सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटामहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिजहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराराजस्थान में बीजेपी की स्थाई सत्ता का मदन राठौड़ ने जताया भरोसा, डोटासरा और गहलोत पर किए तीखे प्रहारझालावाड़ में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, तीन हजार किलो संदिग्ध मावा सीज और मिठाइयां नष्टअमेज़न पर ₹699 की शुरुआती कीमत से मिल रहे रूम हीटर, ओरिएंट इलेक्ट्रिक और फास्ट्रॉन के मॉडलों पर भारी छूटबल्लभगढ़ बस स्टैंड पर बढ़ी बसों की संख्या, आगरा और अलीगढ़ जाने वालों के लिए राहतदिवाली 2026 पर संडे को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग और 10 नवंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, नया शेड्यूल जारी
अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने छोड़ा पद, पंजाब में सत्ताधारी दल पर गहराया संकटपंजाब
2 नव॰ 2026, 10:24 am (4 दिन पहले)· 0

अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने छोड़ा पद, पंजाब में सत्ताधारी दल पर गहराया संकट

अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है, जबकि पटियाला जिले के दो अन्य विधायक पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं।

पंजाब की सत्तारूढ़ राजनीति में अंदरूनी कलह तेज होने के बीच अमृतसर नॉर्थ के जन प्रतिनिधि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी विधानसभा सदस्यता त्यागने का कदम उठाया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र विधिवत रूप से विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया है। पुलिस सेवा में आईपीएस अधिकारी रह चुके कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पिछले राज्य विधानसभा चुनावों से ऐन पहले अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति का रुख किया था और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके इस ताजा फैसले से राज्य में सत्ताधारी दल को लगातार झटके लग रहे हैं।

पटियाला जिले के दो अन्य प्रतिनिधियों ने भी तोड़ा नाता

कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस कदम से ठीक पहले पटियाला अंचल के दो विधायकों ने संगठन से अलग होने का औपचारिक ऐलान किया था। इनमें समाना हलके के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा तथा सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने रविवार के दिन दल की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। इन दोनों नेताओं की विदाई ऐसे मोड़ पर सामने आई, जब संगठन ने 2027 के राज्य विधानसभा चुनाव के वास्ते चालीस प्रत्याशियों की आरंभिक सूची जारी की थी। हालांकि उस पहली सूची में समाना और सनौर दोनों ही सीटों के लिए किसी प्रत्याशी के नाम पर मुहर नहीं लगाई गई थी। इन दोनों नेताओं के भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं, मगर किसी भी नेता ने अपने भावी सियासी रुख की औपचारिक घोषणा नहीं की है।

ये भी पढ़ें

प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सामाजिक मुद्दों पर उठाए सवाल

चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों से रूबरू होते हुए चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भगवंत मान के नेतृत्व वाले शासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थों के बढ़ते फैलाव को लेकर चिंता जताई और इस दिशा में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के कत्ल का मामला उठाया। इसके साथ ही उन्होंने संगरूर जिले के गांव तुरबंजारा के रहने वाले गुलजार सिंह द्वारा की गई खुदकुशी की घटना को लेकर भी मौजूदा निजाम को आड़े हाथों लिया। जौड़ामाजरा ने खेती किसानी से जुड़े मसलों की चर्चा करते हुए फसलों पर एमएसपी उपलब्ध कराने के अधूरे वादों और सरकारी विद्यालयों में अध्यापकों की भारी कमी की ओर भी ध्यान दिलाया।

राज्य के बढ़ते कर्ज और शासन व्यवस्था पर आरोप

सनौर हलके के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने प्रांतीय प्रशासन पर चढ़ते वित्तीय कर्ज को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। पठानमाजरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे संगठन के शीर्ष रणनीतिकार राज्य की सत्ता को नियंत्रित कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर चुने गए प्रांतीय नेताओं के पास प्रशासनिक निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं बचा है। अपने भविष्य की योजना पर पठानमाजरा ने केवल इतना कहा कि वे उस राजनीतिक मंच को चुनेंगे जिससे समूचे पंजाब का व्यापक हित सध सके। यह पहला अवसर नहीं है जब पठानमाजरा ने अपने ही दल के कामकाज की आलोचना की हो, वे पूर्व में भी ऐसी आवाजें उठाते रहे हैं। इससे पहले जीरकपुर की एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई दुष्कर्म की शिकायत पर उनके खिलाफ कानूनी केस दर्ज हुआ था। इसी मामले में मार्च के महीने में पंजाब पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से हिरासत में लिया था, जिसके बाद मई माह में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से उन्हें नियमित जमानत मंजूर की गई थी।

सवाल-जवाब

कुंवर विजय प्रताप सिंह किस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?
कुंवर विजय प्रताप सिंह पंजाब के अमृतसर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने राजनीति में आने से पहले कौन सा पद संभाला था?
वह एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया था।
पटियाला जिले से किन दो विधायकों ने इस्तीफा दिया है?
समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने अपनी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी है।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने प्रशासन पर किन प्रमुख मुद्दों को लेकर सवाल उठाए?
उन्होंने नशे की समस्या, कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या, गुलजार सिंह की आत्महत्या, फसलों पर एमएसपी और शिक्षकों की कमी के मुद्दे उठाए।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने सरकार के संदर्भ में क्या आरोप लगाया?
उन्होंने पंजाब पर बढ़ते कर्ज और दिल्ली स्थित पार्टी नेताओं द्वारा पंजाब की सरकार चलाए जाने का आरोप लगाया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

मुझे शक है कि ये इस्तीफे महज़ अंदरूनी कलह हैं, टिकट कटने का गुस्सा भी तो हो सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है। टिकट मिलने की उम्मीद टूटे तो ऐसे बड़े कदम उठना आम बात है।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

कुंवर विजय प्रताप का इस्तीफा देखकर मुझे वो दिन याद आ गया जब चुनाव से पहले उन्होंने अचानक नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा था। अमृतसर में उनके दफ्तर के बाहर तब जैसी भीड़ थी, उसे देखकर लगता नहीं था कि हालात इतनी जल्दी बदल जाएंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन भाई, सच कहा आपने। तब और आज में बहुत फर्क आ गया है, राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ पता नहीं चलता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp