मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले में पुलिस प्रशासन ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्थानीय आबादी को सख्त चेतावनी जारी की है। एक आधिकारिक बयान जारी कर कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने ग्रामीण मुखियाओं, प्रधानों, अध्यक्षों, सचिवों और आम नागरिकों से अफीम की अवैध बुवाई और खेती से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैरकानूनी कार्यों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे, जिसमें गिरफ्तारी और कड़ी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना शामिल है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और संपत्तियों की कुर्की
प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों में चेतावनी दी गई है कि अफीम की अवैध खेती में शामिल व्यक्तियों की संपत्तियों को कुर्क किया जा सकता है और उन्हें जब्त भी किया जाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, गैरकानूनी तरीके से उगाई गई किसी भी फसल को सीधे तौर पर जब्त कर नष्ट करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, आम जनता से अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी अफीम की खेती की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की चौकी या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें। यह गैरकानूनी कृत्य स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS एक्ट) के तहत एक दंडनीय अपराध है।
कांगपोकपी में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घरों में आगजनी
एक अलग घटनाक्रम में, मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा कई खाली पड़े लकड़ी के मकानों को आग लगाने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ये मकान कुकी समुदाय के लोगों के थे। आगजनी की यह घटना दोपहर करीब 2 बजे कालेनजांग इलाके में हुई, जहां उपद्रवियों ने घरों में आग लगाने से पहले हवा में कई राउंड गोलियां भी चलाईं।
इलाके में दहशत और नुकसान की स्थिति
आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने दोपहर के समय लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनने की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में फिर से हिंसा भड़कने की आशंका और दहशत का माहौल पैदा हो गया है। हालांकि घटना में क्षतिग्रस्त हुए मकानों की कुल संख्या का अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी तरह पता नहीं चल पाया है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि कम से कम तीन घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं। इस आगजनी के लिए जिम्मेदार हमलावरों की पहचान और इस हमले के पीछे के असल मकसद का अब तक पता नहीं चल सका है।























