गोवा सरकार ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए दुबई स्थित ऊर्जा समूह अन्वी के साथ 5,000 करोड़ रुपये (लगभग 525 मिलियन डॉलर) के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत मोरमुगाओ पोर्ट पर गोवा का पहला समर्पित लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आयात, भंडारण और वितरण टर्मिनल विकसित किया जाएगा। यह समझौता 31 अक्टूबर को वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 के दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की मौजूदगी में पूरा हुआ। इस व्यापक परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है।
परियोजना के चार मुख्य घटक और आधारभूत ढांचा
इस बड़े निवेश के माध्यम से तटीय क्षेत्र में मजबूत ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसमें चार प्रमुख घटक शामिल हैं। सबसे पहले, मोरमुगाओ पोर्ट पर एक समर्पित एलपीजी बर्थ का निर्माण किया जाएगा जहां गैस टैंकर आसानी से डॉक कर सकेंगे। दूसरा, बंदरगाह के पास ही भूमि पर एक अत्याधुनिक एलपीजी भंडारण टर्मिनल स्थापित होगा, ताकि पर्याप्त रिजर्व बना रहे। तीसरा, बर्थ और स्टोरेज केंद्र को आपस में जोड़ने के लिए जमीन के नीचे पाइपलाइन कॉरिडोर बिछाया जाएगा। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता विकसित करने के लिए गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ एलपीजी एंड एलएनजी टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी। यह सुविधा चालू होने के बाद राज्य को अपनी गैस सीधे आयात, स्टोर और वितरित करने की पूरी क्षमता मिल जाएगी। साथ ही यह भारत के पश्चिमी तट पर ऊर्जा आयात क्षमता को भी काफी मजबूत करेगा।
ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति संकट से निपटने की तैयारी
यह पहल गोवा की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में रणनीतिक भूमिका निभाएगी। पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में पैदा हुई रुकावटों के कारण गोवा में व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति सामान्य स्तर के मुकाबले घटकर लगभग पांचवें हिस्से तक रह गई थी। नया टर्मिनल बन जाने के बाद राज्य के पास अपना भंडारण रिजर्व और आयात गेटवे मौजूद रहेगा। कंपनी के अनुसार, यह नई सुविधा ऐसी आयात क्षमता जोड़ेगी जो खाड़ी क्षेत्र के पारंपरिक समुद्री रास्तों पर पूरी तरह निर्भर नहीं होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर किसी भी तरह के व्यवधान के समय गैस आपूर्ति बनाए रखने में अधिक लचीलापन और विश्वसनीयता मिलेगी।
स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
इस परियोजना से गोवा के स्थानीय निवासियों के लिए व्यापक रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। जब यह टर्मिनल पूरी तरह चालू हो जाएगा, तब लगभग 2,450 स्थायी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और प्रेरित नौकरियां तैयार होंगी। वहीं निर्माण चरण के दौरान चरम स्तर पर करीब 3,500 लोगों को काम मिलेगा। यदि निर्माण के दौरान मिलने वाले अप्रत्यक्ष रोजगार को भी जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा लगभग 7,000 तक पहुंच जाएगा। इससे निर्माण, लॉजिस्टिक्स, भंडारण और संबद्ध औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को सीधा सहारा मिलेगा।
कौशल विकास और ऊर्जा क्षेत्र के नए अवसर
परियोजना के तहत प्रस्तावित गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ एलपीजी एंड एलएनजी टेक्नोलॉजी ऊर्जा क्षेत्र के लिए दक्ष पेशेवर तैयार करने पर ध्यान देगा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि यह संस्थान हर साल 500 लोगों तक को प्रशिक्षित करेगा और उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद करेगा। अन्वी के संस्थापक आशुतोष वर्मा ने कहा, "यह परियोजना भारत के पश्चिमी तट पर ऊर्जा जहाजों के लिए एक और प्रवेश द्वार खोलेगी।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह नया मार्ग वैश्विक शिपिंग को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक संवेदनशील क्षेत्रों से बचकर ऊर्जा परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मुहैया कराएगा। यह कदम गोवा की ऊर्जा आपूर्ति को आत्मनिर्भर बनाएगा और राज्य की दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा क्षमता को नई मजबूती देगा।

















