खटीमा में उत्तराखंड आदि रंगोत्सव की शुरुआत, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजाया ढोल25 डॉलर से कम में बेहतरीन गिफ्ट्स: स्टेशनरी, कुकिंग और मजेदार सरप्राइज के किफायती विकल्पपैरामाउंट सिंटेक्स के एसएमई आईपीओ में क्यूआईबी का जोरदार उत्साह, ग्रे मार्केट में 52 रुपये प्रीमियमत्योहारी सीजन में घर जाने वालों को राहत, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और बनारस के बीच चलेगी द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेनअंबाला के ट्रेनर ने बताया ब्यूटी और नेल आर्ट में कमाई का फॉर्मूला, घर से भी शुरू कर सकते हैं काममतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर संग्राम: किरेन रिजिजू का आरोप, संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा विपक्षकैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़ पर विवेक अग्निहोत्री की दो टूक, बोले धर्म पर टैक्स लगता तो तेजी से आगे बढ़ता देशमहाराष्ट्र में विपक्षी रणनीति पर तकरार, चुनाव बहिष्कार के सुझाव पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने जताई असहमतिगोपालगंज में गैस सिलेंडर काटकर बनाया तहखाना, जांच में निकली 127 बोतल शराबसमस्तीपुर में पिता का कुल्हाड़ी से कत्ल कर सूरत भागा बेटा, मोबाइल की चंद सेकंड की कॉल ने खोला राज
अरहर दाल के साथ बनाएं पारंपरिक उड़द दाल बड़ी की सब्जी, जानिए पकाने का आसान तरीकाछत्तीसगढ़
4 अक्तू॰ 2026, 7:45 pm (41 मिनट पहले)· 0

अरहर दाल के साथ बनाएं पारंपरिक उड़द दाल बड़ी की सब्जी, जानिए पकाने का आसान तरीका

कम खर्च में स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन तैयार करने के लिए उड़द दाल की बड़ी और अरहर दाल का यह देसी तड़का एक बेहतरीन विकल्प है।

पारंपरिक खानपान में उड़द दाल बड़ी का स्वाद हमेशा से बेहद खास माना जाता रहा है। जब इस बड़ी को अरहर की दाल के साथ देसी तड़का लगाकर पकाया जाता है, तो यह साधारण भोजन को भी लाजवाब बना देती है। बेहद कम खर्च और सीमित सामग्री में बनने वाली यह सब्जी स्वाद के साथ पोषण भी देती है।

सामग्री की प्रारंभिक तैयारी और सफाई

इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत सामग्री की सफाई से होती है। सबसे पहले उड़द दाल की सूखी बड़ी को अच्छी तरह देखकर साफ कर लें और फिर साफ पानी से धोकर अलग निकाल कर रख लें। इसके साथ ही करीब एक कप अरहर की दाल लें और उसे भी साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। जब दाल और बड़ी दोनों पूरी तरह साफ हो जाएं, तब इन्हें पकाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

ये भी पढ़ें

प्रेशर कुकर में पकाने का तरीका

दाल और बड़ी को पकाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है। कुकर के अंदर धुली हुई अरहर दाल और उड़द दाल की बड़ी को एक साथ डालें। इसके बाद स्वादानुसार नमक, हल्दी और अन्य आवश्यक सामग्री मिलाएं। कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करके इसे मध्यम आंच पर करीब 10 मिनट तक पकने दें। इस समय के दौरान दाल पूरी तरह गल जाती है और बड़ी भी नरम होकर पक जाती है।

देसी तड़के का संयोजन

कुकर में दाल और बड़ी के पकने के बाद तड़के की तैयारी की जाती है। इसके लिए गैस चूल्हे पर एक कड़ाही रखें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें। कड़ाही के गर्म होते ही उसमें तेल डालें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें सरसों के दाने, कटी हुई हरी मिर्च और ताजा कड़ी पत्ता डालकर छौंक लगाएं। जब सरसों चटकने लगे और इन मसालों की महक चारों ओर फैलने लगे, तब तक तड़के को धीमी आंच पर भूनें।

मिश्रण और परोसने की विधि

तड़का तैयार होने के तुरंत बाद कुकर में उबली हुई अरहर दाल और उड़द बड़ी को सावधानीपूर्वक कड़ाही में पलट दें। करछुल की मदद से तड़के और दाल के मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इसे धीमी आंच पर करीब पांच मिनट तक उबलने दें, ताकि तड़के का पूरा स्वाद दाल और बड़ी के अंदर समा जाए। पांच मिनट बाद यह स्वादिष्ट सब्जी पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसे गरमागरम चपाती, पराठे या सादे उबले चावल के साथ थाली में परोसें।

सवाल-जवाब

इस व्यंजन में अरहर दाल की कितनी मात्रा इस्तेमाल होती है?
इस रेसिपी में करीब एक कप अरहर दाल का उपयोग किया जाता है।
कुकर में दाल और बड़ी को कितनी देर पकाना चाहिए?
दाल और बड़ी को कुकर में नमक, हल्दी और पानी के साथ करीब 10 मिनट तक पकाना चाहिए।
तड़के में किन मसालों का छौंक लगाया जाता है?
तड़के के लिए गर्म तेल में सरसों, हरी मिर्च और ताजा कड़ी पत्ता डालकर छौंक लगाया जाता है।
तड़का लगाने के बाद सब्जी को कितनी देर पकाया जाता है?
तड़के में उबली हुई दाल और बड़ी डालने के बाद इसे धीमी आंच पर करीब पांच मिनट तक पकाया जाता है।
इस तैयार सब्जी को किसके साथ परोसा जा सकता है?
इस स्वादिष्ट सब्जी को गरमागरम रोटी या सादे चावल के साथ परोसा जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·7 मिनट पहले

दाल-बड़ी का यह कॉम्बिनेशन सच में गजब है। रोज-रोज की अरहर से ऊब जाओ तो यह बढ़िया देसी जुगाड़ है, तड़के की महक से ही भूख दोगुनी हो जाती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 मिनट पहले

रोहन भाई, एकदम सही कहा आपने। ऐसी देसी चीज़ें खाने का मज़ा ही अलग है और घर पर रोज़ के खाने में बढ़िया बदलाव मिल जाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp