भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा देश देशभक्ति के रंग में डूबा हुआ नजर आया। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस बार के समारोह की एक विशेष बात यह भी रही कि लाल किले के प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का पूर्ण गायन गूंजा, जिसके इस वर्ष 150 साल पूरे हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अपने विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के सर्वांगीण विकास, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई दूरगामी योजनाओं का ऐलान किया। अपने इस संबोधन के जरिए उन्होंने साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का स्पष्ट विजन देश के सामने प्रस्तुत किया।
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा शक्ति को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से एक विशाल राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की। भारत में हाल ही में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय एआई समिट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। इसके तहत आगामी एक वर्ष के भीतर 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग दी जाएगी। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से युवाओं को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दूरदराज के क्षेत्रों और विभिन्न पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की घोषणा भी की गई।
स्टार्टअप तंत्र को मजबूती और 1 लाख करोड़ रुपये का विशेष फंड
देश में तेजी से फल-फूल रहे स्वरोजगार और नवाचार संस्कृति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। ये स्टार्टअप न केवल नए तकनीकी समाधान खोज रहे हैं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। युवा उद्यमियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के विशाल फंड की घोषणा की है। उन्होंने देश के प्रतिभावान युवाओं को नया सोचने और बड़े सपने देखने का आह्वान करते हुए भरोसा दिलाया कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी युवा का सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा।
सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भरता और नए संयंत्रों का लक्ष्य
तकनीकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भारत को विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने ऐलान किया कि देश की बढ़ती डिजिटल जरूरतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से अगले 1 से 2 वर्षों के भीतर 7 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण शुरू होने से रक्षा, ऑटोमोबाइल, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को भारी मजबूती मिलेगी और विदेशी निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।
परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने की दीर्घकालिक योजना
ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों के विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री ने दूरगामी लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 100 गीगावाट (100 GW) तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए सरकार ने अगले 6 से 7 वर्षों की अवधि में 5 नए परमाणु रिएक्टरों को चालू करने की विस्तृत योजना बनाई है। यह कदम देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
नागरिक सुरक्षा का आधुनिकीकरण और 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए खेल खोज अभियान
देश की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने सिविल डिफेंस की प्रशिक्षण पद्धतियों और परिचालन क्षमता को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप उन्नत बनाने की बात कही। इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में जमीनी स्तर से नई प्रतिभाओं को उभारने के लिए एक विशेष राष्ट्रव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने का ऐलान किया गया। इस अभियान के तहत देश के गांवों, कस्बों और शहरों में 5 वर्ष से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के बीच छिपी हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से तराश कर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
भाषण के मुख्य केंद्र बिंदु और 'विकसित भारत 2047' का संकल्प
लाल किले की प्राचीर से दिए गए इस 13वें भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा ध्यान देश के युवाओं और 'विकसित भारत 2047' के विजन पर ही केंद्रित रहा। संबोधन के दौरान 'विकसित भारत 2047', 'वंदे मातरम', 'आत्मनिर्भरता', 'युवा शक्ति' और 'संकल्प' जैसे शब्दों का बार-बार प्रयोग हुआ। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 'युवा शक्ति फॉर विकसित भारत' का आह्वान किया और विकास के लिए 'शक्ति की सप्त धारा' का मार्ग प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए 'बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो' का मूलमंत्र दिया और दोहराया कि 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और विकसित बनाना ही देश का सर्वोपरि लक्ष्य है।



















