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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव और तेजस्वी को बड़ा झटका, कोर्ट ने तय किए आरोपभारत
10 सित॰ 2026, 4:20 pm (21 दिन पहले)· 2

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव और तेजस्वी को बड़ा झटका, कोर्ट ने तय किए आरोप

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी सहित नौ लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख तय की है, जबकि सात अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल समेत कुल 9 आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय कर दिए हैं। इस महत्वपूर्ण कानूनी कदम के साथ ही अदालत ने इस आपराधिक मामले की आगामी कार्यवाही के लिए 3 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है, जिस दिन आगे की सुनवाई और प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

लालू यादव की भूमिका पर अदालत का रुख

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि लारा प्रोजेक्ट्स को जिस तरीके से आर्थिक लाभ पहुंचाया गया, उससे इस पूरे घटनाक्रम में लालू प्रसाद यादव की संलिप्तता और भूमिका पर गंभीर संदेह पैदा होता है। इसके साथ ही, अदालत ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि उनके विरुद्ध की गई जांच किसी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी। न्यायाधीश के अनुसार, अब तक सामने आए साक्ष्यों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की परिस्थितियों को देखते हुए इन गंभीर आरोपों पर अदालत में आगे की सुनवाई जारी रखना पूरी तरह से न्यायसंगत और आवश्यक प्रतीत होता है।

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सात आरोपी हुए पूरी तरह दोषमुक्त

एक तरफ जहां अदालत ने लालू परिवार और अन्य प्रमुख नामजद लोगों पर शिकंजा कसते हुए आरोप तय किए हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी मामले में राहत देते हुए 7 व्यक्तियों को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी भी कर दिया है। इन बरी किए गए लोगों को इस कानूनी मुकदमे से अब मुक्ति मिल गई है, जबकि लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और अन्य बचे हुए आरोपियों के खिलाफ अदालत में कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किन मुख्य नेताओं पर आरोप तय हुए हैं?
कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख तय की है।
इस मामले में कितने लोगों को बरी किया गया है?
अदालत ने इसी मामले में 7 लोगों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
कोर्ट ने लालू यादव की भूमिका को लेकर क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि लारा प्रोजेक्ट को जिस तरह फायदा पहुंचाया गया, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 दिन पहले

अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने से इस बहुचर्चित मामले में अब औपचारिक ट्रायल की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सात आरोपियों को बरी किए जाने से यह संकेत मिलता है कि न्यायिक समीक्षा में अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया है। अब आगामी तीन अक्टूबर को तय होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि अभियोजन पक्ष वित्तीय लेनदेन और आर्थिक लाभ के आरोपों को अदालत में कितनी मजबूती से साबित कर पाता है।

Ravikash Gupta@ravikash·20 दिन पहले

यह कानूनी घटनाक्रम कॉर्पोरेट और वित्तीय治理 के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल जैसे व्यावसायिक निकायों के वित्तीय लेनदेन की जांच अब औपचारिक ट्रायल के दायरे में आ गई है। कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार की नजर इस बात पर होगी कि डिजिटल ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग के इन आरोपों पर अभियोजन पक्ष वित्तीय साक्ष्यों को कितनी पुख्ता से पेश करता है, क्योंकि इसका असर दीर्घकालिक कॉर्पोरेट पारदर्शिता और राजनीतिक घरानों से जुड़े व्यावसायिक उद्यमों की साख पर पड़ सकता है। आगामी 3 अक्टूबर से शुरू होने वाली यह कानूनी प्रक्रिया वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में न्यायिक गतिशीलता को तय करेगी।

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