भारतीय शेयर बाजार के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कॉर्पोरेट इवेंट और एमआईसीई सेक्टर से जुड़ी कंपनी इवेंटियंस के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को लेकर संस्थागत निवेशकों में जोरदार उत्साह देखा जा रहा है। बोली प्रक्रिया के दौरान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी श्रेणी में शेयरों की मांग तय कोटे के मुकाबले काफी अधिक दर्ज की गई है। 30 सितंबर को बोली के लिए खुला यह पब्लिक इश्यू 5 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी इस निर्गम के जरिए कुल 38.12 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह पूरा ऑफर पूरी तरह से नए शेयरों का फ्रेश इश्यू है, यानी इसके तहत मौजूदा प्रमोटरों द्वारा कोई शेयर ऑफर फॉर सेल के रूप में नहीं बेचा जा रहा है। कंपनी के शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म एनएसई इमर्ज पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए 8 अक्टूबर की संभावित लिस्टिंग तारीख तय की गई है।
संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में जोरदार बोलियां दर्ज
इस सार्वजनिक पेशकश में सबसे मजबूत और आक्रामक मांग संस्थागत खरीदारों की ओर से देखने को मिली है। आधिकारिक बोली आंकड़ों के मुताबिक, क्यूआईबी श्रेणी के तहत आरक्षित 1.62 लाख शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने करीब 32.22 लाख शेयरों के लिए बोलियां जमा की हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इस श्रेणी में निर्गम को 19.89 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ है। सरल शब्दों में कहें तो संस्थागत निवेशकों ने उनके लिए उपलब्ध शेयरों की तुलना में लगभग 20 गुना अधिक शेयरों की मांग दर्ज कराई है। इस श्रेणी में 118 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी मूल्य बैंड पर प्राप्त बोलियों का कुल वित्तीय मूल्य करीब 38.02 करोड़ रुपये बैठता है, जो इश्यू के कुल आकार के काफी करीब है।
प्राइस बैंड, न्यूनतम लॉट साइज और निवेश की आवश्यक रकम
इवेंटियंस ने अपने इस पब्लिक इश्यू के लिए शेयर का मूल्य दायरा यानी प्राइस बैंड 112 रुपये से 118 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस इश्यू में एक लॉट का साइज 1,200 शेयरों का रखा गया है। हालांकि, व्यक्तिगत खुदरा निवेशकों के लिए इस एसएमई निर्गम में आवेदन करने हेतु न्यूनतम दो लॉट की शर्त रखी गई है। इसका मतलब यह है कि आवेदन करने वाले निवेशक को कम से कम 2,400 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड 118 रुपये के हिसाब से यदि गणना की जाए, तो न्यूनतम 2,400 शेयरों के लिए आवेदन करने पर निवेशक को कुल 2,83,200 रुपये की पूंजी लगानी होगी। एसएमई सेगमेंट के इश्यू में यह अपेक्षाकृत अधिक न्यूनतम निवेश सीमा एक अहम पहलू है, जिसे खुदरा निवेशकों को अपनी वित्तीय योजना बनाते समय ध्यान में रखना होता है।
इश्यू प्रबंधन और आधिकारिक रजिस्ट्रार
इस पब्लिक इश्यू के सुचारू संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी मर्चेंट बैंकर के रूप में कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड संभाल रही है। वहीं, शेयर आवंटन, आवेदनों के सत्यापन और रिफंड प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुद्रा आरटीए वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को इश्यू का आधिकारिक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। बोली प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट और एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग की सभी औपचारिकताएं इन्हीं वित्तीय संस्थाओं के समन्वय से पूरी की जाएंगी।
अनौपचारिक ग्रे मार्केट में हलचल और संभावित संकेत
आधिकारिक बोली प्रक्रिया के साथ-साथ इवेंटियंस का आईपीओ अनौपचारिक ग्रे मार्केट में भी बाजार जानकारों का ध्यान खींच रहा है। ग्रे मार्केट के हालिया संकेतों के अनुसार, कंपनी के शेयर 118 रुपये के अपर इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 42 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम यानी जीएमपी पर कारोबार करते देखे जा रहे हैं। यदि ग्रे मार्केट का यह मौजूदा प्रीमियम लिस्टिंग के दिन तक बना रहता है, तो गणितीय गणना के आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 160 रुपये प्रति शेयर बैठती है।
हालांकि, बाजार विश्लेषक स्पष्ट करते हैं कि यह केवल अनौपचारिक प्रीमियम के आधार पर निकाली गई एक गणितीय संभावना भर है और यह किसी भी सूरत में वास्तविक लिस्टिंग मूल्य की कोई गारंटी नहीं देती है। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी दरअसल आधिकारिक स्टॉक एक्सचेंज तंत्र से बाहर होने वाले गैर-आधिकारिक लेन-देन पर आधारित होता है। यह प्रीमियम बाजार में शेयरों की मांग, कुल सब्सक्रिप्शन स्तर, समग्र बाजार धारणा और लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की उम्मीदों के आधार पर बहुत तेजी से बदल सकता है। इसी वजह से निवेशकों को ग्रे मार्केट के प्रीमियम को कंपनी का आधिकारिक मूल्यांकन या निश्चित मुनाफे का आधार मानने से बचना चाहिए।
कंपनी का कार्यक्षेत्र और बिजनेस मॉडल
इवेंटियंस भारत के एमआईसीई यानी मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस और एग्जीबिशन्स तथा कॉर्पोरेट इवेंट्स के संगठित बाजार में अपनी सेवाएं देती है। आसान शब्दों में समझें तो यह कंपनी विभिन्न व्यापारिक घरानों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए सम्मेलनों, बैठकों, इंसेंटिव दौरों, प्रदर्शनियों और अन्य व्यावसायिक आयोजनों की योजना बनाने और उन्हें जमीन पर उतारने में मदद करती है। कंपनी की सेवाओं में किसी भी बड़े आयोजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल होते हैं, जिनमें आयोजन स्थल का चयन और व्यवस्था, यात्रा योजना, ठहरने के प्रबंध, लॉजिस्टिक्स, वेंडर्स के बीच तालमेल और वास्तविक स्थल पर कार्यक्रम का सफल संचालन शामिल है। अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कंपनी होटलों, ट्रेवल कंपनियों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट फर्मों, प्रोडक्शन एजेंसियों और अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर काम करती है।
कंपनी के संचालन की सबसे बड़ी खासियत इसका एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल है। इसका मतलब यह है कि अपना दैनिक कारोबार चलाने के लिए इवेंटियंस को बड़ी संख्या में होटलों, इवेंट वेन्यू या ट्रांसपोर्ट से जुड़ी संपत्तियों को खुद खरीदने या अपने मालिकाना हक में रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसके बजाय कंपनी बाहरी साझेदारों, वेंडर्स और सेवा प्रदाताओं के एक व्यापक नेटवर्क पर निर्भर रहकर अपनी सेवाएं प्रदान करती है, जिससे इसकी पूंजीगत लागत काफी नियंत्रित रहती है।



















