गोवा में राजनीतिक हलचल तेज करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तटीय राज्य के मतदाताओं के सामने कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा खाका पेश किया है. पणजी में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने राज्य के लोगों के लिए छह प्रमुख गारंटियों का औपचारिक ऐलान किया. अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने साफ किया कि इन छह वादों के अलावा भी प्रशासन में कई सुधार किए जाएंगे, लेकिन यह छह गारंटी सरकार बनने पर पहली प्राथमिकता के तहत लागू होंगी. उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी ने दिल्ली और पंजाब में अपने चुनावी वादे निभाकर अपनी विश्वसनीयता साबित की है और गोवा में भी इसी नीति पर अमल किया जाएगा.
पारंपरिक दलों पर तीखा राजनीतिक हमला
पणजी की जनसभा में अरविंद केजरीवाल ने गोवा के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पर तीखे प्रहार किए. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता दोनों दलों के पारंपरिक रवैये से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है और अब एक स्पष्ट विकल्प चाहती है. उनका कहना था कि जब लोग मौजूदा भाजपा सरकार से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते हैं, तो चुनाव के बाद कांग्रेस के जीते हुए विधायक पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो जाते हैं. इस तरह जनता जिस सरकार को हटाने के लिए वोट देती है, अप्रत्यक्ष रूप से वही दोबारा सत्ता में आ जाती है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को समर्थन देना अंततः भाजपा की सरकार बनाने जैसा ही साबित होता है.
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के शासनकाल में बुनियादी सुविधाओं के संकट का मुद्दा भी उठाया. अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण राज्य भर में सड़कें खस्ताहाल हैं, पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है और लोगों को लंबे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में पनपे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से मुक्ति पाने के लिए लोग आम आदमी पार्टी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.
बिजली पर राहत: 300 यूनिट मुफ्त और पुराने बकाये होंगे माफ
घोषणाओं की श्रृंखला में सबसे पहला और प्रमुख वादा बिजली सुधारों से जुड़ा रहा. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा के आम परिवारों को भारी-भरकम बिजली बिलों से जूझना पड़ रहा है. सामान्य और छोटे घरों में भी बिजली के बिल 15,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये या उससे भी अधिक आ रहे हैं. जब उपभोक्ता इन गलत या अत्यधिक बिलों को दुरुस्त कराने सरकारी दफ्तरों में पहुंचते हैं, तो अधिकारियों द्वारा पहले पूरी रकम चुकाने का दबाव बनाया जाता है. आम लोग इतनी बड़ी रकम एकमुश्त भरने में असमर्थ होते हैं, जिसके चलते उन पर जुर्माना और ब्याज जुड़ता रहता है, और अंततः कनेक्शन काट दिया जाता है.
इस संकट के समाधान के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि यदि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो कार्यभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर उपभोक्ताओं के सभी पुराने बकाया बिजली बिल शून्य कर दिए जाएंगे. इसके अतिरिक्त, अप्रैल से हर घरेलू उपभोक्ता को हर महीने 300 यूनिट बिजली पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी और पूरे राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने दोहराया कि दिल्ली और पंजाब की तरह गोवा में भी इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा, क्योंकि पारंपरिक दल कभी मुफ्त बिजली जैसी राहत नहीं देते.
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और मुफ्त बस सफर
महिलाओं के सशक्तिकरण और घरेलू बजट को सहारा देने के लिए अरविंद केजरीवाल ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. पहली घोषणा महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद देने की है. उन्होंने राज्य सरकार की मौजूदा गृह आधार योजना की आलोचना करते हुए कहा कि उसमें अत्यधिक जटिल शर्तें लगाई गई हैं. उस व्यवस्था में घर या वाहन होने पर लाभ से वंचित कर दिया जाता है और पूरे परिवार में केवल एक ही महिला को इसका फायदा मिलता है. इसके विपरीत, उनकी गारंटी के तहत बिना किसी भेदभाव के परिवार की हर वयस्क महिला को आर्थिक लाभ दिया जाएगा, चाहे वह मां, पत्नी, बहन या बेटी हो.
इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के लिए सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह मुफ्त करने की दूसरी गारंटी दी. उन्होंने उल्लेख किया कि मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए बसों पर निर्भर हैं. दिल्ली और पंजाब में यह सुविधा पहले से सुचारू रूप से चल रही है, जहां महिलाओं को सफर के दौरान टिकट के लिए पैसे नहीं देने पड़ते. गोवा में भी सरकार बनने पर महिलाओं के लिए सरकारी परिवहन व्यवस्था में सफर पूरी तरह निशुल्क कर दिया जाएगा.
स्वास्थ्य सुरक्षा: 10 लाख रुपये का कैशलेस बीमा
तीसरी प्रमुख गारंटी राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की है. अरविंद केजरीवाल ने गोवा मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वहां मरीजों को उचित देखभाल नहीं मिल पा रही है, जांच मशीनें अक्सर खराब रहती हैं और शल्य चिकित्सा के लिए महीनों लंबी तारीखें दी जाती हैं. ऐसी स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को विवश होकर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज का खर्च लाखों में पहुंच जाता है.
उन्होंने वर्तमान दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए इसे अपर्याप्त बताया. उन्होंने एक स्थानीय घटना का उल्लेख किया जहां एक महिला के परिजन के निजी अस्पताल में ऑपरेशन पर 2.5 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन सरकारी योजना के तहत केवल 25,000 रुपये की सहायता मिली और बाकी 2.25 लाख रुपये परिवार को अपनी जेब से चुकाने पड़े. उन्होंने वादा किया कि पंजाब के मॉडल की तर्ज पर गोवा में भी ऐसा स्वास्थ्य कार्ड लागू किया जाएगा, जिसके जरिए मरीज बड़े निजी अस्पतालों में सालाना 10 लाख रुपये तक का पूरा इलाज, जिसमें दवाएं, परीक्षण और अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शामिल है, बिना किसी भुगतान के करा सकेंगे.
खेल के मैदान और स्थानीय स्तर पर समाधान
अपनी बाकी गारंटियों के तहत अरविंद केजरीवाल ने युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए हर गांव में आधुनिक खेल के मैदान के निर्माण का वादा किया. उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलकूद के बेहतर अवसर मुहैया कराना जरूरी है ताकि वे स्वस्थ और अनुशासित रह सकें.
इसके अलावा, शासन को जनता के करीब ले जाने के लिए उन्होंने बूथ स्तर पर स्थानीय घोषणापत्र तैयार करने की बात कही. उनका कहना था कि हर इलाके और बूथ की समस्याएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए केंद्रीकृत नीतियों के बजाय जमीनी स्तर पर लोगों से पूछकर उनका स्थानीय मेनिफेस्टो बनाया जाएगा और वार्ड व गांव के स्तर पर हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा.





















