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वैश्विक यूनिकॉर्न कारोबार में भारतीय उद्यमियों का परचम, संस्थापक हिस्सेदारी 909 अरब डॉलर पर पहुंचीव्यापार
22 सित॰ 2026, 8:36 am (50 मिनट पहले)· 1

वैश्विक यूनिकॉर्न कारोबार में भारतीय उद्यमियों का परचम, संस्थापक हिस्सेदारी 909 अरब डॉलर पर पहुंची

दुनिया भर की यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में भारतीय मूल के संस्थापकों की हिस्सेदारी का मूल्यांकन 909 अरब डॉलर आंका गया है। इनमें विदेश और घरेलू दोनों बाजारों में खड़े किए गए बड़े टेक उपक्रम शामिल हैं।

दुनिया भर के टेक स्टार्टअप परिदृश्य में भारतीय उद्यमियों की पकड़ निरंतर मजबूत हो रही है। वैश्विक स्तर पर एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन पाने वाली यूनिकॉर्न कंपनियों में भारत में जन्मे अथवा पले-बढ़े संस्थापकों की हिस्सेदारी का समग्र मूल्य लगभग 909 अरब डॉलर के स्तर को छू चुका है। यह विशाल आंकड़ा दर्शाता है कि दुनिया की सबसे मूल्यवान तकनीकी कंपनियों की रीढ़ तैयार करने में भारतीय प्रतिभा की भूमिका कितनी निर्णायक रही है। वैश्विक विश्लेषण के अंतर्गत भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशों में कार्यरत बड़े उद्यमों को भी गहराई से परखा गया है।

प्रवासी उद्यमों में 560 अरब डॉलर की मिल्कियत

अध्ययन के अनुसार विदेशी धरती पर संचालित यूनिकॉर्न कंपनियों में भारतीय संस्थापकों की शेयरधारिता का मूल्य 560 अरब डॉलर के करीब है। ऐसे 205 अंतरराष्ट्रीय उद्यमों की पहचान की गई है, जिनके नेतृत्व में कम से कम एक ऐसा संस्थापक शामिल रहा है जिसका बचपन या परवरिश भारत में हुई। इनमें से 70 यूनिकॉर्न ऐसे हैं जिनकी स्थापना की पूरी जिम्मेदारी केवल भारतीय संस्थापकों के कंधों पर रही है, जिनका कुल मूल्यांकन 243 अरब डॉलर दर्ज किया गया है।

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इन पूर्णतः भारतीय नेतृत्व वाले मंचों में प्रमुख रूप से जय चौधरी द्वारा स्थापित जेडस्केलर शामिल है। वहीं डेटा सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत रुब्रिक को अरविंद जैन, अरविंद निथ्रकश्यप, बिपुल सिन्हा और सोहम मजूमदार ने मिलकर खड़ा किया। क्लाउड अवसंरचना क्षेत्र की अग्रणी कंपनी न्यूटैनिक्स की नींव अजीत सिंह, धीरज पांडेय और मोहित एरन ने रखी थी, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोबोटिक्स कंपनी स्किल्ड की कमान दीपक पाठक और अभिनव गुप्ता के हाथों में है।

सह-संस्थापक टीमों में मजबूत उपस्थिति

इसके अतिरिक्त 135 ऐसी यूनिकॉर्न कंपनियां मौजूद हैं जहां भारतीय मूल के पेशेवर प्रमुख नेतृत्व अथवा संस्थापक दल के अभिन्न अंग हैं। इस श्रेणी में पालो ऑल्टो नेटवर्क्स, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की ब्लूम एनर्जी, सेमीकंडक्टर कनेक्टिविटी निर्माता एस्टेरा लैब्स और आधुनिक सर्च इंजन पर्प्लेक्सिटी जैसी दिग्गज संस्थाएं शुमार हैं। इन कंपनियों में संस्थापकों के हिस्से की कुल परिसंपत्ति का आकार लगभग 317 अरब डॉलर बताया गया है। भौगोलिक वितरण पर नजर डालें तो भारतीय प्रवासी संस्थापकों द्वारा संचालित या समर्थित 91 प्रतिशत यूनिकॉर्न उपक्रम अकेले अमेरिका में केंद्रित हैं।

घरेलू बाजार में 349 अरब डॉलर का इकोसिस्टम

स्वयं भारत की सीमाओं के भीतर फल-फूल रहे स्टार्टअप तंत्र का प्रदर्शन भी असाधारण रहा है। देश में मौजूद 102 यूनिकॉर्न कंपनियों के भीतर संस्थापकों की हिस्सेदारी का कुल मूल्य लगभग 349 अरब डॉलर है। घरेलू स्तर पर उपभोक्ता और वित्तीय तकनीक को गति देने वाले कई नाम इस सूची में सबसे आगे हैं।

इनमें ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट 36 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ शीर्ष पर है। ऑनलाइन खाद्य वितरण मंच जोमैटो का मूल्यांकन 30 अरब डॉलर और निवेश प्लेटफॉर्म ग्रो का मूल्य 16 अरब डॉलर दर्ज किया गया है। प्रोसस इंडिया के प्रमुख निवेशक सौरव जैन का कहना है कि भारतीय उद्यमियों में जटिल तकनीकी कौशल और क्षेत्रीय बारीकियों को ऐसे समाधानों में बदलने की अद्भुत क्षमता है, जो आम लोगों के जीवन और कार्यशैली को बड़े पैमाने पर सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

अमेरिकी टेक हब में भारतीय नवाचार की मौजूदगी

संस्थापकों के जन्मस्थान के आधार पर किए गए एक अन्य व्यापक विश्लेषण में कुल 323 कंपनियों की जांच की गई, जिसमें से 62 प्रतिशत कंपनियां अमेरिका की धरती पर संचालित पाई गईं। इस समूह की 178 कंपनियों का जन्म सीधे तौर पर अमेरिकी बाजार में हुआ, जबकि 22 उद्यमों ने अपने शुरुआती सफर के बाद अपने मुख्यालय अथवा मुख्य परिचालन को अमेरिका स्थानांतरित कर दिया। इस विस्तृत अध्ययन में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जो बाल्यकाल में विदेश चले गए थे, साथ ही भारतीय भूमि पर स्थापित उद्यमों का भी इसमें पूरा लेखा-जोखा रखा गया है।

सवाल-जवाब

यूनिकॉर्न कंपनियों में भारतीय संस्थापकों की कुल हिस्सेदारी का मूल्य कितना है?
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मूल और भारत में पले-बढ़े संस्थापकों की हिस्सेदारी का कुल अनुमानित मूल्य 909 अरब डॉलर है।
भारत के बाहर स्थित यूनिकॉर्न में संस्थापकों की हिस्सेदारी कितनी आंकी गई है?
विदेशों में स्थित 205 यूनिकॉर्न कंपनियों में भारतीय संस्थापकों के पास लगभग 560 अरब डॉलर की इक्विटी मूल्य मौजूद है।
भारत के घरेलू बाजार में कितने यूनिकॉर्न मौजूद हैं और उनका मूल्य क्या है?
भारत के भीतर 102 यूनिकॉर्न कंपनियां स्थित हैं, जिनमें संस्थापकों की हिस्सेदारी का अनुमानित मूल्य लगभग 349 अरब डॉलर है।
घरेलू यूनिकॉर्न कंपनियों में सबसे अधिक मूल्यांकन किनका है?
घरेलू बाजार में फ्लिपकार्ट 36 अरब डॉलर, जोमैटो 30 अरब डॉलर और ग्रो 16 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ प्रमुख हैं।
प्रवासी भारतीय संस्थापकों वाली कितनी कंपनियां अमेरिका में स्थित हैं?
भारतीय प्रवासी संस्थापकों वाली लगभग 91 प्रतिशत यूनिकॉर्न कंपनियां अमेरिका में अपने संचालन केंद्र स्थापित किए हुए हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Gupta@rohan-gupta·32 मिनट पहले

भारतीय टेक फाउंडर्स ने जिस तरह ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बनाई है, वो सच में कमाल का है। जेडस्केलर से लेकर पर्प्लेक्सिटी तक, हमारा टैलेंट अब हर जगह छा रहा है।

Michael Anderson@michael-anderson·32 मिनट पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा! लेकिन क्या इनमें से ज्यादातर अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियां टैक्स या फंडिंग के मामले में भारत को भी कुछ फायदा पहुँचाती हैं?

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