केरल राज्य लॉटरी विभाग की ओर से आयोजित होने वाले समृद्धि एसएम-75 ड्रॉ को लेकर लॉटरी खरीदारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित यह ड्रॉ 1 करोड़ रुपये के बड़े प्रथम पुरस्कार के साथ सामने आया है। राज्य भर में बड़ी संख्या में लोग इस साप्ताहिक लॉटरी के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इसमें छोटे-बड़े कई श्रेणियों के नकद पुरस्कार शामिल किए गए हैं। आयोजन पूरा होते ही आधिकारिक परिणाम जारी किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागी अपने टिकटों के नंबरों का मिलान कर सकेंगे।
नतीजे सार्वजनिक होते ही अक्सर विभिन्न सोशल मीडिया समूहों और मैसेजिंग ऐप पर अनौपचारिक सूचियां तेजी से प्रसारित होने लगती हैं। प्रतिभागियों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत से साझा की गई जानकारी पर तुरंत भरोसा न करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले आंकड़ों में टाइपिंग की गलती या अधूरी जानकारी होने का जोखिम रहता है। ऐसे में किसी भी दावे पर आगे बढ़ने से पहले आधिकारिक तौर पर प्रकाशित रिजल्ट शीट या सरकारी रिकॉर्ड से ही संख्या की पुष्टि करनी चाहिए।
समृद्धि एसएम-75 की पुरस्कार संरचना और इनामी श्रेणियां
समृद्धि एसएम-75 लॉटरी की खासियत इसकी व्यापक पुरस्कार संरचना है, जिसमें कुल नौ अलग-अलग स्तरों पर विजेताओं का चयन किया जाता है। मुख्य आकर्षण भले ही 1 करोड़ रुपये का पहला इनाम हो, लेकिन इस ड्रॉ में अन्य प्रतिभागियों के लिए भी बड़ी राशि जीतने का मौका रहता है। दूसरा पुरस्कार 25 लाख रुपये का तय किया गया है, जबकि तीसरे विजेता को 5 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह त्रिस्तरीय शीर्ष पुरस्कार संरचना इस ड्रॉ को टिकट धारकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती है।
शीर्ष तीन श्रेणियों के अलावा, निचले स्तर के पुरस्कार भी कई टिकटों को पुरस्कृत करते हैं। इनमें चौथे पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये और पांचवें पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद क्रमशः 1,000 रुपये, 500 रुपये, 200 रुपये और न्यूनतम 100 रुपये के पुरस्कार शामिल हैं। इसके साथ ही ड्रॉ में 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी रखा गया है। इतनी सारी श्रेणियों के चलते प्रतिभागियों के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे केवल शीर्ष संख्या ही न देखें, बल्कि पूरी परिणाम सूची का बारीकी से निरीक्षण करें।
टिकट की जांच करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ड्रॉ संपन्न होने के बाद केरल राज्य लॉटरी विभाग के आधिकारिक संचार माध्यमों पर पूरी परिणाम तालिका उपलब्ध कराई जाती है। टिकट की जांच करते समय केवल अंतिम अंकों या आंशिक संख्याओं का मिलना काफी नहीं होता है। एक वैध जीत स्थापित करने के लिए पूरे टिकट नंबर, उसकी विशेष वर्णमाला श्रृंखला और ड्रॉ से जुड़े सभी विवरणों का हूबहू मिलना अनिवार्य है। किसी भी तरह की विसंगति होने पर टिकट को विजयी नहीं माना जा सकता।
चूंकि इस लॉटरी में 100 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक के अनेक छोटे पुरस्कार शामिल हैं, इसलिए पूरी पीडीएफ या मुद्रित सूची को ध्यान से देखना बेहद जरूरी है। कई बार खरीदार केवल प्रथम या द्वितीय पुरस्कार देखकर टिकट फेंक देते हैं, जबकि उनका नंबर किसी निचली श्रेणी में चुना गया हो सकता है। विजेता बनने की स्थिति में आधिकारिक परिणाम पत्रक की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए, जिससे दावा प्रस्तुत करते समय संदर्भ लेने में आसानी हो।
अनौपचारिक दावों और भ्रामक संदेशों से सतर्क रहें
डिजिटल युग में परिणाम सामने आते ही तस्वीरें एडिट करके या फर्जी संदेश बनाकर इंटरनेट पर घुमाए जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। किसी भी फॉरवर्ड किए गए संदेश या अनौपचारिक सूची में त्रुटियां हो सकती हैं। सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका यही है कि केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित और जारी किए गए आधिकारिक विवरण से ही अपने नंबर का मिलान किया जाए। यदि कोई संशय हो, तो संबंधित सरकारी कार्यालय में जाकर जांच की जा सकती है।
कागजी लॉटरी प्रणाली में केवल नंबर सही होना ही जीत की गारंटी नहीं देता, बल्कि वास्तविक भौतिक टिकट का सुरक्षित होना प्राथमिक शर्त है। फटा हुआ, अत्यधिक मुड़ा हुआ या अस्पष्ट विवरण वाला टिकट दावे के समय समस्या खड़ी कर सकता है। इसलिए जब तक सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, मूल टिकट को पूरी सावधानी के साथ संभालकर रखना चाहिए।
इनामी राशि के दावे की समयसीमा और आवश्यक दस्तावेज
नियमों के मुताबिक, यदि किसी टिकट धारक का नंबर किसी भी पुरस्कार श्रेणी में आता है, तो उसे ड्रॉ की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपना दावा प्रस्तुत करना होगा। इस निर्धारित समयसीमा के बीत जाने के बाद पुरस्कार राशि के दावे को स्वीकार करने में कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें आ सकती हैं। इसलिए परिणाम की पुष्टि होते ही दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए।
दावा करने से पहले विजेता को अपने मूल टिकट के दोनों तरफ स्पष्ट हस्ताक्षर करने होते हैं। इसके साथ एक विधिवत भरा हुआ पुरस्कार दावा फॉर्म संलग्न करना अनिवार्य है। पहचान और सत्यापन के लिए राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित हालिया पासपोर्ट आकार का फोटो, पैन कार्ड की प्रति, वैध पहचान पत्र और स्थायी पते का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है। पुरस्कार राशि के आकार के आधार पर अतिरिक्त प्रपत्रों की आवश्यकता भी पड़ सकती है, जिसकी पुष्टि पहले ही कर लेनी चाहिए।
पुरस्कार राशि के अनुसार कहां जमा करें अपना दावा
केरल में लॉटरी दावों के निपटारे के लिए पुरस्कार राशि के आधार पर अलग-अलग प्रशासनिक स्तर निर्धारित किए गए हैं। छोटे पुरस्कारों के लिए प्रक्रिया को अत्यंत सरल रखा गया है। 5,000 रुपये तक की इनामी राशि का भुगतान राज्य के किसी भी अधिकृत लॉटरी एजेंट के माध्यम से सीधे प्राप्त किया जा सकता है। इससे छोटे विजेताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
यदि पुरस्कार राशि 5,000 रुपये से अधिक और 1 लाख रुपये तक है, तो विजेता को केरल के संबंधित जिला लॉटरी कार्यालय में संपर्क करना होता है। जिला स्तर के अधिकारी इन दावों का सत्यापन कर भुगतान की व्यवस्था करते हैं। इससे बड़े दावों के लिए मामले को राज्य स्तर के मुख्यालय में भेजा जाता है।
उच्च मूल्य के पुरस्कारों के लिए प्रक्रिया सीधे राज्य लॉटरी निदेशालय के अधीन आती है। 1 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक के दावों की जांच उप निदेशक द्वारा की जाती है। वहीं 20 लाख रुपये से अधिक की राशि के दावों का निपटारा सीधे राज्य लॉटरी निदेशक की निगरानी में होता है। ऐसे में 1 करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार जीतने वाले व्यक्ति को सभी मूल कागजातों और औपचारिकताओं के साथ राज्य लॉटरी निदेशालय में ही अपना आवेदन जमा करना होगा।



















