सेंस एंड सेंसिबिलिटी रिव्यू (2026): भव्य दृश्यों के बीच खो गई जेन ऑस्टिन के क्लासिक की मूल आत्माशाओमी 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स 23 सितंबर को होंगे पेश, 8,500mAh बैटरी और 200MP कैमरे से लैसऐपल सिरी देरी विवाद में 25 करोड़ डॉलर का समझौता, जानें किन्हें मिलेगा मुआवजा और दावा कैसे करेंदक्षिण कोरियाई वॉन पर विदेशी बिकवाली का दबाव, जानिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा की चालडायसन के $499 वाले कैमरा टूथब्रश की बिक्री अचानक थमी, पानी लीकेज और खराबी के आरोपों पर साधी चुप्पीब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की वकालत, फेड अधिकारी मुसालेम ने 3 फीसदी तक महंगाई का दिया हवालासिंगापुर में निर्यात उछाल और बढ़ती महंगाई से मौद्रिक सख्ती के आसारकेतु का मघा नक्षत्र में गोचर, अगले 75 दिनों तक 6 राशियों पर बरसेगा धन और लाभसितंबर के अंतिम सप्ताह में डिजिटल स्क्रीन पर दस्तक दे रहे हैं 19 नए शोज और फिल्मेंव्हाइट हाउस में पाबंदी के खिलाफ अदालत पहुंचा अमेरिकी मीडिया, सीएनएन समेत तीन बड़े संस्थानों ने दायर किया मुकदमा
पेशवा व्हीट का 53.52 करोड़ रुपये का एसएमई आईपीओ 24 सितंबर को खुलेगा, जाने प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी जानकारीमनी
21 सित॰ 2026, 11:46 pm (54 मिनट पहले)· 0

पेशवा व्हीट का 53.52 करोड़ रुपये का एसएमई आईपीओ 24 सितंबर को खुलेगा, जाने प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी जानकारी

गेहूं प्रोसेसिंग कंपनी पेशवा व्हीट 24 सितंबर को अपना 53.52 करोड़ रुपये का एसएमई पब्लिक इश्यू लाने जा रही है, जिसके लिए प्रति शेयर 95 से 101 रुपये का दायरा तय किया गया है।

खाद्य प्रसंस्करण और गेहूं प्रोसेसिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी पेशवा व्हीट लिमिटेड पूंजी बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर चुकी है। कंपनी 53.52 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से 24 सितंबर को अपना एसएमई आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) सब्सक्रिप्शन के लिए खोलने जा रही है। संस्थागत और खुदरा निवेशकों के लिए बिडिंग विंडो 28 सितंबर तक खुली रहेगी। इस इश्यू के जरिए कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता, बुनियादी ढांचे और नियमित परिचालन जरूरतों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी संसाधन जुटा रही है।

प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश की आवश्यक शर्तें

कंपनी ने अपने सार्वजनिक निर्गम के लिए 95 रुपये से 101 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा निर्धारित किया है। शेयरों का कारोबार बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित है, जहां संभावित लिस्टिंग 1 अक्टूबर को हो सकती है। आम खुदरा निवेशकों के लिए इस निर्गम में न्यूनतम हिस्सेदारी हासिल करने की सीमा पारंपरिक मेनबोर्ड आईपीओ की तुलना में काफी अलग रखी गई है।

ये भी पढ़ें

इस पब्लिक इश्यू के तहत शेयरों का लॉट साइज 1,200 शेयरों का तय किया गया है। खुदरा श्रेणी में आवेदन करने वाले किसी भी निवेशक को कम से कम दो लॉट के लिए बोली लगाना अनिवार्य बनाया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि न्यूनतम आवेदन 2,400 शेयरों का होगा। यदि कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 101 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बोली लगाता है, तो उसे न्यूनतम 2,42,400 रुपये की पूंजी लगानी होगी। गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए प्रवेश स्तर और बड़ा रखा गया है। उन्हें न्यूनतम 3,600 शेयरों के लिए बोली प्रस्तुत करनी होगी, जिसके लिए ऊपरी सीमा पर 3,63,600 रुपये की आवश्यकता होगी।

शेयर आवंटन संरचना और इश्यू का विवरण

पेशवा व्हीट के इस आईपीओ में कुल 52.99 लाख इक्विटी शेयर शामिल किए गए हैं। इस पेशकश में 50.04 लाख शेयर पूरी तरह से नए निर्गम (फ्रेश इश्यू) के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, जबकि 2.95 लाख शेयर मार्केट मेकर श्रेणी के लिए आरक्षित रखे गए हैं।

खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इश्यू का एक बड़ा हिस्सा उनके लिए सुरक्षित किया गया है। खुदरा श्रेणी के लिए कुल 25.03 लाख शेयर निर्धारित किए गए हैं, जो समूचे शुद्ध निर्गम का 50.02% हिस्सा बनता है। वित्तीय प्रबंधन और निर्गम प्रक्रिया को संभालने के लिए फीनैक्स कैपिटल एडवाइजर्स को बुक-रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं, माशितला सिक्योरिटीज को रजिस्ट्रार और भंसाली वैल्यू क्रिएशन्स को अधिकृत मार्केट मेकर के रूप में नियुक्त किया गया है।

आईपीओ से जुटाई जाने वाली पूंजी का उपयोग

पब्लिक इश्यू के माध्यम से प्राप्त होने वाली नई पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा कंपनी के कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) आधार को सशक्त करने में खर्च किया जाएगा। गेहूं प्रसंस्करण उद्योग की प्रकृति को देखते हुए कच्चे माल की नियमित खरीद, भंडारण और दिन-प्रतिदिन के परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी नकदी की आवश्यकता होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनी ने 26.50 करोड़ रुपये सीधे कार्यशील पूंजी के मद में आवंटित किए हैं।

इसके अतिरिक्त, विनिर्माण क्षमताओं में तकनीकी सुधार और विस्तार के लिए भी कोष सुरक्षित रखा गया है। कंपनी ने प्लांट और मशीनरी की खरीद तथा तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए 6.69 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सिविल निर्माण कार्यों के लिए 5.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन विशिष्ट मदों के बाद जो शेष धनराशि बचेगी, उसका उपयोग कंपनी सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और परिचालन विस्तार के लिए करेगी।

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन और प्रमुख अनुपात

वित्तीय मोर्चे पर पेशवा व्हीट ने पिछले दो वित्त वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 215.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई, जबकि वित्तीय वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 171.55 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस अवधि में कंपनी की परिचालन आय में मजबूत इजाफा देखने को मिला है।

कंपनी का एबिटा (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व आय) वित्तीय वर्ष 2025 के 18.05 करोड़ रुपये से सुधरकर वित्तीय वर्ष 2026 में 22.73 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह, कर पश्चात शुद्ध लाभ (पैट) वित्तीय वर्ष 2025 के 11.84 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर वित्तीय वर्ष 2026 में 15.81 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया।

मुनाफे के मार्जिन पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का एबिटा मार्जिन 10.53% रहा, जबकि पैट मार्जिन 7.32% दर्ज किया गया। पूंजी पर रिटर्न के पैमाने पर भी कंपनी की स्थिति मजबूत नजर आती है। मार्च 2026 तक कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) 44.96% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (आरओसीई) 33.44% रहा। कंपनी का कर्ज-से-इक्विटी अनुपात 0.55 दर्ज किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह अपने दैनिक परिचालन और विकास कार्यों के वित्तपोषण के लिए इक्विटी के साथ-साथ सीमित मात्रा में ऋण का भी संतुलित इस्तेमाल करती है।

कारोबारी मॉडल, परिचालन ढांचा और भविष्य की चुनौतियां

वर्ष 2023 में स्थापित पेशवा व्हीट मुख्य रूप से गेहूं प्रसंस्करण और अन्य संबंधित खाद्य उत्पाद श्रेणियों में सक्रिय है। कंपनी की मुख्य विनिर्माण इकाई इंदौर में स्थित है, जिसकी स्थापित उत्पादन क्षमता 56,100 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। मध्य प्रदेश का इंदौर क्षेत्र कृषि और विशेषकर उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है, जिसका लाभ कंपनी के परिचालन को मिलता है।

कारोबारी रणनीति के लिहाज से पेशवा व्हीट सीधे खुदरा उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले ब्रांडेड पैकेटों पर निर्भर रहने के बजाय मुख्य रूप से बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) मॉडल पर काम करती है। यह कंपनी चार राज्यों में फैले थोक विक्रेताओं और बड़े संस्थागत ग्राहकों को अपने प्रसंस्कृत उत्पादों की आपूर्ति करती है। संस्थागत आपूर्ति पर केंद्रित होने के कारण कंपनी को बड़े ऑर्डरों की निरंतरता मिलती है।

पब्लिक लिस्टिंग के बाद कंपनी के दीर्घकालिक विकास के लिए कई कारक बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। इनमें इंदौर प्लांट की मौजूदा क्षमता का विस्तार करना, थोक बाजार में गेहूं की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करना और अपनी कार्यशील पूंजी चक्र को अनुशासित रखना शामिल है। संस्थागत बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की वित्तीय और परिचालन दक्षता ही यह तय करेगी कि वह निवेशकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

सवाल-जवाब

पेशवा व्हीट आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए कब से कब तक खुला रहेगा?
यह आईपीओ 24 सितंबर को बोली के लिए खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा।
कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड कितना तय किया है?
पेशवा व्हीट ने अपने आईपीओ के लिए 95 रुपये से 101 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।
खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम कितने शेयरों का आवेदन जरूरी है?
खुदरा निवेशकों को कम से कम दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसकी लागत ऊपरी प्राइस बैंड पर 2,42,400 रुपये होगी।
यह इश्यू किस प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा और संभावित लिस्टिंग की तारीख क्या है?
कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के लिए प्रस्तावित हैं।
आईपीओ से जुटाए जाने वाले फंड का उपयोग कंपनी कहां करेगी?
कंपनी 26.50 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी, 6.69 करोड़ रुपये मशीनरी, 5.01 करोड़ रुपये सिविल निर्माण और बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों में खर्च करेगी।
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का कुल राजस्व और शुद्ध लाभ कितना रहा?
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की कुल आय 215.96 करोड़ रुपये और कर पश्चात शुद्ध लाभ 15.81 करोड़ रुपये रहा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Rohan Gupta@rohan-gupta·12 मिनट पहले

एसएमई आईपीओ में मिनिमम इन्वेस्टमेंट की लिमिट अच्छी खासी होती है, इसलिए आम निवेशकों को थोड़ा संभलकर ही दांव लगाना चाहिए।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·12 मिनट पहले

रोहन जी, ढाई लाख रुपये कम थोड़ी होते हैं! एसएमई आईपीओ में हाथ डालने से पहले सचमुच सौ बार सोचना पड़ता है।

Michael Anderson@michael-anderson·31 मिनट पहले

गेहूं प्रोसेसिंग का यह आईपीओ आ रहा है, लेकिन क्या खुदरा निवेशकों के लिए दो लाख से ज्यादा का न्यूनतम निवेश थोड़ा ज्यादा नहीं हो जाता? ऐसे में छोटे निवेशकों का रुझान इसमें कैसा रहेगा?

Amit Patel@amit-patel·31 मिनट पहले

माइकल, आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। पिछले साल जब मैं एक छोटी आटा मिल गया था, तो उनके मालिक ने भी यही कहा था कि गेहूं के कारोबार में वर्किंग कैपिटल के बिना एक हफ्ता भी नहीं चल सकते।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp