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अलवर में सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को फंसाकर लूटने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तारभारत
4 अग॰ 2026, 8:08 pm (85 दिन पहले)· 1

अलवर में सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को फंसाकर लूटने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तार

अलवर की अरावली विहार थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर सस्ते सामान का लालच देकर गुजरात के एक व्यापारी के अपहरण और लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली है।

राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापारियों को अपने जाल में फंसाता था और फिर अपहरण कर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था। अरावली विहार थाना पुलिस ने इस मामले में दो प्रमुख आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय इस तरह के आपराधिक नेटवर्क की कलई खुल गई है जो डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर भोले-भाले कारोबारियों को निशाना बना रहे थे।

साजिश और वारदात का पूरा घटनाक्रम

जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस महकमे ने एक प्रभावी रणनीति बनाई थी। इस पूरी कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक दिलीप मीना के मार्गदर्शन में तैयार की गई विशेष टीम ने अंजाम दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए गुजरात के एक व्यापारी से संपर्क साधा था। बदमाशों ने उस व्यापारी को बहुत ही कम दामों पर सामान उपलब्ध कराने का झांसा दिया और एक बिजनेस डील के बहाने अलवर आने का न्योता दिया। जब व्यापारी अलवर पहुंचा तो गिरोह के सदस्यों ने उसे बातचीत के लिए अपनी गाड़ी में बैठा लिया और एक्सप्रेस-वे की तरफ ले गए। वहां एक सुनसान जगह पर ले जाकर अपराधियों ने पीड़ित के साथ जमकर मारपीट की, उसे जान से मारने के गंभीर खतरे से डराया और उसके पास मौजूद नकदी जबरन छीन ली। यहीं नहीं, आरोपियों ने अपनी धौंस जमाते हुए और शारीरिक प्रताड़ना देकर व्यापारी के बैंक खातों से ऑनलाइन माध्यम से फर्जी खातों में पैसे भी ट्रांसफर करवा लिए।

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सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

अपराध की गंभीरता को भांपते हुए अरावली विहार थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और तेजी से कदम उठाए। पुलिस दल ने शहर के विभिन्न रास्तों और घटना से जुड़े संभावित मार्गों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की। इस लंबी और तकनीकी छानबीन के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर गाड़ी की मूवमेंट के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिला जो वारदात में प्रयुक्त हुई थी। जब पुलिस ने इस वाहन के असली मालिक का पता लगाकर उससे पूछताछ की तो यह तथ्य सामने आया कि उस कार को किराए पर लिया गया था। इसी एकमात्र अहम सुराग को आधार बनाकर पुलिस ने आगे की कड़ियां जोड़ी और अंततः आरोपियों के ठिकाने का पता लगाकर उन्हें धर दबोचा।

अन्य वारदातों का पर्दाफाश और तलाश जारी

पुलिस की शुरुआती पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि उनका यह गिरोह इसी तरीके से सोशल मीडिया का जाल बिछाकर दूसरे राज्यों के व्यापारियों को अपना निशाना बनाता था। वे उन्हें अलवर बुलाते थे और फिर सुनसान जगहों पर ले जाकर सुनियोजित तरीके से लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छिटपुट अपराध नहीं बल्कि एक बड़ा संगठित गिरोह है जिसके तार दूर-दूर तक जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकी बचे फरार सदस्यों की तलाश में सरगर्मी से जुटी हुई है और पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके द्वारा पूर्व में की गई अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में भी पुख्ता सुराग जुटाए जा सकें।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले में हुई है?
यह घटना अलवर जिले के अरावली विहार थाना क्षेत्र में हुई है।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अपराधियों ने किस राज्य के व्यापारी को निशाना बनाया था?
अपराधियों ने गुजरात के एक व्यापारी को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर निशाना बनाया था।
वारदात का खुलासा करने में किस तकनीक ने मदद की?
पुलिस ने शहर और आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर इस मामले का खुलासा किया।
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