17 अगस्त राशिफल: नाग पंचमी पर 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफलसुस्त अमेरिकी खुदरा बिक्री आंकड़ों से डॉलर पर दबाव, 0.7100 के स्तर के पास पहुंचा ऑस्ट्रेलियाई डॉलरझारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद के बीच अभ्यर्थियों से मिलीं कुनिका सदानंदउत्तर प्रदेश में युवाओं को गो सेवा अभियान से जोड़ेगी सरकार, 10 हजार गो मित्र संभालेंगे जिम्मेदारीफिल्म 'घोस्ट' फेम अनन्या राज का निधन, 27 साल की उम्र में सोते समय थमीं सांसेंश्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 167 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने खोले अपनी शानदार बल्लेबाजी के राजसाधारण तोरई को बनाएं खास, इस मसालेदार ग्रेवी रेसिपी के साथ हर कोई चाव से खाएगालॉर्ड्स के मैदान पर एश्ले गार्डनर की ट्रент रॉकेट्स ने रचा इतिहास, सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से हराकर महिला हंड्रेड ट्रॉफी पर किया कब्जाप्यू रिसर्च सर्वे में अमेरिका में भारत पर बंटा जनमत, ब्रिटेन और जर्मनी में सुधरी साखचोरी और बेटी की विदाई के बाद भी जब काम पर लौटीं हेमा मालिनी, रिश्तेदार मधु ने बयां किए जीवन से जुड़े किस्से
2013 यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कठोर कैदभारत
6 अग॰ 2026, 4:10 pm (11 दिन पहले)· 0

2013 यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कठोर कैद

बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और जुर्माना भी लगाया है।

पत्रकारिता जगत से जुड़े एक बड़े कानूनी घटनाक्रम में बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला उनकी एक कनिष्ठ महिला सहकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित था। अदालत ने सजा की अवधि तय करने के लिए दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चले आ रहे इस हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है।

विभिन्न धाराओं के तहत तय हुई सजा और जुर्माना

अदालत ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी पाते हुए सजा की अवधि और जुर्माने की राशि निर्धारित की है

ये भी पढ़ें
  • धारा 376(2)(f): इस प्रावधान के अंतर्गत अदालत ने 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है।
  • धारा 376(2)(k): इस धारा के तहत भी दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 5 लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया गया है।
  • धारा 354: महिला की लज्जा भंग करने से संबंधित इस धारा में 1 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
  • धारा 354A: यौन उत्पीड़न की इस धारा के अंतर्गत 1 वर्ष के कठोर कारावास के साथ जुर्माने का प्रावधान लागू किया गया है।

अदालत में दोनों पक्षों की ओर से दी गई प्रमुख दलीलें

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता आबाद पोंडा ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए कम से कम सजा देने का अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और यह उनका पहला अपराध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2013 में घटी इस घटना की अपील वर्ष 2022 से लंबित थी, और इस पूरी अवधि में जमानत पर रहते हुए आरोपी ने किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है तथा अपना पासपोर्ट अधिकारियों के पास जमा करा रखा है। इसके साथ ही आरोपी की तरफ से आत्मसमर्पण करने के लिए 8 सप्ताह का समय देने की प्रार्थना की गई। अदालत में तरुण तेजपाल ने स्वयं को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताया।

दूसरी तरफ, अभियोजन का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल ने अधिकतम सजा की मांग की। उन्होंने अदालत को बताया कि संस्थान में आरोपी पीड़िता के लिए एक अभिभावक जैसी जिम्मेदारी की भूमिका में था, इसलिए उसके कृत्य को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि पीड़िता द्वारा स्पष्ट रूप से इनकार किए जाने के बावजूद अपराध को दोहराया गया और आरोपी के आचरण में अपने कृत्य को लेकर कोई पछतावा नहीं दिखा।

अदालत की टिप्पणियां और मामले का पृष्ठभूमि इतिहास

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उल्लेख किया कि यह घटना 13 साल पहले घटी थी और इसके बाद से आरोपी के खिलाफ किसी अन्य दुराचार या शिकायत की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। अदालत ने माना कि समय बीतने के साथ दोनों पक्ष अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि तरुण तेजपाल तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक और वरिष्ठ पत्रकार रहे थे। वर्ष 2013 में उनकी एक सहकर्मी ने उन पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया था और उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ी थी।

सवाल-जवाब

बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को कितनी सजा सुनाई है?
कोर्ट ने मुख्य धाराओं 376(2)(f) और 376(2)(k) के तहत 10 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला किस वर्ष का है और किसने दर्ज कराया था?
यह मामला वर्ष 2013 का है, जिसे तरुण तेजपाल की एक कनिष्ठ महिला सहकर्मी ने दर्ज कराया था।
बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में क्या तर्क दिए?
वकील आबाद पोंडा ने कहा कि यह उनका पहला अपराध है, उनका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उन्होंने जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने क्या मांग रखी?
सॉलिसिटर जनरल ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि आरोपी पीड़िता का अभिभावक समान था और उसने स्पष्ट मनाही के बावजूद अपराध दोहराया।
तरुण तेजपाल को सरेंडर करने के लिए कितना समय मांगा गया है?
बचाव पक्ष ने कोर्ट से सरेंडर करने के लिए 8 सप्ताह का समय देने की प्रार्थना की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR