गुरुवार को केरल स्टेट लॉटरी विभाग की ओर से बहुप्रतीक्षित कारुण्या प्लस KN 642 के नतीजे सामने आ चुके हैं। राज्य में तय समय सारिणी के मुताबिक यह आधिकारिक लकी ड्रॉ तिरुवनंतपुरम स्थित गोर्की भवन के मंच पर संपन्न कराया गया। जिन भी लोगों ने इस विशेष ड्रॉ के टिकट खरीदे थे, वे विभाग द्वारा ड्रॉ प्रक्रिया के बाद जारी होने वाली आधिकारिक पीडीएफ फाइलों के माध्यम से अपने टिकट नंबरों की बारीकी से जांच कर सकते हैं।
कारुण्या प्लस KN 642 की संपूर्ण पुरस्कार सूची
इस सप्ताह के ड्रॉ में विभिन्न स्तरों पर आकर्षक इनामी राशियों का वितरण किया जा रहा है। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए सभी स्तरों का विवरण इस प्रकार है
- पहला पुरस्कार: 1,00,00,000 रुपये
- सांत्वना पुरस्कार: 5,000 रुपये
- दूसरा पुरस्कार: 30,00,000 रुपये
- तीसरा पुरस्कार: 5,00,000 रुपये
- चौथा पुरस्कार: 5,000 रुपये
- पांचवां पुरस्कार: 2,000 रुपये
- छठा पुरस्कार: 1,000 रुपये
- सातवां पुरस्कार: 500 रुपये
- आठवां पुरस्कार: 200 रुपये
- नौवां पुरस्कार: 100 रुपये
विजेता राशि का दावा करने की आधिकारिक प्रक्रिया
नतीजों के ऐलान के उपरांत सफल विजेताओं को अपनी पुरस्कार राशि प्राप्त करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी प्रतिभागी को 5,000 रुपये तक का इनाम मिलता है, तो वह सीधे केरल के किसी भी अधिकृत लॉटरी विक्रेता के पास जाकर अपनी धनराशि ले सकता है। इससे अधिक राशि जीतने वाले भाग्यशाली विजेताओं को अपना मूल विजेता टिकट किसी मान्यता प्राप्त बैंक अथवा सरकारी लॉटरी कार्यालय में सत्यापन हेतु जमा कराना होगा।
इनामी राशि का अंतिम भुगतान जरूरी कटौतियों के बाद ही बैंक खाते में भेजा जाता है। नियमों के तहत पुरस्कार राशि पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर काटा जाता है, जबकि 12 प्रतिशत की राशि एजेंट कमीशन के रूप में काटी जाती है। इन दोनों औपचारिक कटौतियों के बाद जो शुद्ध राशि शेष बचती है, वही विजेता को हस्तांतरित की जाती है। प्रतिभागियों की सुरक्षा और फर्जीवाड़े से बचाव के लिए केरल स्टेट लॉटरी विभाग ने बारकोड स्कैनर की सुविधा भी शुरू की है, जिसकी मदद से टिकट की प्रामाणिकता तुरंत जांची जा सकती है।
साप्ताहिक और सालाना बंपर योजनाओं का व्यापक ढांचा
भारत भर में सरकारी स्तर पर संचालित की जाने वाली लॉटरी प्रणालियों में केरल की लॉटरी व्यवस्था बेहद लोकप्रिय मानी जाती है। इसमें प्रतिदिन अलग-अलग नामों और इनामी संरचनाओं के साथ साप्ताहिक लॉटरी निकाली जाती है। इसके अतिरिक्त राज्य में साल भर प्रमुख अवसरों पर छह बड़े बंपर ड्रॉ भी आयोजित किए जाते हैं।
वार्षिक बंपर कैलेंडर में जनवरी माह में क्रिसमस न्यू ईयर बंपर निकाला जाता है, जबकि मार्च में समर बंपर का आयोजन होता है। इसके बाद मई में विशु बंपर, जुलाई में मानसून बंपर, सितंबर के दौरान तिरुवोनम बंपर और नवंबर में पूजा बंपर की घोषणा की जाती है।



















