कर दिया है। महानगरों में व्यावसायिक उपयोग वाले सिलेंडरों के दाम में 10 रुपये से लेकर 17 रुपये प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं दूसरी तरफ, आम परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस महीने कोई बदलाव नहीं किया गया है। पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी के दाम भी देश भर के बड़े शहरों में स्थिर बने हुए हैं। इसके साथ ही एलपीजी रीफिल बुकिंग, बायोमेट्रिक आधार सत्यापन और पीएनजी बदलाव से जुड़े नियम नवंबर के महीने में भी पूर्ववत जारी रहेंगे।
महानगरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट
व्यावसायिक श्रेणी में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की दरों में सबसे कम वृद्धि देश की राजधानी में हुई है। दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसका भाव अक्टूबर 2026 के 2,810 रुपये से बढ़कर 2,820 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गया है।
इसके विपरीत सबसे तेज उछाल कोलकाता में देखने को मिला है। कोलकाता में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 17 रुपये का इजाफा किया गया है। इस वृद्धि के साथ वहां कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत 2,971 रुपये हो गई है, जो पिछले महीने यानी अक्टूबर 2026 में 2,954 रुपये प्रति सिलेंडर दर्ज की गई थी।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 10.50 रुपये बढ़ाए गए हैं। मुंबई में इसका नया भाव 2,775 रुपये प्रति सिलेंडर तय किया गया है, जबकि बीते महीने यह 2,764.50 रुपये पर बिक रहा था। चेन्नई में इस महीने 11.50 रुपये की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही चेन्नई में 19 किलोग्राम के सिलेंडर का दाम 2,983 रुपये से बढ़कर 2,994.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है।
घरेलू रसोई गैस के दाम 7 जून 2026 से अपरिवर्तित
तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वजन वाले घरेलू गैस सिलेंडर की दरों को नवंबर 2026 में भी स्थिर रखा है। घरेलू सिलेंडर के दाम में आखिरी संशोधन 7 जून 2026 को हुआ था, जब इंडियन ऑयल के इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस के 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडरों में 29 रुपये की वृद्धि की गई थी। उससे पहले 7 मार्च 2026 को 60 रुपये की एक बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
जून महीने के बाद से दरें नहीं बदली गई हैं, जिसके चलते नवंबर 2026 में भी प्रमुख शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम इस प्रकार बने हुए हैं
- दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है।
- कोलकाता: महानगर कोलकाता में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दर 968 रुपये दर्ज की गई है।
- मुंबई: मुंबई के उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 941.50 रुपये पर स्थिर है।
- चेन्नई: चेन्नई में घरेलू सिलेंडर का भाव 957.50 रुपये बना हुआ है।
- पटना: देश भर के शहरों में सबसे महंगा घरेलू सिलेंडर पटना में बिक रहा है, जहां इसकी कीमत 1,031.50 रुपये प्रति सिलेंडर है।
महानगरों और अन्य शहरों में पीएनजी की ताजा कीमतें
घरों में पाइप के जरिए पहुंचाई जाने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस की कीमतें नवंबर 2026 के दौरान काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं। महानगरों के साथ-साथ उपनगरीय और औद्योगिक क्षेत्रों में भी पीएनजी के रेट पहले जैसे ही हैं
- दिल्ली: देश की राजधानी में पीएनजी की दर 49.60 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) है।
- कोलकाता: कोलकाता में उपभोक्ताओं को 50 रुपये प्रति एससीएम के हिसाब से पीएनजी मिल रही है।
- मुंबई और चेन्नई: मुंबई और चेन्नई दोनों ही शहरों में पीएनजी की कीमत 52 रुपये प्रति एससीएम पर स्थिर है।
- गुड़गांव और जयपुर: गुड़गांव और जयपुर दोनों शहरों में पीएनजी का भाव 51.50 रुपये प्रति एससीएम तय है।
- नोएडा: नोएडा में पीएनजी का दाम 49.46 रुपये प्रति एससीएम है।
- भुवनेश्वर: भुवनेश्वर में पीएनजी की दर 49 रुपये प्रति एससीएम पर बनी हुई है।
- बैंगलोर: बैंगलोर में पीएनजी का रेट 53 रुपये प्रति एससीएम दर्ज किया गया है।
बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण और सब्सिडी का प्रावधान
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण का अनिवार्य नियम नवंबर महीने में भी प्रभावी रहेगा। यदि किसी उपभोक्ता ने अब तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया है, तो इसका सीधा असर उनके रियायती दर पर मिलने वाले एलपीजी रीफिल पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों के मामले में स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। यदि इन लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो उन्हें सब्सिडी वाली दरों पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। सरकार आम तौर पर इन लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 200 रुपये से 300 रुपये तक की सब्सिडी भेजती है, जिससे उनके लिए सिलेंडर की वास्तविक खरीद लागत कम हो जाती है।
मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया है, उन्हें दोबारा प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करते ही खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) पर सब्सिडी के साथ रीफिल बुकिंग की सुविधा फिर से शुरू कर दी जाएगी।
सत्यापन न कराने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और बुकिंग अंतर
जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करने में असमर्थ हैं या इसे कराने के इच्छुक नहीं हैं, उनके लिए भी एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों के डिजिटल माध्यमों पर अपना यह विकल्प दर्ज कराना होगा। इसके लिए वे उपभोक्ता वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप्लिकेशन, व्हाट्सएप चैटबॉट, आईवीआरएस या अन्य उपलब्ध चैनलों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मंत्रालय के नियमों के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को बिना किसी सरकारी सब्सिडी के लागू बाजार मूल्य पर 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम के सिलेंडर में एलपीजी की आपूर्ति की जाएगी। यह आपूर्ति स्थानीय स्तर पर संबंधित तेल कंपनी के पास सिलेंडरों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही, एलपीजी रीफिल बुकिंग के बीच 25 दिनों के न्यूनतम अंतराल का नियम भी नवंबर 2026 में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए लागू रहेगा।
नए कनेक्शन पर असमंजस और पीएनजी पोर्टल की शुरुआत
कई राज्यों से यह जानकारी सामने आ रही है कि वहां इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के 14.2 किलोग्राम वाले नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने में कठिनाइयां आ रही हैं। नए गैस कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर पूरी स्थिति अभी स्पष्ट होना बाकी है।
इसी बीच सरकार देश भर में पाइप वाली रसोई गैस के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पीएनजी ड्राइव 3.0 और 'माय पीएनजी पोर्टल' की शुरुआत की गई है। यह एक एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल उपभोक्ता पोर्टल है, जिसे पीएनजी सेवाओं को व्यवस्थित बनाने, सूचनाओं तक पहुंच आसान करने और उपभोक्ताओं तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) इकाइयों के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।
इसके अलावा, मई 2026 से चला आ रहा एक महत्वपूर्ण नियम नवंबर में भी बरकरार है। यदि कोई घरेलू उपभोक्ता इंडेन गैस, एचपी गैस या भारत गैस के एलपीजी सिलेंडर से पीएनजी कनेक्शन पर शिफ्ट होता है, तो उसे अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को समाप्त करने के लिए 30 दिनों की समय सीमा दी गई है।



















