अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
दक्षिण भारत के शहरों में सोने के दामों में भारी गिरावट, चेन्नई और बेंगलुरु में टूटे भावमनी
29 सित॰ 2026, 9:14 am (31 दिन पहले)· 2

दक्षिण भारत के शहरों में सोने के दामों में भारी गिरावट, चेन्नई और बेंगलुरु में टूटे भाव

त्योहारी महीने से ठीक पहले दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में सोने के भाव अचानक लुढ़क गए हैं, जहां 100 ग्राम पर 25,600 रुपये तक की बड़ी कटौती दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर के दबाव से अंतरराष्ट्रीय व घरेलू स्तर पर पीली धातु में बिकवाली हावी रही।

त्योहारी सीजन के स्वागत की तैयारियों के बीच दक्षिण भारत के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 28 सितंबर 2026 को चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई। स्थानीय स्तर पर भारी बिकवाली के चलते विभिन्न शुद्धता वाले सोने के दाम एक ही दिन में हजारों रुपये नीचे आ गए।

चेन्नई में सबसे तेज गिरावट, 100 ग्राम सोना 25,600 रुपये फिसला

सोमवार को दक्षिण भारतीय महानगरों में सबसे अधिक मूल्य कटौती चेन्नई के बाजार में देखने को मिली। यहां 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने के भाव में प्रति 100 ग्राम 25,600 रुपये की भारी कमी आई, जिससे इसका भाव घटकर 15,01,700 रुपये पर आ गया। यदि 10 ग्राम के मानक वजन की बात करें, तो 24 कैरेट सोने की कीमत 2,560 रुपये गिरकर 1,50,170 रुपये रह गई।

ये भी पढ़ें

जेवराती यानी 22 कैरेट सोने में भी इस गिरावट का व्यापक असर पड़ा। चेन्नई में 22 कैरेट सोना प्रति 100 ग्राम 23,500 रुपये फिसलकर 13,76,500 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, 10 ग्राम वजन वाले 22 कैरेट सोने का भाव 2,350 रुपये घटकर 1,37,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा 18 कैरेट सोने के खरीदारों को भी उल्लेखनीय राहत मिली, जहां 100 ग्राम की कीमत 23,500 रुपये घटकर 11,53,500 रुपये और 10 ग्राम का भाव 2,350 रुपये गिरकर 1,15,350 रुपये रह गया।

बेंगलुरु और हैदराबाद के सर्राफा बाजारों का हाल

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोने की दरें लगभग एक समान स्तर पर स्थिर रहीं। इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 100 ग्राम 25,100 रुपये गिरकर 15,01,700 रुपये दर्ज हुआ। खुदरा खरीदारी में आम तौर पर प्रयोग होने वाले 10 ग्राम के 24 कैरेट सोने का भाव 2,510 रुपये की कमी के साथ 1,50,170 रुपये पर आ गया।

आभूषण निर्माण के लिए लोकप्रिय 22 कैरेट श्रेणी में बेंगलुरु और हैदराबाद के बाजारों में 100 ग्राम पर 23,000 रुपये की कटौती देखी गई, जिसके बाद नई दरें 13,76,500 रुपये हो गईं। 10 ग्राम के पैमाने पर यह गिरावट 2,300 रुपये की रही, जिससे नया भाव 1,37,650 रुपये प्रति 10 ग्राम तय हुआ। बजट आभूषणों के रूप में खरीदे जाने वाले 18 कैरेट सोने में 100 ग्राम का भाव 18,800 रुपये गिरकर 11,26,300 रुपये और 10 ग्राम का भाव 1,880 रुपये फिसलकर 1,12,630 रुपये पर दर्ज किया गया।

वैश्विक दबाव और बॉन्ड यील्ड में तेजी से बढ़ी बिकवाली

सोने के घरेलू बाजार में आई इस मंदी के तार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से सीधे जुड़े हुए हैं। कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक यतीन त्रिवेदी (उपाध्यक्ष अनुसंधान विश्लेषक, एलकेपी सिक्योरिटीज) के अनुसार, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के कारण सोने पर तीव्र बिकवाली का दबाव बना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना करीब 130 डॉलर गिरकर 4,155 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

अमेरिकी 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 5.22 प्रतिशत से ऊपर निकल चुकी है। इस स्तर से ऊपर यील्ड के टिके रहने से बाजार में यह धारणा और मजबूत हुई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं। जब ब्याज दरें या सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने को रखने की लागत में वृद्धि हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक निवेशक पूंजी को सुरक्षित रिटर्न देने वाले सरकारी बॉन्ड में स्थानांतरित कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में कॉमेक्स पर सोने की ट्रेडिंग सीमा 4,080 डॉलर से 4,250 डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।

सवाल-जवाब

28 सितंबर 2026 को चेन्नई में 24 कैरेट सोने का क्या भाव रहा?
चेन्नई में 24 कैरेट सोना 2,560 रुपये गिरकर 1,50,170 रुपये प्रति 10 ग्राम और 25,600 रुपये टूटकर 15,01,700 रुपये प्रति 100 ग्राम रहा।
बेंगलुरु और हैदराबाद में 22 कैरेट सोने के दामों में कितनी गिरावट आई?
बेंगलुरु और हैदराबाद में 22 कैरेट सोने का दाम प्रति 10 ग्राम 2,300 रुपये घटकर 1,37,650 रुपये और प्रति 100 ग्राम 23,000 रुपये घटकर 13,76,500 रुपये रह गया।
चेन्नई में 18 कैरेट सोने के क्या दाम दर्ज किए गए?
चेन्नई में 18 कैरेट सोना 2,350 रुपये गिरकर 1,15,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 23,500 रुपये घटकर 11,53,500 रुपये प्रति 100 ग्राम पर आ गया।
सोने की कीमतों में भारी गिरावट की अंतरराष्ट्रीय वजह क्या रही?
अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.22 प्रतिशत से ऊपर जाना, डॉलर का मजबूत होना और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की संभावना प्रमुख कारण रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोने की ट्रेडिंग सीमा क्या आंकी गई है?
विश्लेषक के अनुसार कॉमेक्स पर सोने का कारोबारी दायरा 4,080 डॉलर से 4,250 डॉलर प्रति औंस के बीच देखा जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·29 दिन पहले

त्योहारों से ठीक पहले सोने के दाम गिरना तो पक्का राहत की बात है, वरना शादियों के सीजन में जेब खाली हो जाती है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·29 दिन पहले

त्योहार से ठीक पहले सोने के दाम कम होना ग्राहकों के लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·29 दिन पहले

रोहन जी, बात तो सही है आपकी कि राहत मिल रही है, पर क्या आपको लगता है कि त्योहारी सीज़न में ये भाव फिर से ऊपर चढ़ सकते हैं?

Michael Anderson@michael-anderson·29 दिन पहले

त्योहार से ठीक पहले दाम गिरना सच में अच्छी खबर है, पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर भारत के हर शहर में एकदम एक जैसा कैसे हो सकता है? मुझे इस गणित पर थोड़ा शक है।

Amit Patel@amit-patel·29 दिन पहले

माइकल भाई, बात तो सही है आपकी, पर एलकेपी सिक्योरिटीज वाले यतीन त्रिवेदी ने साफ बताया है कि डॉलर और बॉन्ड यील्ड का खेल है सारा!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp