जयपुर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जाली भारतीय मुद्रा के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नकली नोट पकड़े हैं। कमिश्नरेट स्पेशल टीम (सीएसटी) ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर उसके पास से कुल 3 लाख 45 हजार रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। खास बात यह है कि बरामद किए गए सभी नोट 500-500 रुपये के मूल्य के हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस खेप को आने वाले पंचायतीराज चुनावों और प्रमुख त्योहारों के दौरान बाजार में खपाने की पूरी तैयारी थी। इस सफल ऑपरेशन के बाद आरोपी और जब्त किए गए नकली नोटों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भट्टाबस्ती थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
एनपीडीएस यूनिट की सूचना पर कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस को एक खास सूचना मिली थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जाली नोटों के अवैध कारोबार से जुड़ी भनक एनपीडीएस यूनिट को लगी थी, जिसके आधार पर सीएसटी टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान पुलिस ने शाहनवाज खान नाम के एक व्यक्ति को दबोच लिया। आरोपी जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नाहरी का नाका इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 500 रुपये के जाली नोटों का बड़ा जखीरा हाथ लगा। इस पूरी खेप की कुल कीमत 3 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है। अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि यह नकली नोट आखिर कहां से आए थे और इस अवैध धंधे के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
त्योहारों और चुनावों के समय का चुनाव
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इन जाली नोटों को बाजार में उतारने के लिए बेहद संवेदनशील समय चुना गया था। पंचायतीराज चुनावों के दौर और त्योहारों के समय बाजारों में नकदी का लेन-देन बहुत बढ़ जाता है, जिससे इस तरह की जाली करेंसी को आसानी से सर्कुलेशन में लाया जा सकता है। आर्थिक गतिविधियों के इस व्यस्त समय में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोटों का पकड़ा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इन नोटों को किस विशिष्ट माध्यम से और किन दुकानों या लोगों के जरिए बाजार में चलाया जाना था, इसका खुलासा विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है। इस अभियान में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल और स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश की सीधी निगरानी रही। उनके मार्गदर्शन में ही सीएसटी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोचा और नकली मुद्रा को अपने कब्जे में लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी शाहनवाज खान और जब्त की गई पूरी नकदी को भट्टाबस्ती थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस आपूर्ति श्रृंखला के तार कहां-कहां जुड़े हैं और बाजार में इन्हें खपाने की क्या रणनीति थी।


















