फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने वाले खाताधारकों के लिए रिटर्न के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी की ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह संशोधन 12 महीने से लेकर 60 महीने तक की समयावधि वाली जमा योजनाओं पर लागू किया गया है। कंपनी की ओर से यह नई ब्याज दरें 7 अक्टूबर से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं।
आरबीआई के नीतिगत फैसले के बाद उठाया कदम
कंपनी का यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के उस कदम के बाद सामने आया है, जिसमें रेपो दर को 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 5.25 फीसदी से 5.50 फीसदी कर दिया गया था। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को कैलिब्रेटेड टाइटनिंग की तरफ मोड़ा था। इसी वित्तीय माहौल को देखते हुए गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान ने अपनी जमा दरों को बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि बचतकर्ताओं को बेहतर रिटर्न की पेशकश की जा सके।
सामान्य जमाकर्ताओं के लिए नई ब्याज दरें
कंपनी के आधिकारिक ऐलान के अनुसार, सबसे बड़ा लाभ लंबी अवधि के निवेश पर दिया जा रहा है। सामान्य वर्ग के जमाकर्ताओं के लिए 12 महीने से 17 महीने की अवधि वाली जमा राशि पर ब्याज दर 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 6.80 फीसदी हो गई है। वहीं 18 महीने से 30 महीने के ब्रैकेट में 15 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद यह दर 7.00 फीसदी पर पहुंच गई है। इसके अलावा 31 महीने से 60 महीने की लंबी अवधि वाली एफडी पर दर में 35 बेसिस प्वाइंट्स का जोरदार उछाल आया है, जिससे यह पहले के 7.40 फीसदी से बढ़कर अब 7.75 फीसदी हो चुकी है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा ज्यादा ब्याज
वरिष्ठ नागरिकों को इस बदलाव के तहत अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा और मुनाफा प्रदान किया गया है। नियमित दरों के मुकाबले वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज के अंतर को 35 बेसिस प्वाइंट्स से बढ़ाकर 40 बेसिस प्वाइंट्स कर दिया गया है। इस संशोधन के बाद 12 महीने से 17 महीने की मियाद के लिए बुजुर्गों को 7.20 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। 18 महीने से 30 महीने की अवधि के लिए यह दर 7.40 फीसदी तय की गई है। सबसे लंबी अवधि यानी 31 महीने से 60 महीने की एफडी पर वरिष्ठ नागरिक अब 8.15 फीसदी की आकर्षक दर से ब्याज अर्जित कर सकते हैं, जबकि इस संशोधन से पहले बुजुर्गों के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.75 फीसदी थी।
रिन्यूअल पर अतिरिक्त फायदा और भुगतान के विकल्प
कंपनी के मौजूदा ग्राहकों के लिए भी विशेष लाभ की व्यवस्था की गई है। मैच्योर हो रही जमा राशि को दोबारा रिन्यू कराने वाले मौजूदा खाताधारकों को 10 बेसिस प्वाइंट्स का अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा। इस अतिरिक्त लाभ के जुड़ने से 31 महीने से 60 महीने की अवधि में सामान्य जमाकर्ताओं के लिए अधिकतम दर 7.85 फीसदी तक पहुंच जाती है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर बढ़कर 8.25 फीसदी हो जाती है। संशोधित ब्याज दरें नई जमाओं और नवीनीकरण दोनों पर समान रूप से मान्य हैं। इसके अलावा निवेशकों को कम्युलेटिव डिपॉजिट, जिसमें ब्याज का भुगतान मैच्योरिटी पर होता है, या फिर नॉन-कम्युलेटिव विकल्प चुनने की पूरी आजादी दी गई है। नॉन-कम्युलेटिव स्कीम में निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर ब्याज का भुगतान ले सकते हैं।
शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की चाल
बुधवार को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की जा रही थी, लेकिन इसके विपरीत बजाज फाइनेंस के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। कंपनी के शेयर 3.90 रुपये यानी 0.40 फीसदी की बढ़त के साथ 967.00 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जो कि इसके पिछले बंद स्तर से ज्यादा था।



















