80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर पर एक बेहद संवेदनशील और यादगार नजारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया। अपना औपचारिक संबोधन समाप्त करने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री ने तय सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद बच्चों और युवाओं के बीच जाने का फैसला किया। इसी दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
लाल किले पर सादगी भरा वाकया और बच्ची की टोपी
औपचारिक ध्वजारोहण और संबोधन पूरा होने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कूली बच्चों के बैठने वाले हिस्से की तरफ बढ़े, तो वहां मौजूद बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। इसी बीच एक छोटी बच्ची प्रधानमंत्री के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए उनके चरण स्पर्श करने के लिए नीचे झुकी। झुकते समय उस बच्ची के सिर पर लगी टोपी अनजाने में जमीन पर जा गिरी। स्थिति को देखते ही प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत नीचे झुककर जमीन से वह टोपी उठाई और बड़े प्यार से बच्ची के सिर पर वापस पहना दी। इस सहज और मानवीय व्यवहार ने वहां उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया और बच्चों के चेहरे खिल उठे।
सुरक्षा काफिला रुकवाकर स्कूली बच्चों और कैडेट्स से की मुलाकात
कार्यक्रम के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले को बीच में ही रुकवाया और पैदल चलकर उस ओर गए जहां विभिन्न स्कूलों के छात्र, एनसीसी (NCC) कैडेट्स और माय भारत के स्वयंसेवक बैठे हुए थे। उन्होंने वहां मौजूद युवाओं से हाथ मिलाया, उनसे संक्षिप्त बातचीत की और सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। देश के शीर्ष नेता को इतने करीब से देखने और बातचीत करने का मौका पाकर बच्चे बेहद खुश नजर आए। कई बच्चों ने बाद में बातचीत के दौरान इस मुलाकात को अपने जीवन का सबसे रोमांचक और कभी न भूलने वाला क्षण बताया।
स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवाओं के लिए की गईं बड़ी घोषणाएं
प्रधानमंत्री का युवाओं के बीच जाना उनके स्वतंत्रता दिवस भाषण की मूल भावना से भी मेल खाता है। अपने संबोधन में उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करना, देश भर में नई खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करना और लगभग 1 करोड़ जेन-जी युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा सेमीकंडक्टर तकनीक में कुशल बनाने का लक्ष्य शामिल है।
एक राष्ट्रीय उत्सव को मिला भावनात्मक और आत्मीय स्पर्श
लाल किले के इस भव्य और औपचारिक राष्ट्रीय आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस आत्मीय व्यवहार ने एक भावनात्मक रंग भर दिया। बच्चों से इस प्रकार सीधे संवाद स्थापित करने से न केवल कार्यक्रम में मौजूद युवाओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया, बल्कि देश के सामने यह संदेश भी स्पष्ट रूप से गया कि भारत की आने वाली पीढ़ी ही राष्ट्र के निर्माण और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति है।



















