बागेश्वर: मौजूदा दौर में लैपटॉप, स्मार्टफोन और कंप्यूटर का अत्यधिक इस्तेमाल हमारी आंखों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से लोगों में आंखों का सूखना, खुजली होना, जलन पैदा होना और थकान जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, जो लोग मैदानी या फील्ड का काम करते हैं, उन्हें धूप, मिट्टी और बाहरी प्रदूषण की वजह से आंखों से जुड़ी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आंखों की सही और नियमित देखभाल करना बेहद अनिवार्य हो गया है। जानकारों का मानना है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ सामान्य एहतियात बरतकर आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है। हालांकि किसी भी तरह की गंभीर या पुरानी समस्या होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
धूप में निकलते समय सनग्लासेस का करें इस्तेमाल
तेज धूप के बीच घर से बाहर कदम रखते समय अपनी आंखों को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से महफूज रखना आवश्यक है। इसके लिए बढ़िया क्वालिटी के यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे आंखों को तेज रोशनी, धूल के कणों और हवा के झोंकों से होने वाली तकलीफ से बचाने में काफी मदद मिलती है। खासकर उन लोगों के लिए यह एहतियात बहुत उपयोगी साबित हो सकता है जो अपना ज्यादातर काम खुले आसमान के नीचे फील्ड में करते हैं।
बार-बार ठंडे पानी से आंखें धोने से बचें
आंखों में थकान या किसी तरह की चुभन महसूस होने पर तमाम लोग बार-बार उन्हें ठंडे पानी से धोने लगते हैं। डॉक्टर बताती हैं कि हर छोटी-मोटी दिक्कत का हल बार-बार पानी डालना नहीं होता है। आंखों की साफ-सफाई का ख्याल रखना तो अपनी जगह अहम है, लेकिन पानी के छींटे मारने के बजाय समस्या की असली जड़ को समझना ज्यादा जरूरी है। अगर आंखों में लगातार खुजली या जलन बनी रहती है, तो खुद से उपाय करने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से पूरी जांच करवानी चाहिए।
बिना चिकित्सकीय सलाह के आई ड्रॉप न डालें
आंखों में लाली छा जाने, खुजली होने या पानी टपकने की स्थिति में अपनी मनमर्जी से किसी भी मेडिकल स्टोर से लाकर आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। हर इंसान की आंखों की शारीरिक बनावट और दिक्कत की वजह अलग हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी भी तरह की दवा आंख में डालने से सख्ती से बचना चाहिए।
खानपान में अलसी के बीजों को दें जगह
अलसी के बीजों के अंदर ओमेगा-3 फैटी एसिड समेत कई तरह के जरूरी पोषक तत्वचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन्हें सही मात्रा में अपने भोजन का हिस्सा बनाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। आंखों की बेहतरीन सेहत के लिए हमेशा विटामिन और मिनरल्स से भरपूर संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा अखरोट में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड, जरूरी विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे मौसमी फल और भरपूर मात्रा में पानी पीना पूरे शरीर के साथ-साथ आंखों के लिए भी काफी लाभकारी होता है।
नियमित जांच और पर्याप्त नींद है जरूरी
अपनी बहुमूल्य आंखों को सुरक्षित रखने के वास्ते पूरी नींद लेना, डिजिटल स्क्रीन से तय समय पर छोटे-छोटे ब्रेक लेना और आंखों को बार-बार रगड़ने से परहेज करना भी बेहद आवश्यक है। इसके अलावा समय-समय पर अपनी आंखों की नियमित जांच करवाना उनकी सुरक्षा के लिए एक अहम कदम है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आंख पर चश्मा चढ़ जाना हमेशा किसी गलती की वजह से नहीं होता, बल्कि कई बार यह केवल हमारी नजर की एक स्वाभाविक जरूरत हो सकती है। इसलिए किसी भी दिक्कत को नजरअंदाज करने के बजाय वक्त रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है।
























