प्राथमिक पूंजी बाजार में पिछले हफ्ते बंद हुए तीन प्रमुख आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों के शेयर आवंटन की प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 को पूरी की जा रही है। इनमें वाहन कलपुर्जा निर्माता हीरो मोटर्स, खुदरा श्रृंखला संचालक एसएस रिटेल और औद्योगिक पाइप समाधान प्रदाता जिंदल सुप्रीम शामिल हैं। इन तीनों निर्गमों की बोलियां 16 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक स्वीकार की गई थीं। अनौपचारिक ग्रे मार्केट के मौजूदा रुझानों पर नजर डालें तो एसएस रिटेल और जिंदल सुप्रीम के शेयर अपने निर्गम मूल्य से 30 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम पर सूचीबद्ध होने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके विपरीत, हीरो मोटर्स का गैर-सूचीबद्ध बाजार भाव अपने ऊपरी मूल्य दायरे से नीचे चल रहा है, जो बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर कमजोर शुरुआत का अंदेशा दे रहा है।
शेयर आवंटन और महत्वपूर्ण समय-सारणी
तीनों कंपनियों के निर्गम बंद होने के बाद निवेशकों की नजरें अब शेयर अलॉटमेंट की स्थिति पर टिकी हैं। नियमों के मुताबिक 21 सितंबर 2026 को आवंटन आधार अंतिम रूप ले रहा है। जिन बोलीदाताओं को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उनके अवरुद्ध बैंक खातों से धन वापसी या अनब्लॉक करने की प्रक्रिया 22 सितंबर 2026 को पूरी की जाएगी। इसी दिन सफल आवेदकों के डीमैट खातों में इक्विटी शेयर जमा कर दिए जाएंगे। इसके बाद तीनों कंपनियों के शेयरों का आधिकारिक कारोबार 23 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर एक साथ शुरू होगा।
निवेशक अपनी आवेदन स्थिति जांचने के लिए बीएसई और एनएसई के समर्पित वेब पोर्टलों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित निर्गमों के आधिकारिक रजिस्ट्रार के मंच पर भी स्थिति उपलब्ध कराई गई है। हीरो मोटर्स और एसएस रिटेल के निर्गम प्रबंधन का जिम्मा केफिन टेक्नोलॉजीज के पास है, जबकि जिंदल सुप्रीम के रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी बिगशेयर सर्विसेज संभाल रही है। आवेदक अपने पैन नंबर, बैंक खाता संख्या या आवेदन क्रमांक के जरिए आवंटन देख सकते हैं।
- बीएसई आवंटन जांच पोर्टल: बीएसई इंडिया आवेदन स्थिति
- एनएसई बोली सत्यापन पोर्टल: एनएसई इंडिया बोली सत्यापन
- केफिन टेक्नोलॉजीज पोर्टल: केफिनटेक आवंटन स्थिति
- बिगशेयर सर्विसेज पोर्टल: बिगशेयर ऑनलाइन आवंटन
हीरो मोटर्स: ग्राहकी आंकड़े और मूल्यांकन की चिंताएं
हीरो मोटर्स ने प्राथमिक बाजार से 1,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 79 रुपये से 84 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया था। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया के अंत तक निर्गम को कुल मिलाकर 7.01 गुना अभिदान मिला। इसमें गैर-संस्थागत उच्च मूल्य निवेशकों (एनआईआई) के कोटे को 10.47 गुना बोलियां मिलीं, जबकि खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के हिस्से में 8.62 गुना आवेदन दर्ज किए गए। हालांकि, योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की श्रेणी में अपेक्षाकृत सुस्ती देखी गई और यह हिस्सा 1.59 गुना ही भर सका।
अनौपचारिक बाजार में 21 सितंबर 2026 की सुबह दर्ज रुझानों के अनुसार, हीरो मोटर्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम नकारात्मक रुख दिखा रहा है। 84 रुपये के ऊपरी मूल्य की तुलना में इसका अनुमानित सूचीबद्ध मूल्य 82 रुपये आंका गया है, जो निर्गम मूल्य से लगभग 2 रुपये प्रति शेयर नीचे है।
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने अपने अध्ययन में उल्लेख किया कि कंपनी का मूल्यांकन उसकी वर्तमान वित्तीय लाभप्रदता की तुलना में काफी ऊंचा दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों ने कहा कि हीरो मोटर्स के पास इस मूल्यांकन प्रीमियम का समर्थन करने के लिए बहुत बड़ा लाभ मार्जिन नहीं है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का परिचालन लाभ (एबिटा) मार्जिन 13.5 प्रतिशत रहा है, जो यूनो मिंडा और वैरोक इंजीनियरिंग से बेहतर है, लेकिन सीआईई ऑटोमोटिव और एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज से कम है, तथा सोना बीएलडब्ल्यू के मार्जिन से तो काफी पीछे है।
इसके बावजूद 92.7 गुना आय गुणक पर कंपनी का मूल्यांकन इन सभी प्रतिस्पर्धियों से काफी अधिक आंका गया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार निवेशक भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन पावरट्रेन के अवसरों, संभावित आय वृद्धि और लाभप्रदता में सुधार की उम्मीद के लिए अग्रिम प्रीमियम चुका रहे हैं। अब देखना यह होगा कि कंपनी के वास्तविक वित्तीय आंकड़े कब तक इस ऊंचे मूल्यांकन की बराबरी कर पाते हैं।
एसएस रिटेल: 107 गुना से ज्यादा बोलियां और मजबूत प्रीमियम
खुदरा क्षेत्र की कंपनी एसएस रिटेल ने 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 403 रुपये से 424 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा रखा था। निर्गम के अंतिम दिन तक इसे निवेशकों का असाधारण समर्थन मिला और पूरी पेशकश 107.41 गुना अधिक सब्सक्राइब हुई। संस्थागत खरीदारों ने इसमें जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई, जिसके चलते क्यूआईबी श्रेणी में 214.22 गुना आवेदन आए। गैर-संस्थागत निवेशकों का कोटा 150.33 गुना भरा, जबकि खुदरा निवेशकों के हिस्से को 35.81 गुना ग्राहकी प्राप्त हुई।
ग्रे मार्केट ट्रैकर के 21 सितंबर 2026 के सुबह 10:02:06 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, एसएस रिटेल का प्रीमियम 155 रुपये पर चल रहा है। 424 रुपये के ऊपरी मूल्य दायरे को जोड़ने पर इसका अनुमानित सूचीबद्ध मूल्य 579 रुपये निकलता है, जो लगभग 36.56 प्रतिशत के मजबूत सूचीबद्ध मुनाफे की संभावना दर्शाता है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के विश्लेषकों ने कंपनी के बुनियादी ढांचे पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया है। विश्लेषकों ने रेखांकित किया कि एसएस रिटेल ने बढ़ते राजस्व, बेहतर लाभप्रदता और स्थिर मार्जिन का प्रदर्शन किया है, भले ही मार्जिन विस्तार की गति संतुलित रही हो। अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में इसने अपने स्टोर नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए बेहतर व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। नए उभरते बाजारों में इसकी बढ़ती मौजूदगी भावी विस्तार के लिए मजबूत आधार तैयार करती है। इसके अतिरिक्त, कम ऋण-इक्विटी अनुपात कंपनी की वित्तीय स्थिरता और प्रबंधनीय कर्ज स्तर को दर्शाता है।
जिंदल सुप्रीम: औद्योगिक मांग और स्थिर आधार का सहारा
जिंदल सुप्रीम ने 88 रुपये से 93 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में बोलियां आमंत्रित की थीं। इस निर्गम के शेयर आवंटन को भी 21 सितंबर 2026 को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसकी स्थिति बिगशेयर सर्विसेज के पोर्टल पर जांची जा सकती है।
अनौपचारिक बाजार में 21 सितंबर 2026 के सुबह 10:02:05 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, जिंदल सुप्रीम का ग्रे मार्केट प्रीमियम 29 रुपये दर्ज किया गया। 93 रुपये के निर्गम मूल्य के आधार पर इसका संभावित सूचीबद्ध मूल्य 122 रुपये बैठता है, जो निवेशकों को प्रति शेयर 31.18 प्रतिशत का संभावित लाभ मिलने का संकेत देता है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के विश्लेषकों ने जिंदल सुप्रीम के कारोबार की समीक्षा करते हुए बताया कि कंपनी ने अपने परिचालन प्रदर्शन में लगातार सुधार दिखाया है, जिसे उच्च राजस्व और शुद्ध लाभ से बल मिला है, यद्यपि मार्जिन में हल्का दबाव देखा गया है। डीलर नेटवर्क का निरंतर विस्तार ग्राहकों तक बेहतर पहुंच बनाने और बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने में सहायक साबित हो रहा है। मजबूत क्षेत्रीय उपस्थिति, उत्पादन क्षमता का स्थिर उपयोग और समग्र परिचालन दक्षता इसके भविष्य के विकास को गति प्रदान कर रहे हैं। यद्यपि पैमाने के मामले में कंपनी अपने कुछ बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में छोटी है, लेकिन इसका मूल्यांकन और बुनियादी वित्तीय ढांचा लंबी अवधि के दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करते हैं।



















