रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
अनपेड ई-चालान की वसूली के लिए बिजली कनेक्शन काटने पर विचार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिए कड़े सुझावभारत
29 सित॰ 2026, 8:40 am (2 दिन पहले)· 0

अनपेड ई-चालान की वसूली के लिए बिजली कनेक्शन काटने पर विचार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिए कड़े सुझाव

देश भर में ई-चालान के भारी बकाये से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बिजली बिल से फाइन जोड़ने, बिजली काटने और गाड़ी जब्त करने जैसे सख्त कदमों का प्रस्ताव दिया है।

वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और उसके बाद चालान न भरने की बढ़ती आदत पर देश की शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह मशविरा दिया गया कि अनपेड ई-चालान के जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करने के लिए इसे सीधे बिजली के बिलों से जोड़ा जा सकता है। अदालत का यह विचार उन वाहन स्वामियों के लिए एक बड़ा संकेत है जो महीनों तक पेंडिंग चालान को नजरअंदाज करते रहते हैं, क्योंकि नियम लागू होने की स्थिति में जुर्माना न भरने पर घर की बिजली गुल होने का जोखिम खड़ा हो सकता है।

45,000 करोड़ रुपये के बकाया ई-चालान का बोझ

यह मामला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष आया था। पीठ इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक वॉयलेशन और उसके चलते अटके पड़े जुर्माने की वसूली से जुड़ी एक याचिका की पड़ताल कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह गंभीर आंकड़ा पेश किया गया कि देश के तमाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 45,000 करोड़ रुपये के ई-चालान अभी भी बकाया हैं। अब तक इस विशाल धनराशि में से केवल 25,000 करोड़ रुपये की ही वास्तविक वसूली हो पाई है। अदालत ने माना कि बकाये के इस भारी बैकलॉग को खत्म करने और सड़कों पर चालकों के भीतर यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी तय करने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था जरूरी है।

ये भी पढ़ें

बिजली कटौती से लेकर गाड़ियां जब्त करने के सख्त विकल्प

सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला ने जोर देकर कहा कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ट्रैफिक चालान का भुगतान नहीं करता है, तो संबंधित अधिकारियों को उसके घर का बिजली कनेक्शन काटने जैसे कड़े विकल्पों पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा पीठ ने यह भी कहा कि सड़कों पर रैंडम व्हीकल चेकिंग अभियान चलाए जाने चाहिए और जिन वाहनों पर पुराने चालान पेंडिंग हैं, उन्हें मौके पर ही जब्त किया जाए। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियम तोड़ने वाले लोग बिना किसी जवाबदेही के अपनी गाड़ियां सड़कों पर न दौड़ा सकें।

वाहन सेवाओं पर रोक और पोर्टल पर ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

बेंच ने जुर्माना न भरने वालों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की पाबंदियों का खाका भी सामने रखा। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि जब तक लंबित चालान की पूरी राशि जमा न कर दी जाए, तब तक वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी के रिन्यूअल, वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल यानी पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने पर भी रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा डिफॉल्टर वाहनों को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने, डुप्लीकेट आरसी जारी न करने और ओनरशिप ट्रांसफर जैसी जरूरी नागरिक सेवाओं को रोकने की बात भी कही गई है।

चर्चा के स्तर पर हैं सुझाव, अंतिम आदेश आना अभी बाकी

शीर्ष अदालत में सामने आए ये सभी उपाय फिलहाल सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक टिप्पणियों और चर्चाओं का हिस्सा हैं। इसका अर्थ यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम नियम या बाध्यकारी निर्देश जारी नहीं किया है। फिर भी, अदालत के इस कड़े रुख से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से वसूली के लिए बेहद सख्त कानूनी और प्रशासनिक रास्ते अपना सकती हैं।

सवाल-जवाब

क्या सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैफिक चालान न भरने पर बिजली काटने का अंतिम आदेश दिया है?
नहीं, यह कोई अंतिम आदेश या नियम नहीं है बल्कि सुनवाई के दौरान पीठ द्वारा राज्यों को दिया गया एक सुझाव मात्र है।
देश भर में ई-चालान का कितना जुर्माना अभी बकाया है?
अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार देश भर में लगभग 45,000 करोड़ रुपये के ई-चालान बकाया हैं, जिनमें से केवल 25,000 करोड़ रुपये ही वसूल हो सके हैं।
इस मामले की सुनवाई किन जजों की बेंच कर रही थी?
इस याचिका पर सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ कर रही थी।
जुर्माना न भरने वाले वाहनों पर किन सेवाओं की रोक का प्रस्ताव है?
सुप्रीम कोर्ट ने आरसी रिन्यूअल, फिटनेस, पीयूसी जारी करने, डुप्लीकेट आरसी, ओनरशिप ट्रांसफर और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का सुझाव दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·1 दिन पहले

ट्रैफिक चालान न भरने पर अब बिजली काटने की बात अजीब है। 45 हजार करोड़ का बकाया है तो सख्ती जरूरी है, पर घर की बिजली का इससे क्या लेना-देना? गाड़ी सीज करना या लाइसेंस रद्द करना समझ आता है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

बिजली बिल से चालान जोड़ना तो हद है, भाई! कोर्ट को वसूली के लिए और तरीके देखने चाहिए।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·1 दिन पहले

रविकेश जी, बात हद पार करने की नहीं है, इतने बकाये के बाद लोग मानते कहाँ हैं? थोड़ा कड़ा रुख तो होना ही चाहिए था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

भाई, चालान न भरने पर बिजली काटने वाली बात कुछ ज्यादा ही हो गई। ₹45,000 करोड़ का बकाया वसूलने के लिए कोर्ट ने तगड़ा शिकंजा कस दिया है, पर लाइसेंस और आरसी रोकना ही काफी था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

करण भाई, लाइसेंस और आरसी रोकने से लोग कहां डरते हैं। जब तक जेब और घर पर सीधी चोट न पड़े, तब तक कोई नियम नहीं मानता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp