घरेलू सर्राफा बाजार में 1 अक्टूबर को कीमती धातुओं के दाम में नरमी देखी जा रही है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के चलते सोने के हाजिर भाव शुरुआती बढ़त गंवाकर निचले स्तरों पर आ गए। बाजार में 100 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 14,92,400 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि 100 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 13,68,000 रुपये दर्ज की गई है। इस बदलाव से आभूषण निर्माण और खुदरा खरीदारी की लागत पर सीधा असर पड़ा है।
चांदी की कीमतों में भी आई कमजोरी
चांदी के भाव में भी दो दिनों तक स्थिरता बने रहने के बाद गिरावट दर्ज की गई। देश में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 5,000 रुपये टूटकर 2,35,000 रुपये पर आ गया है। वहीं 100 ग्राम चांदी का खुदरा भाव 23,500 रुपये पर कारोबार कर रहा है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण चांदी पर यह बिकवाली दबाव देखने को मिला है। स्थानीय स्तर पर आभूषणों और सिक्कों के खुदरा खरीदारों के लिए यह नरमी फायदेमंद साबित हो सकती है।
प्रमुख महानगरों में सोने के ताजा दाम
देश के बड़े व्यापारिक केंद्रों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के खुदरा दाम राष्ट्रीय औसत के अनुरूप दर्ज किए गए हैं। प्रमुख शहरों की स्थिति इस प्रकार है
- चेन्नई: यहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,49,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
- बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,49,240 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है, वहीं 24 कैरेट सोने का भाव 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
- हैदराबाद: तेलंगाना के प्रमुख बाजार में 22 कैरेट सोने का दाम 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,49,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
- मुंबई: वित्तीय राजधानी मुंबई में 22 कैरेट सोना 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट शुद्ध सोना 1,49,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा है।
वायदा बाजार में दर्ज हुई हलचल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गुरुवार को वायदा अनुबंधों में सकारात्मक रुझान देखा गया। 5 अक्टूबर को परिपक्व होने वाला सोने का वायदा अनुबंध 1.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,48,106 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसी प्रकार 4 दिसंबर को परिपक्व होने वाला चांदी का वायदा अनुबंध 1.18 प्रतिशत उछलकर 2,26,350 रुपये पर पहुंच गया। हाजिर बाजार में दबाव के बावजूद वायदा सौदों में सटोरिया लिवाली से यह मजबूती देखने को मिली।
वैश्विक आर्थिक दबाव और मुद्रास्फीति के रुझान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने मौद्रिक नीति में सख्ती बने रहने की आशंकाओं को हवा दी है, जिससे हाजिर सोने की शुरुआती बढ़त हवा हो गई। आईसीआईसीआई डायरेक्ट डेली कमोडिटी आउटलुक के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड के कारण हाजिर सोने को 4,200 डॉलर के स्तर के पास कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है और कीमतें फिसलकर 4,100 डॉलर की ओर जा सकती हैं। लगातार बनी ऊर्जा जनित मुद्रास्फीति और ऊंचे बॉन्ड यील्ड धातुओं के भाव पर दबाव बनाए हुए हैं।
निर्मल बांग सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार, बुलियन बाजार 0.9 प्रतिशत की बढ़त और 0.7 प्रतिशत के नुकसान के बीच झूलता नजर आया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 40 प्रतिशत संभावना बाजार में देखी जा रही है। फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना, व्यक्तिगत उपभोग व्यय मूल्य सूचकांक (खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर), अगस्त में अनुमान से कम 0.2 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले महीने के आंकड़े को भी नीचे संशोधित किया गया था। साल 2023 के बाद पहली बार हुई दर वृद्धि और आगे भी मौद्रिक सख्ती के संकेतों के बीच सोना सितंबर महीने में 6 प्रतिशत से अधिक टूटकर जून के बाद के अपने सबसे खराब मासिक नुकसान की राह पर पहुंच गया।



















