मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात, मां-बेटी के बैग से एक करोड़ की ज्वेलरी और आठ लाख नकदी चोरीअखिल गोगोई ने ऊपरी असम बाढ़ राहत की मांग को लेकर खत्म किया उपवासउम्र बढ़ने के साथ आंखों को रखना है सुरक्षित, तो आज ही अपनाएं ये पांच आसान आदतेंशादी के बाद इन तारीखों में जन्मी लड़कियां लाती हैं गुडलक और ससुराल में बरकतवॉशिंगटन के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने विमान के डरावने सफर के बाद बनाया टर्बुलेंस का पता लगाने वाला AI सिस्टम, मिली 95 लाख रुपये की स्कॉलरशिपलद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मिला अनूठा तोहफाअरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक टक्कर, क्या कहती है दोनों देशों की असली ताकत?कोडरमा में सांप भगाने का नायाब तरीका, स्कूल संचालक ने 15 साल पहले अपनाई थी यह तरकीबमेघालय में दिसंबर एसएसएलसी परीक्षा योजना से शिक्षक और अभिभावक परेशानअरुणाचल प्रदेश के नामसाई में स्कूली शिक्षा को मजबूती देने के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड ने उठाया बड़ा कदम
18 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे या खुलेंगे, जानिए दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार का पूरा हालभारत
17 सित॰ 2026, 5:02 pm (2 घंटे पहले)· 0

18 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे या खुलेंगे, जानिए दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार का पूरा हाल

सितंबर महीने में भी कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे छात्र और अभिभावक स्कूल की छुट्टियों को लेकर असमंजस में हैं। 18 सितंबर 2026 को लेकर मौसम विभाग के ताजा अपडेट और राज्यों की स्थिति यहां जानें।

सितंबर का महीना अमूमन मानसून की विदाई का समय माना जाता है और देश के अधिकांश हिस्सों में इस दौरान बारिश थमने लगती है। हालांकि इस साल मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग नजर आ रहा है और महीने के इस दौर में भी कई राज्यों में बादलों की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग की तरफ से आ रहे लगातार अपडेट्स के कारण छात्र, अभिभावक और शिक्षक असमंजस में हैं कि क्या शिक्षण संस्थान खुले रहेंगे या अवकाश घोषित किया जाएगा।

सुबह के समय जब तेज बारिश हो रही होती है, तो बच्चों के मन में सबसे पहले स्कूल की छुट्टी को लेकर सवाल उठता है। आज विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर कई क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थान बंद रहे थे, जिसके बाद अब लोगों की नजरें आगामी दिन पर टिकी हैं। आइए जानते हैं कि 18 सितंबर 2026 यानी शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूल खुलेंगे या अवकाश रहेगा।

ये भी पढ़ें

मौसम विभाग की चेतावनियां और छुट्टियों का फैसला

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, देश के कुछ विशेष क्षेत्रों में बारिश का नया दौर असर डाल सकता है। हालांकि यह समझना आवश्यक है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान और स्कूलों की छुट्टियों का सीधा संबंध नहीं होता है। किसी भी क्षेत्र में खराब मौसम या आपदा की स्थिति को देखते हुए अवकाश घोषित करने का पूरा अधिकार स्थानीय जिला प्रशासन या राज्य सरकार के पास होता है।

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक देश भर में मौसम एक जैसा नहीं है और कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। ओडिशा और बिहार में मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं, जहां ओडिशा में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है, वहीं बिहार के कई जिलों में भी भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।

अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल का मिजाज

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए मौसम विभाग ने बेहद भारी बारिश और तेज बादलों की गर्जना की चेतावनी दी है, जिससे वहां जनजीवन और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इन सभी राज्यों में शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे या चलेंगे, इसका अंतिम निर्णय स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट या शिक्षा विभाग की ओर से हालात की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थिति बिल्कुल अलग है। उप-मंडलवार मौसम अपडेट के अनुसार पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों और सिक्किम के लिए 18 सितंबर को कोई खास चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहां छिटपुट बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन भारी बारिश का कोई आधिकारिक अलर्ट न होने के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहने की कोई संभावना नहीं है और कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होंगी।

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में 18 सितंबर के दिन आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है। इस दौरान तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के दायरे में बने रहने की संभावना है। सबसे राहत की बात यह है कि दिल्ली के लिए किसी बड़े खतरे या भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते यहाँ सभी स्कूल पूरी तरह सामान्य रूप से खुलेंगे।

बदलते मौसम के इस दौर में छात्र और अभिभावकों के लिए सबसे अहम सलाह यही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। यदि आपके स्थानीय क्षेत्र में भारी जलभराव या गंभीर स्थिति बनती है, तो जिला प्रशासन की तरफ से स्वतः अवकाश का आदेश जारी किया जाता है। किसी भी सूचना के लिए हमेशा अपने स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्थानीय प्रशासन के प्रामाणिक निर्देशों पर ही भरोसा करें।

सवाल-जवाब

18 सितंबर 2026 को क्या सभी जगह स्कूल बंद रहेंगे?
नहीं, सभी जगह स्कूल बंद नहीं रहेंगे। केवल उन्हीं इलाकों में छुट्टी का फैसला लिया जा सकता है जहां भारी बारिश का गंभीर अलर्ट है।
दिल्ली-एनसीआर में 18 सितंबर को स्कूल खुलेंगे या नहीं?
दिल्ली-एनसीआर में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और कोई बड़ा बारिश का अलर्ट नहीं है, इसलिए स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे।
स्कूलों में छुट्टी का फैसला कौन लेता है?
खराब मौसम या भारी बारिश के दौरान स्कूलों में छुट्टी का अंतिम फैसला स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार का प्रशासन लेता है।
बिहार और ओडिशा के मौसम को लेकर क्या अपडेट है?
आईएमडी के अनुसार ओडिशा में झमाझम बारिश होने की संभावना है और बिहार के कई जिलों में भारी बारिश तथा वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को मौसम कैसा रहेगा?
पश्चिम बंगाल, दक्षिणी हिस्सों और सिक्किम के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, इसलिए वहां स्कूल खुले रहेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से मौसम की चेतावनियों के दौरान जिला प्रशासन की समयबद्ध स्पष्टता बेहद जरूरी है। जब भारी बारिश या वज्रपात की चेतावनी हो, तो स्थानीय जिला मजिस्ट्रेटों को समय रहते आधिकारिक आदेश जारी करने चाहिए। स्कूल की छुट्टियों को लेकर निर्णय में देरी से सड़कों पर भ्रम, यातायात का दबाव और स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा होता है। सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और स्पष्ट दिशा-निर्देश अनिवार्य हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण की बात बिल्कुल सटीक है। शासन के स्तर पर एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की कमी ही इस अनिश्चितता का मुख्य कारण है। जब तक मौसम विभाग के अलर्ट को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) के डिजिटल नोटिफिकेशन सिस्टम से सीधे नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक अंतिम समय में निर्णय लेने की प्रशासनिक देरी बनी रहेगी। विशेषकर बुनियादी ढाँचे से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों में, जहाँ जलभराव से आवागमन ठप हो जाता है, सुबह के वक्त आने वाले आदेश निष्प्रभावी साबित होते हैं। लोक नीति के तहत राज्यों को ऐसे निर्णयों के लिए एक निश्चित कट-ऑफ समय तय करना चाहिए ताकि बच्चों की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण समय रहते सुनिश्चित किया जा सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR