देशभर में मौसम के बदलते मिजाज और बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो रहे चक्रवाती तंत्र के कारण छात्रों और अभिभावकों के मन में लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या 27 अक्टूबर 2026 को स्कूल खुले रहेंगे या बंद रहेंगे। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच विभिन्न राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने स्थिति के अनुसार अपने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह की संपूर्ण स्कूल बंदी की घोषणा नहीं की गई है, फिर भी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर क्या है स्थिति
व्यापक पैमाने पर देखा जाए तो 27 अक्टूबर के लिए कोई राष्ट्रव्यापी अवकाश निर्धारित नहीं किया गया है। जिन क्षेत्रों में मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हैं और किसी प्रकार का खतरा नहीं है, वहां शिक्षण संस्थान अपने निर्धारित समय और कार्यप्रणाली के अनुसार ही संचालित किए जाएंगे। अभिभावकों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले संबंधित संस्था के आधिकारिक संदेशों और अपडेट्स की जांच अवश्य कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
दिल्ली और एनसीआर में शिक्षण संस्थानों का संचालन
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में रह रहे स्कूली बच्चों तथा उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है कि यहाँ इस दिन किसी भी प्रकार का अवकाश घोषित नहीं किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस क्षेत्र में मौसम के पूरी तरह सूखा बने रहने की संभावना है और बारिश का कोई अनुमान नहीं जताया गया है। नतीजतन, इस पूरे क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूल अपने तय समय सारणी के अनुसार ही सुचारू रूप से चलेंगे।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चक्रवात का प्रभाव
बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहा गहरा चक्रवाती सिस्टम लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराने की पूरी आशंका बनी हुई है। संभावित खतरे को भांपते हुए ओडिशा सरकार ने गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जैसे संवेदनशील जिलों में सुरक्षा के मद्देनजर 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय पहले ही ले लिया है। इन इलाकों में आज भी अधिकांश शिक्षण संस्थान बंद रहे हैं और कल के लिए भी स्थानीय स्थिति के आधार पर ही अंतिम पुष्टि करने को कहा गया है।
तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत का हाल
तटीय आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कृष्णा और बापटला जैसे जिलों में तेज हवाएं चलने और भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो केरल और माहे में मानसून की सक्रियता अभी भी बनी हुई है और लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव की आशंका से स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। यदि सुबह के वक्त बारिश का जोर बढ़ता है, तो जिला स्तर पर अवकाश को लेकर फौरी आदेश जारी किए जा सकते हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है, इसलिए वहाँ के विद्यार्थियों को भी घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी सावधानियां
सोशल मीडिया पर अक्सर इस तरह के मौसम में पुरानी या भ्रामक खबरें वायरल होने लगती हैं, इसलिए किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय केवल प्रामाणिक जिला प्रशासन के आदेशों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि आपके इलाके में रात भर से लगातार भारी बारिश हो रही है, तो बिना जोखिम उठाए अपने स्कूल के परिवहन प्रभारी या कक्षा अध्यापक से संपर्क करने के बाद ही बच्चे को संस्थान के लिए रवाना करें।
















