पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां जहरीली और मिलावटी शराब के सेवन के कारण 19 लोगों ने दम तोड़ दिया। यह भीषण हादसा उस राज्य में हुआ है जहां साल 1990 से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस घटना के बाद से कानून व्यवस्था और शराबबंदी के सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि मौत के सौदागरों को पकड़ा जा सके।
मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में मचा कोहराम
मिली जानकारी के अनुसार, ये मौतें राज्य के दो अलग-अलग जिलों में पिछले दो दिनों के भीतर हुई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोकोकचुंग जिले में 8 लोगों ने दम तोड़ा है, जबकि तुएनसांग जिले में 11 लोगों की जान गई है। इन सभी मौतों का कारण जहरीली शराब का सेवन बताया जा रहा है। इससे पहले सितंबर महीने के मध्य में जब मौतों का प्रारंभिक आंकड़ा सामने आया था, तब पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। उस दौरान पुलिस ने 470 बोतलें और बीयर कैन जब्त किए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर लगाम नहीं लग सकी और अंततः यह भीषण हादसा हो गया।
एसआईटी करेगी मिलावटी शराब के अवैध नेटवर्क की जांच
इस गंभीर मामले की तह तक जाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) वेसुप्रा केज़ो ने जानकारी दी कि एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) आई. बुंगलांग चांग इस टीम की कप्तानी करेंगे। यह विशेष दल अवैध शराब के स्रोत, उसकी सप्लाई चेन और राज्य में इसके अवैध व्यापार के पूरे तंत्र का पता लगाने का काम करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



















