राजस्थान में अजमेर-चंदेरिया रेल मार्ग पर चल रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार कार्य का सीधा असर यात्री रेल सेवाओं पर पड़ा है। झरवासा, बांदनवाड़ा और सिंगवाल रेलवे स्टेशनों के मध्य रेल लाइन दोहरीकरण का निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण इस रूट से गुजरने वाली प्रमुख रेलगाड़ियों के परिचालन में अस्थाई फेरबदल किया गया है। निर्माण कार्य को गति देने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग की कई महत्वपूर्ण सेवाओं को निरस्त रखने का निर्णय लिया है, जिससे नियमित यात्रा करने वाले लोगों को अन्य विकल्पों की तलाश करनी पड़ सकती है।
जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस के 8 फेरे पूरी तरह रद्द
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी विवरण के अनुसार गाड़ी संख्या 14801/14802 जोधपुर-इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक दोनों दिशाओं में पूरी तरह निरस्त रहेगी। इस समयावधि के दौरान दोनों तरफ की कुल 8 ट्रिप रद्द रहेंगी। यह ट्रेन जोधपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और इंदौर जैसे प्रमुख वाणिज्यिक व सांस्कृतिक केंद्रों को आपस में जोड़ती है। ऐसे में इन शहरों के बीच नियमित आवाजाही करने वाले यात्रियों, पर्यटकों और परिवारों को अपने पूर्व निर्धारित यात्रा कार्यक्रमों में तुरंत बदलाव करना पड़ेगा।
भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस भी दो दिन नहीं चलेगी
दोहरीकरण परियोजना के कारण एक अन्य लंबी दूरी की ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है। गाड़ी संख्या 17606 भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस 4 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को अपने निर्धारित मार्ग पर संचालित नहीं होगी। दक्षिण भारत की ओर जाने वाली इस सेवा के इन दो दिवसों में बंद रहने से लंबी दूरी के आरक्षित यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने संबंधित तारीखों पर यात्रा की योजना बना रहे सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन रवाना होने से पहले अपनी रेलगाड़ी का आधिकारिक स्टेटस अवश्य जांच लें।
भीलवाड़ा के वस्त्र कारोबार और श्रमिकों पर असर
इस अस्थाई कटौती का प्रभाव टेक्सटाइल सिटी के नाम से विख्यात भीलवाड़ा के स्थानीय व्यापार पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। भीलवाड़ा का कपड़ा उद्योग व्यापक स्तर पर दैनिक श्रमिकों और व्यापारियों की सुगम आवाजाही पर निर्भर करता है। बड़ी संख्या में स्थानीय कपड़ा कारोबारी व्यावसायिक कार्यों के सिलसिले में भीलवाड़ा और इंदौर के बीच इसी रेल मार्ग से यात्रा करते हैं। साथ ही औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिक वर्ग के लिए भी रेलगाड़ी सबसे किफायती और सुलभ साधन है। ऐसे में जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस के एक सप्ताह तक बंद रहने से व्यापारिक यात्राओं में अड़चन आ सकती है और लोगों को सड़क मार्ग जैसे महंगे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ सकता है।
रेलवे की सलाह और भविष्य के लाभ
रेलवे ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि 4 से 11 अक्टूबर के मध्य यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। इससे स्टेशन पहुंचने के उपरांत अचानक ट्रेन निरस्त मिलने से होने वाली परेशानी से बचा जा सकेगा और समय रहते वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था की जा सकेगी। रेलवे का कहना है कि अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य संपन्न होने के पश्चात इस रूट पर रेल संचालन की क्षमता में व्यापक बढ़ोतरी होगी। नई लाइन शुरू होने से भविष्य में ट्रेनों का आवागमन अधिक सुगम और निर्बाध बनेगा तथा गाड़ियों की समयबद्धता में भी बड़ा सुधार आएगा। कार्य पूरा होते ही सभी ट्रेनें अपनी पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार पुनः दौड़ने लगेंगी।

















