हवा में तैरते हुए विशालकाय नगर, अजब गजब बनावट वाली इमारतें और आसमान में तैरती गाड़ियां अक्सर केवल किसी हॉलीवुड फिल्म का दृश्य मालूम पड़ती हैं। हालांकि इंटरनेट पर सामने आए एक अजीबोगरीब वाकये ने हर किसी को चौंका दिया, जिसमें एक अज्ञात शख्स ने सुदूर भविष्य से लौटने की बात कही। उसने दावा किया कि वह लगभग 1285 साल आगे यानी साल 3311 की दुनिया देखकर वापस लौटा है और अपनी आंखों देखी हकीकत को साबित करने के लिए कुछ तस्वीरें भी साथ लाया है।
यूट्यूब चैनल अपेक्सटीवी पर साझा किए गए इस फुटेज में संबंधित व्यक्ति की पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा पूरी तरह धुंधला किया गया था और आवाज में भी बदलाव किया गया था। उसने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह अपना असली नाम उजागर नहीं कर सकता। अपनी बात के समर्थन में उसने तीन अलग-अलग तस्वीरें पेश कीं। पहली तस्वीर में हरे भरे पहाड़ी इलाके के ऊपर बादलों में टिका हुआ एक भारी भरकम तैरता शहर दिखाई दिया। दूसरी तस्वीर को उसने भविष्य की रिहायशी इमारत बताया, जबकि तीसरी तस्वीर में साधारण मकानों और पेड़ों के ऊपर एक उड़ने वाला वाहन मंडराता नजर आया।
गोपनीय मिशन और क्वांटम तकनीक का दावा
इस व्यक्ति का कहना था कि 1990 के दशक में उसे एक अत्यंत गोपनीय समय यात्रा प्रयोग का हिस्सा बनाया गया था। स्कूल के दिनों में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और तकनीक में उसकी असाधारण समझ को देखते हुए आयोजकों ने उसका चयन किया था। उसके बयान के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक का सहारा लेकर समय में आगे जाने का तरीका खोज निकाला था, जिसके जरिए उसे सीधे साल 3311 में भेजा गया।
डिजिटल छेड़छाड़ और तस्वीरों की सच्चाई
जब दर्शकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इन कथित भविष्य की तस्वीरों की बारीकी से पड़ताल की, तो पूरे दावे की हवा निकल गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि तस्वीरें किसी भविष्य के कैमरे से नहीं, बल्कि साधारण कंप्यूटर एडिटिंग का कमाल थीं। पहाड़ी इलाके के ऊपर दिख रहे तैरते शहर को एक पुरानी लैंडस्केप फोटो पर डिजिटल लेयरिंग करके तैयार किया गया था। वहीं भविष्य का मकान बताई गई दूसरी तस्वीर वास्तव में भारत के मुंबई शहर में स्थित प्रसिद्ध इमारत एंटीलिया की रूपांतरित और एडिट की गई तस्वीर निकली।
क्या वैज्ञानिक तौर पर संभव है समय यात्रा?
भौतिक विज्ञान के नजरिए से समय यात्रा का विषय बेहद जटिल है। भौतिकी में टाइम डाइलेशन जैसी प्रमाणित अवधारणाएं जरूर मौजूद हैं, जो यह साबित करती हैं कि अत्यधिक तीव्र गति या भारी गुरुत्वाकर्षण में समय की चाल धीमी पड़ जाती है। इसी सैद्धांतिक आधार पर भविष्य की ओर गति करने की संभावना पर चर्चा होती है, लेकिन समय में पीछे लौटना या सुदूर भविष्य से वर्तमान में आना अब भी पूरी तरह अनसुलझी पहेली है। ऐसे में साल 3311 से जुड़ा यह पूरा किस्सा केवल एक काल्पनिक इंटरनेट दांव से ज्यादा कुछ साबित नहीं होता।



















