नगालैंड के मकोकचुंग जिले के प्रशासन ने जहरीली शराब की बिक्री, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शून्य सहनशीलता की नीति का ऐलान किया है। यह कड़ा कदम क्षेत्र के कई हिस्सों और मांगकोलेम्बा उप-मंडल में अवैध और जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौतों और कई लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की दर्दनाक घटनाओं के बाद उठाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है ताकि ऐसी त्रासदियों को दोबारा होने से रोका जा सके।
आपातकालीन बैठक में बनी रूपरेखा
इस पूरे मामले को लेकर 26 सितंबर को जिला मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण और आपातकालीन समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अजीत कुमार वर्मा ने उनके कार्यालय कक्ष में की। बैठक में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख अधिकारियों के साथ-साथ वार्ड प्राधिकरणों, ग्राम परिषदों, नागरिक समाज के संगठनों और अन्य प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा हालात की समीक्षा करना और अवैध शराब के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना था।
छापेमारी और जब्ती के सख्त निर्देश
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपायुक्त अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में पैदा हुए अत्यंत गंभीर और चिंताजनक हालात को ध्यान में रखते हुए यह सर्वसम्मति से प्रस्ताव अपनाया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिले में शराब का जो भी स्टॉक मौजूद है या जिन लोगों के पास भी प्रतिबंधित और अवैध शराब है, उसे कानून के सुसंगत प्रावधानों के तहत तुरंत जब्त किया जाएगा और नष्ट किया जाएगा। प्रशासन को सबसे पहले मांगकोलेम्बा उप-मंडल से ही संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत होने की शुरुआती खबरें मिली थीं, जिसके तुरंत बाद पुलिस, क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से छापेमारी की योजना बनाई गई।
नागरिकों से स्वास्थ्य जांच की अपील
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय शहरी, ग्राम और वार्ड प्राधिकरणों के साथ-साथ नागरिक समाज के संगठनों के सहयोग से मकोकचुंग में प्रवर्तन अभियानों को और अधिक तीव्र किया जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए किसी भी प्रकार की शराब को खरीदने या उसका सेवन करने से पूरी तरह बचें। इसके अलावा, जिन लोगों ने पिछले 48 घंटों के भीतर किसी भी रूप में शराब का सेवन किया है और उसके बाद उन्हें चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में तकलीफ, जी मिचलाना, पेट में तेज दर्द या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, उन्हें तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए और इस मामले की सूचना स्थानीय अधिकारियों को देनी चाहिए।
पुलिस विभाग की कड़ी कार्रवाई और निगरानी
जिला प्रशासन के इन प्रयासों के बीच, मकोकचुंग पुलिस ने भी नगालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से सख्त प्रवर्तन लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वेसुप्रा केजो द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले के सभी पुलिस थानों के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में गश्त और निगरानी को और ज्यादा बढ़ा दें। पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कॉलोनियों, दुकानों, ढाबों, होटलों, घरों और अन्य परिसरों में शराब की बिक्री, भंडारण और वितरण करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सार्वजनिक सहयोग और संपर्क नंबर
अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने आम जनता से भी आगे आने की अपील की है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि यदि उन्हें अवैध शराब के परिवहन या उसकी बिक्री से जुड़ी कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। किसी भी आपात स्थिति या सूचना देने के लिए नागरिक मकोकचुंग पुलिस से 6009828769 पर, मांगकोलेम्बा पुलिस से 7005675868 पर और तुली पुलिस से 7005512093 पर संपर्क कर सकते हैं।



















