त्योहारी सीजन या किसी पारिवारिक उत्सव के दौरान अपने परिजनों के सुरक्षित आर्थिक भविष्य के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी एक भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरता है। पारंपरिक उपहारों के बजाय बचत और गारंटीड रिटर्न वाली योजनाएं लंबे समय में परिवार के सदस्यों, खासकर महिलाओं और घर के बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 1 जून 2026 से अपनी सावधि जमा योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया है, जिसका सीधा असर बचत करने वाले करोड़ों खाताधारकों पर पड़ेगा।
सुपर सीनियर नागरिकों के लिए विशेष ब्याज दरें
बैंक द्वारा जारी नवीनतम ब्याज दरों के अनुसार, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के सुपर सीनियर नागरिकों को आम जमाकर्ताओं की तुलना में अधिक लाभ दिया जा रहा है। 3 करोड़ रुपये से कम की घरेलू फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत अलग-अलग समयावधियों पर बैंक द्वारा तय की गई दरें इस प्रकार हैं
- अल्पकालिक जमा: 7 दिन से 45 दिन की अल्पावधि जमा योजना पर खाताधारकों को 3.80 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज मिल रहा है।
- मध्यम अवधि जमा: 1 वर्ष से अधिक और 389 दिन तक की समयावधि के लिए 7.10 प्रतिशत की दर से ब्याज निर्धारित किया गया है।
- दीर्घकालिक विकल्प: 3 वर्ष से अधिक और 1203 दिन तक की अवधि पर ब्याज दर 7.15 प्रतिशत रखी गई है।
- लंबी अवधि निवेश: 5 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक की अवधि के लिए 6.80 प्रतिशत की ब्याज दर लागू है।
आम ग्राहकों के लिए सामान्य सावधि जमा पर अधिकतम ब्याज स्तर करीब 6.40 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत के दायरे में बना हुआ है, जबकि सुपर सीनियर नागरिकों को चयनित समयावधि पर 7.40 प्रतिशत तक का अधिकतम रिटर्न हासिल हो रहा है।
पीएनबी उत्तम नॉन-कॉलेबल स्कीम के प्रावधान
बड़ी रकम जमा करने के इच्छुक ग्राहकों के लिए बैंक पीएनबी उत्तम नॉन-कॉलेबल एफडी का विकल्प भी उपलब्ध कराता है। यह विशेष योजना 1 करोड़ रुपये से अधिक और 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर लागू होती है। इस योजना की मुख्य शर्त यह है कि इसमें सामान्य सावधि जमा की तरह परिपक्वता से पूर्व राशि निकालने की अनुमति नहीं होती है, जिसके एवज में बैंक अधिक आकर्षक ब्याज दरें प्रदान करता है।
1 जून 2026 से प्रभावी बदलावों के तहत इस नॉन-कॉलेबल योजना में 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर जमाकर्ताओं को 444 दिन की जमा पर 7.50 प्रतिशत, 666 दिन की अवधि पर 7.40 प्रतिशत, 1 वर्ष के लिए 7.15 प्रतिशत और 1 वर्ष से अधिक की कुछ चुनिंदा अवधियों पर 7.20 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। इसके साथ ही 3 वर्ष से अधिक की कुछ श्रेणियों में ब्याज दर 7.25 प्रतिशत तक पहुंचती है।
सावधि जमा चुनते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां
हालांकि बैंक के आधिकारिक चार्ट में 8 प्रतिशत की निश्चित ब्याज दर का आंकड़ा नहीं है, लेकिन कुछ संबंधित सरकारी या कॉरपोरेट निवेश विकल्पों में 8 प्रतिशत या उससे अधिक का प्रतिफल संभव हो सकता है। ऐसे किसी भी निवेश से पूर्व संबंधित योजनाओं के नियम, शर्तें और जोखिम समझना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को केवल ब्याज दर देखकर ही निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि अपनी लिक्विडिटी जरूरतों का आकलन करते हुए समय-सीमा का चयन करना चाहिए। नॉन-कॉलेबल एफडी में पैसा लॉक रहता है, इसलिए आपात स्थिति को ध्यान में रखकर ही कदम उठाना चाहिए, साथ ही अर्जित ब्याज पर लगने वाले टैक्स नियमों की जानकारी रखना भी आवश्यक है।



















