सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात धरती के भीतर हुई हलचल से भारत और अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में कंपन दर्ज किया गया। आधी रात के सन्नाटे में जमीन हिलने से कई इलाकों में अचानक घबराहट की स्थिति बन गई और सोते हुए लोगों की आंखें खुल गईं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी क्षेत्र से जान या माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
अलग-अलग वक्त पर महसूस हुआ कंपन
दोनों देशों में आए इन झटकों का समय पूरी तरह अलग रहा। भारत में देर रात लगभग 3 बजकर 29 मिनट पर हलचल दर्ज की गई, जबकि अफगानिस्तान में इसके कुछ घंटों बाद सुबह करीब 5 बजकर 37 मिनट पर जमीन में कंपन देखा गया। समय के अंतर के साथ-साथ दोनों जगहों पर इन झटकों के असर और उनकी तीव्रता में भी बड़ा फर्क देखने को मिला।
अफगानिस्तान और सतारा में तीव्रता का अंतर
अफगानिस्तान में आया भूकंप तुलनात्मक रूप से ज्यादा शक्तिशाली रहा, जहां रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.0 आंकी गई। सुबह के वक्त हुए इस कंपन को लोगों ने साफ तौर पर महसूस किया। दूसरी तरफ, भारत में यह हलचल महाराष्ट्र के सतारा जिले में दर्ज की गई। सतारा में रिक्टर पैमाने पर तीव्रता केवल 2.4 मापी गई। इस बेहद कम तीव्रता के कारण अधिकांश स्थानीय निवासियों को झटकों का अहसास तक नहीं हुआ और सामान्य जनजीवन पूरी तरह अप्रभावित रहा।




















