बेंगलुरु के सर्राफा बाजार में मंगलवार, 1 सितंबर को सोने की कीमतों में एक मामूली सुधार देखने को मिला। पिछले एक सप्ताह से लगातार जारी गिरावट के बाद बाजार में यह उछाल आया है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की निगाहें टिक गईं। कर्नाटक की राजधानी में पीली धातु के दाम वैश्विक बाजारों के रुझान के विपरीत आंशिक रूप से ऊपर गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें अपने दो सप्ताह के निचले स्तर के आसपास मंडरा रही थीं।
विभिन्न शुद्धता वाले सोने के नए भाव
मंगलवार, 1 सितंबर को सुबह 10:25 बजे के आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत में 16 रुपये प्रति ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे भाव बढ़कर 15,693 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। इसी तरह, 22 कैरेट सोने का भाव 15 रुपये प्रति ग्राम के उछाल के साथ 14,385 रुपये प्रति ग्राम हो गया। इसके अलावा, इस महानगर में 18 कैरेट सोने की कीमत भी 15 रुपये प्रति ग्राम बढ़कर 11,773 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई।
चांदी की कीमतों में आई गिरावट
सोने के विपरीत दिशा में चलते हुए बेंगलुरु में चांदी के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। पिछले कुछ सत्रों से सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद मंगलवार को चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। बाजार में चांदी का भाव घटकर 250 रुपये प्रति ग्राम और 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया, जो निवेशकों के लिए एक अलग कारोबारी संकेत माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक कारक
वैश्विक मोर्चे पर ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 4,450 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया नरमी के पीछे मुख्य वजहें बढ़ती क्रूड ऑयल की कीमतें और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श की सख्त टिप्पणियां रहीं, जिन्होंने इस महीने अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी बढ़ा दिया है।
कच्चे तेल और अमेरिकी नीतियों का असर
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, खासकर तब जब अमेरिकी बलों ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक द्वीप पर हमला किया और इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए। लेमोन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति और करेंसी के दबाव को और बढ़ा रही हैं। केविन वॉर्श के बयानों के बाद बाजार सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की लगभग 60 प्रतिशत संभावना जता रहा है, जिससे डॉलर और ट्रेजरी यील्ड ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं और सोने-चांदी पर निकट भविष्य में दबाव बना रहेगा।



















