ट्रेन के एसी कोच में सफर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक ताजा मामले में मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस से सफर कर रही एक महिला और उसकी बेटी के सामान पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। इस घटना में करीब एक करोड़ रुपए के गहने और आठ लाख रुपए नकद गायब हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में राजकीय रेलवे पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है।
नागपुर से एक पारिवारिक समारोह से लौट रहा था परिवार
यह पूरी घटना उस समय सामने आई जब परिवार नागपुर में आयोजित एक सगाई समारोह में शिरकत करने के बाद अपने घर वापस लौट रहा था। मांगीदेवी और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित ने महाराष्ट्र के नागपुर से नोखा आने के लिए मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी थी। सफर के दौरान दोनों ने ट्रेन के एसी कोच बी-1 में अपनी सीटें आरक्षित की थीं। मांगीदेवी को कोच में सीट संख्या पच्चीस और उनकी बेटी को सीट संख्या अट्ठाइस आवंटित हुई थी। उनके पास दो ट्रॉली बैग के अलावा तीन से चार अन्य बैग भी मौजूद थे, जिन्हें उन्होंने यात्रा के दौरान अपनी सीटों के नीचे सुरक्षित तरीके से रख दिया था। परिवार का मुख्य व्यवसाय महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरूड़ में मिठाई का है, जहां उनके परिवार के अन्य सदस्य भी निवास करते हैं।
घर पहुंचने पर बैग खोलने पर चला चोरी का पता
सफर के दौरान मां-बेटी को अपने सामान के साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ और यात्रा सामान्य रूप से चलती रही। जब बारह सितंबर को ट्रेन नोखा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो उनके परिजन उन्हें रिसीव करने के लिए पहले से ही स्टेशन पर मौजूद थे। ट्रेन से उतरने के बाद वे सभी सामान सहित सीधे अपने गांव देसलसर स्थित घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद जब मांगीदेवी ने अपना मुख्य ट्रॉली बैग खोला, तो उनके होश उड़ गए। बैग के भीतर का सारा सामान अस्त-व्यस्त था और कीमती सामान गायब था। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने जब अन्य सभी बैगों की दोबारा गहन तलाशी ली, तो उन्हें चोरी की इस बड़ी वारदात का अहसास हुआ।
करोड़ों के गहने और नकदी गायब मिलने से मचा हड़कंप
परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैग से लगभग सत्तर तोला सोने के आभूषण, करीब आधा किलोग्राम चांदी के गहने और आठ लाख रुपए की नकदी गायब मिली। चोरी हुए कुल सामान और नकदी की अनुमानित बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपए आंकी गई है। घर पहुंचने से पहले तक किसी को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि सफर के दौरान उनके साथ इतनी बड़ी चोरी हो चुकी है। चूंकि सामान को सीट के नीचे रखा गया था और सफर के दौरान यह सुरक्षित प्रतीत हो रहा था, इसलिए किसी को तुरंत यह अंदाजा नहीं हुआ कि चोरों ने इतनी सफाई से हाथ साफ कर लिया है।
जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी
इस सनसनीखेज चोरी के खुलासे के बाद चौदह सितंबर को बीकानेर जीआरपी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से मामला दर्ज करवाया गया। थाने की प्रभारी नेहा राजपुरोहित ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि देसलसर निवासी विक्रम राजपुरोहित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर ट्रेन के किस हिस्से में और किस सफर के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया। इसके लिए ट्रेन के भीतर और यात्रा मार्ग में आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यात्रा के दौरान मां-बेटी की सीटों के आसपास मौजूद रहे संदिग्ध यात्रियों की भी पहचान की जा रही है और उनसे पूछताछ का सिलसिला जारी है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके।


















