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आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की जान लेने वाला हमलावर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, गोलीबारी में बेटे की भी गई जानउत्तर प्रदेश
23 सित॰ 2026, 7:21 am (36 दिन पहले)· 3

आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की जान लेने वाला हमलावर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, गोलीबारी में बेटे की भी गई जान

आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने वाले अरविंद सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया, जबकि उसने अपने ही बेटे को भी गोली मार दी जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां अपनी पत्नी समेत तीन लोगों की जान लेने वाला मुख्य हमलावर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। यह खूनी संघर्ष अहरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शंभूपुर गांव में हुआ। आरोपी ने अपने ही घर पर पारिवारिक अनुष्ठान कराने पहुंचे दो पुजारियों और अपनी पत्नी को गोलियों से भून दिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।

घर में पूजा के दौरान की गई थी ताबड़तोड़ गोलीबारी

शंभूपुर गांव स्थित आवास पर धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, जहां दो पंडित पूजा संपन्न कराने पहुंचे थे। अचानक आरोपी अरविंद सिंह ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी पत्नी और दोनों पुरोहितों की मौके पर ही मौत हो गई। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय अपने ही मकान के एक कमरे में छिप गया और बाकी बच्चों को बंधक बना लिया।

बच्चों को बनाया था बंधक, अपने ही पुत्र पर चला दी गोली

वारदात की सूचना पाकर जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो आरोपी ने बच्चों को कमरे में बंद कर रखा था। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने का पूरा प्रयास किया। पुलिस टीम ने परिजनों को साथ लेकर आरोपी से लगातार बातचीत की और उससे आत्मसमर्पण करने व मासूमों को सुरक्षित रिहा करने की अपील की। इसके उलट आरोपी ने किसी की बात नहीं मानी और पुलिसकर्मियों के साथ अपने परिवार को भी जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इस तनावपूर्ण बातचीत के बीच ही आरोपी ने अपने सगे बेटे पर पिस्तौल तानकर गोली चला दी।

कमरे में दाखिल होते ही सुरक्षा बलों पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेर

कमरे के भीतर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस के दाखिल होते ही अरविंद ने सामने मौजूद जवानों पर सीधी गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी और फिर हवा में नियंत्रित फायरिंग करके उसे रोकने का प्रयास किया, किंतु उसने लगातार गोलियां दागना जारी रखा। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा और अन्य बच्चों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रित जवाबी गोलीबारी की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

अस्पताल में पिता और पुत्र दोनों ने तोड़ा दम

मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस ने घायल बच्चे और आरोपी अरविंद दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत आरोपी अरविंद सिंह और उसके घायल बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपी की ओर से की गई घातक गोलीबारी और बच्चों के जीवन पर मंडराते खतरे के कारण ही जवानों को जवाबी कदम उठाना पड़ा। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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सवाल-जवाब

आजमगढ़ में यह वारदात किस जगह पर हुई?
यह घटना उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अहरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शंभूपुर गांव में हुई।
मुठभेड़ में मारे गए आरोपी का क्या नाम था?
मारे गए आरोपी का नाम अरविंद सिंह था।
आरोपी ने किन-किन लोगों की हत्या की थी?
आरोपी ने अपनी पत्नी और घर पर पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
आरोपी के बेटे की मौत कैसे हुई?
आरोपी ने बंधक संकट के दौरान अपने ही बेटे को गोली मार दी थी, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने मुठभेड़ को लेकर क्या आधिकारिक बयान दिया?
आजमगढ़ के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी द्वारा लगातार फायरिंग और बच्चे को गोली मारने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·35 दिन पहले

इतना भयानक कदम उठाने से पहले उस आदमी के दिमाग में आखिर क्या चल रहा होगा, जिसने अपने ही मासूम बच्चे को भी नहीं छोड़ा?

Ravikash Gupta@ravikash·35 दिन पहले

पुलिस कह रही है कि बच्चों को बचाने के लिए जवाबी गोली चलानी पड़ी, लेकिन जिस तरह से बाप और बेटे दोनों की जान चली गई, उस पर पूरा यकीन करना थोड़ा मुश्किल लगता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 दिन पहले

रविकाश जी, बात तो आपकी ठीक है, पर जब आरोपी खुद बच्चे पर गोली चला रहा हो तो पुलिस के पास और क्या रास्ता बचता है?

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

आजमगढ़ में जो हुआ वो बहुत डरावना है। पूजा के दौरान घर के अंदर ऐसा खूनी खेल और फिर मासूम बेटे की भी जान चले जाना दिल दहला देता है। पुलिस के पास भी जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

रोहन, पुलिस के पास और चारा नहीं था ये तो ठीक है, पर कमरे के भीतर असल में क्या हुआ था, इस पर थोड़ा शक है।

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